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कानपुर में अाैवैसी ने दिखाई ताकत, विराेधी हुए परेशान
टीम डिजिटल, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:31 AM IST
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अाैवैसी के लिए कानपुर में जुटी भारी भीड़
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
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आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी शुक्रवार को कानपुर आए। जाजमऊ की हबीबा मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी। नमाज के बाद मस्जिद के बाहर काफी तादाद में जमा समर्थकों की भीड़ देखकर वह काफिला छोड़कर लखनऊ लौट गए। बीच रास्ते से लौटने के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष को फोन पर बताया कि अभी धारा-144 का उल्लंघन हो रहा है, इसलिए वापस जा रहे हैं, दोबारा आएंगे।
शुक्रवार को तलाक महल में ओवैसी की जनसभा को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। फिर भी वह शहर आए। दोपहर ढाई बजे जाजमऊ की हबीबा मस्जिद से नमाज पढ़कर निकले। बाइकों पर सवार युवा समर्थकों और कारों के काफिले से वह पोखरपुर होते हुए मक्का मस्जिद और मदीना मस्जिद पहुंचे। काफिला दाएं मुड़कर इफ्तिखाराबाद जाने लगा तो उनकी गाड़ियां बाएं मुड़कर लखनऊ निकल गईं। आगे जिलाध्यक्ष और समर्थक इंतजार ही करते रह गए। बाद में प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जिलाध्यक्ष से फोन पर कहा कि धारा-144 लागू है और भीड़ ज्यादा है। इसलिए ओवैसी वापस जा रहे हैं। बिना अनुमति के बतौर सांसद और नागरिक उन्हें कानपुर आकर नमाज पढ़कर जवाब देना था। अबकी जनसभा की अनुमति लें तो इस बार जनसभा होगी।
इस तरह से बीच रास्ते काफिला छोड़कर दूसरे रास्ते से मुड़कर लौटने से समर्थक मायूस भी हुए। उनका कहना था कि जब सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता और इफ्तिखाराबाद में आर्य नगर प्रत्याशी के घर पहुंचने और जनसंपर्क का कार्यक्रम था तो वापस क्यों हुए। यह सवाल भी उठाया कि अगर प्रशासन की बात इतना मानना था तो कानपुर क्यों आए। मोहम्मद आसिफ ने कहा कि मुसलमानों के हक की लड़ाई के लिए सरकार और प्रशासन से लड़ना होगा, सिर्फ अनुमति न देने पर वापस होना ठीक नहीं रहा।
शुक्रवार को तलाक महल में ओवैसी की जनसभा को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। फिर भी वह शहर आए। दोपहर ढाई बजे जाजमऊ की हबीबा मस्जिद से नमाज पढ़कर निकले। बाइकों पर सवार युवा समर्थकों और कारों के काफिले से वह पोखरपुर होते हुए मक्का मस्जिद और मदीना मस्जिद पहुंचे। काफिला दाएं मुड़कर इफ्तिखाराबाद जाने लगा तो उनकी गाड़ियां बाएं मुड़कर लखनऊ निकल गईं। आगे जिलाध्यक्ष और समर्थक इंतजार ही करते रह गए। बाद में प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जिलाध्यक्ष से फोन पर कहा कि धारा-144 लागू है और भीड़ ज्यादा है। इसलिए ओवैसी वापस जा रहे हैं। बिना अनुमति के बतौर सांसद और नागरिक उन्हें कानपुर आकर नमाज पढ़कर जवाब देना था। अबकी जनसभा की अनुमति लें तो इस बार जनसभा होगी।
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इस तरह से बीच रास्ते काफिला छोड़कर दूसरे रास्ते से मुड़कर लौटने से समर्थक मायूस भी हुए। उनका कहना था कि जब सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता और इफ्तिखाराबाद में आर्य नगर प्रत्याशी के घर पहुंचने और जनसंपर्क का कार्यक्रम था तो वापस क्यों हुए। यह सवाल भी उठाया कि अगर प्रशासन की बात इतना मानना था तो कानपुर क्यों आए। मोहम्मद आसिफ ने कहा कि मुसलमानों के हक की लड़ाई के लिए सरकार और प्रशासन से लड़ना होगा, सिर्फ अनुमति न देने पर वापस होना ठीक नहीं रहा।
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