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Anti-Sikh riot: एसआईटी ने कानपुर में दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, पांच सिखों की हत्या का है आरोप
Wed, 24 Aug 2022 01:37 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 24 Aug 2022 01:37 PM IST
सार
सिख विरोधी दंगे के दो और आरोपियों को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर पांच सिखों की हत्या का आरोप है।
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पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोपहर बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए। पांच सिखों की हत्या में ये दोनों आरोपी बनाए गए थे। 31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगों में कानपुर में 127 सिखों की हत्या की गई थी।
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इन केसों की जांच शासन के निर्देश पर गठित एसआईटी कर रही है। एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि दादा नगर में हुई एक वारदात में सरदार भगत सिंह व दूसरी वारदात में जोगेंदर सिंह, शीला रानी, दलजीत सिंह व सतनाम सिंह की हत्या कर उनके शव जला दिए गए थे।
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दंगाइयों ने सिखों के घरों में डाका भी डाला था। डीआईजी के मुताबिक वारदात में सेवाग्राम कालोनी दादा नगर निवासी मुन्ना शुक्ला उर्फ राम प्रकाश शुक्ला (76) व सलीम (65) शामिल थे। उनके खिलाफ गवाहों ने बयान दिए थे। रंगनाथ मिश्र आयोग की जांच रिपोर्ट से मिले शपथ पत्रों में भी इन आरोपियों के नाम दर्ज हैं। उसी आधार पर इन दोनों की गिरफ्तारी की गई है। एसआईटी की जांच में सामने आया कि राम प्रकाश कई बड़े नेताओं का करीबी था। इसलिए वारदात को अंजाम देने के बाद भी चार दशक से आजाद घूम रहा था।
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