कानपुर : करोड़ों की ठगी में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद पर एक और एफआईआर, सीबीआई जांच शुरू
रोपड़ में प्रापर्टी दिलाने के नाम पर 25 हजार करोड़ की ठगी के मामले में टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सदस्य पर एक और एफआईआर दर्ज हुई है। सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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कानपुर में करीब पांच हजार से ज्यादा लोगों को 10 हजार करोड़ का चूना लगाया है। पहली रिपोर्ट चकेरी निवासी पवन मिश्रा ने सितंबर 2019 को कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। दूसरी रिपोर्ट सीबीआई में कल्याणपुर नवशील धाम निवासी अशोक कुमार बजाज की तरफ से दर्ज कराई गई है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पूर्व सांसद ने 16 कंपनियां बनाकर अरबों रुपये की धोखाधड़ी निवेशकों के साथ की है। अशोक कुमार बजाज ने सीबीआई में शिकायत की थी कि एलकेमिस्ट रियल इस्टेट इंफ्रा लिमिटेड ने पंजाब के रोपड़ जिले में प्लाट, विला या अपार्टमेंट देने का आफर दिया था।
साथ ही लिखित में ये भी आश्वासन दिया था कि जमीन या प्रापर्टी न मिलने की स्थिति में 18 फीसदी ब्याज के साथ पैसा वापस किया जाएगा। एलकेमिस्ट ग्रुप ने माल रोड के रोलैंड टावर में आफिस खोला था। यहां पहले एक कंपनी बनाई गई, फिर देखते ही देखते 16 कंपनियों के दफ्तर यहां पर खोल लिए गए।
कंपनी में भरोसा दिलाने के लिए जो दस्तावेज दिखाए गए, जिसमें बताया गया कि राज्यसभा सदस्य केडी सिंह की कंपनी है। इसलिए चिंता करने वाली बात नहीं है। कागजात देखने के बाद निवेशकों को भरोसा हो जाता था और पैसा लगा देते थे। बजाज ने सीबीआई से कहा कि उन्हें न तो पैसा वापस मिला और न ही जमीन।
सीबीआई ने शिकायत पर जांच की तो पाया कि पंजाब में एक इंच जमीन एलकेमिस्ट के नाम पर नहीं है। जांच में ये भी मिला कि 16 कंपनियों के जरिए 15 लाख से ज्यादा निवेशकों से 25 हजार करोड़ रुपये हड़प लिए गए हैं। घोटाले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।
दर्ज एफआईआर में केडी सिंह के अलावा निदेशक सत्येंद्र कुमार सिंह, सुचेता खेमका, जय श्रीप्रकाश सिंह, बृजमोहन महाजन, छत्रसाल सिंह और नंदकिशोर सिंह को आरोपी बनाया गया है। दूसरे मामले की विवेचना बीते एक साल से ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) कानपुर की टीम कर रही है। इस केस में आरोपी ने कोर्ट से अरेस्ट स्टे ले रखा था। अब तक उससे पूछताछ नहीं हो सकी है।