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अपराजिता: अब पीछे नहीं हटूंगी, शोहदे को सबक सिखाकर रहूंगी, बोली उसे डरना होगा
Fri, 05 Mar 2021 05:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Mar 2021 05:01 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मैं थक गई थी, बहुत थक गई थी, रोज-रोज के भद्दे कमेंट सुनकर, खौफ भरी जिंदगी जीकर। न घर के बाहर जा सको, न छत पर खड़ी हो सको। हमेशा यही डर, कहीं पीछा तो नहीं कर रहा है। दो साल तक मानसिक अवसाद से गुजरी। बैंक की नौकरी भी छोड़ दी कि घर से बाहर नहीं निकलूंगी तो सब ठीक हो जाएगा। कुछ ठीक नहीं हुआ, अब तो चौखट से बाहर भी निकलना बंद हो गया।
मुझे बेबस, मायूस देखकर परिवार वालों ने हिम्मत बंधाई। मुझे भी हालात से हारना मंजूर न था, बल्कि अपराजिता बन आगे बढ़ना था। अंतत: दो साल बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अब अपनी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाकर ही चैन से बैठूंगी। यह आपबीती है छेड़खानी की शिकार चकेरी क्षेत्र की युवती की, जिसने शोहदे की हरकतों से तंग आकर यूपीएससी की कोचिंग जाना छोड़ दिया, प्राइवेट बैंक की नौकरी से भी इस्तीफा देना पड़ा।
शोहदे के दुस्साहस से टूट चुकी, हार चुकी युवती अब नई हिम्मत और नई ताकत के साथ उठ खड़ी हुई है। कहती है अब पीछे नहीं हटेगी। शोहदे को सबक सिखाकर ही दम लेगी। अमर उजाला से खास बातचीत में युवती ने बताया कि वह 2018 से इस परेशानी से गुजर रही है। घर के सामने रहने वाले रिषभ भदौरिया ने ऑफिस आना जाना मुश्किल कर दिया था।
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मुझे बेबस, मायूस देखकर परिवार वालों ने हिम्मत बंधाई। मुझे भी हालात से हारना मंजूर न था, बल्कि अपराजिता बन आगे बढ़ना था। अंतत: दो साल बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अब अपनी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाकर ही चैन से बैठूंगी। यह आपबीती है छेड़खानी की शिकार चकेरी क्षेत्र की युवती की, जिसने शोहदे की हरकतों से तंग आकर यूपीएससी की कोचिंग जाना छोड़ दिया, प्राइवेट बैंक की नौकरी से भी इस्तीफा देना पड़ा।
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शोहदे के दुस्साहस से टूट चुकी, हार चुकी युवती अब नई हिम्मत और नई ताकत के साथ उठ खड़ी हुई है। कहती है अब पीछे नहीं हटेगी। शोहदे को सबक सिखाकर ही दम लेगी। अमर उजाला से खास बातचीत में युवती ने बताया कि वह 2018 से इस परेशानी से गुजर रही है। घर के सामने रहने वाले रिषभ भदौरिया ने ऑफिस आना जाना मुश्किल कर दिया था।
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अश्लील कमेंट, धमकियों से तंग आ गई थी। घर पर मां, भाई, भाभी हैं, सभी ने रिषभ के घर जाकर बात करने की कोशिश की, लेकिन परिणाम सिफर रहा। उल्टा रिषभ के घरवाले ही धमकी देकर भगा देते थे। बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रही है। उसे कोचिंग तक बंद करनी पड़ी थी, ऑनलाइन गाइडेंस ले रही है।
कई बार रिपोर्ट कराने का ख्याल आया, लेकिन हर बार डर हावी रहता। समाज क्या कहेगा, लोग मुझे ही दोषी ठहराएंगे। आखिर में भाई ने समझाया और हिम्मत दी। उनकी मदद से ही रिपोर्ट लिखवाई है। पुलिस का भी सकारात्मक सहयोग रहा। अब सोचती हूं तो लगता है कि यह काम बहुत पहले करना चाहिए था। अब वह नहीं डरेगी, बल्कि उसे इस हाल तक लाने वाले शोहदे को डरना होगा।
पुलिस ने पीड़ित युवती के लिए बयान
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र की सनिगवां चौकी प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि पीड़ित युवती के बयान दर्ज किए गए हैं। अब कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
कई बार रिपोर्ट कराने का ख्याल आया, लेकिन हर बार डर हावी रहता। समाज क्या कहेगा, लोग मुझे ही दोषी ठहराएंगे। आखिर में भाई ने समझाया और हिम्मत दी। उनकी मदद से ही रिपोर्ट लिखवाई है। पुलिस का भी सकारात्मक सहयोग रहा। अब सोचती हूं तो लगता है कि यह काम बहुत पहले करना चाहिए था। अब वह नहीं डरेगी, बल्कि उसे इस हाल तक लाने वाले शोहदे को डरना होगा।
पुलिस ने पीड़ित युवती के लिए बयान
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र की सनिगवां चौकी प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि पीड़ित युवती के बयान दर्ज किए गए हैं। अब कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।