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Kanpur News: महिला अस्पताल की जगह ले गए एएनएम सेंटर, प्रसूता की हुई मौत

Sun, 12 Nov 2023 12:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Nov 2023 12:08 AM IST
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ANM center was taken in place of Jhinj women's hospital, mother died, crowd gathered in the market and roads remained jammed
कानपुर देहात। राजपुर पीएचसी से एक प्रसूता को जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन आशा कार्यकर्ता प्रसूता को एंबुलेंस से भोगनीपुर के एएनएम सेंटर ले गई। वहां आधा घंटा परीक्षण के बाद प्रसूता को परिवार के लोग महिला अस्पताल ले आए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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संस्थागत प्रसव को लेकर सरकार बढ़ावा दे रही हैं। मगर जिम्मेदारों की लापरवाही से जान जा रही है। राजपुर ब्लॉक के पैलावर निवासी सुनील कुमार दोहरे की गर्भवती पत्नी सुषमा (34) शुक्रवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो सुनील आशा कार्यकर्ता की मदद से पत्नी को राजपुर पीएचसी लेकर आए। वहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उसे एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सुनील का आरोप है कि गांव की आशा ने भोगनीपुर के अस्पताल में प्रसव कराने की बात कहते हुए वहां के एक एएनएम सेंटर ले गई। वहां पर एएनएम ने आधा घंटा तक परीक्षण किया। इस दौरान एंबुलेंस चालक ने सुनील से किराए के नाम पर 400 रुपये लिए और चला गया। सुनील का कहना है कि आधा घंटा तक परीक्षण के बाद जब सुषमा बेसुध हो गई तो वह टेंपो कर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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रुपयों के लालच में प्रसूता को एएनएम सेंटर ले गई थी आशा
सुनील ने आशंका जताई है कि रुपयों के लालच में आशा उसे गुमराह कर एएनएम सेंटर ले गई थी। इस वजह से पत्नी को समय पर उपचार नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई।
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हर दिन आशा सीसीटीवी में होती कैद, अधिकारियों की आंख बंद
पूरे जिले में आशा और एएनएम की सांठगांठ किसी से छिपी नहीं है। सीएचसी से जिला महिला अस्पताल को रेफर होने वाली प्रसूता को आशा गुमराह कर निजी अस्पताल ले जाती हैं। इसके एवज में उन्हें कमीशन और महंगे गिफ्ट मिलते हैं। आशाओं का यह खेल निजी अस्पतालों के सीसीटीवी में कैद हो जाता है, लेकिन अधिकारियों की आंख बंद होने की वजह से कार्रवाई नहीं हो पाती।
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कमीशनबाजी में एक एएनएम हो चुकी है निलंबित
राजपुर ब्लॉक की एएनएम रामाकांती और अकबरपुर के निजी अस्पताल संचालक की बातचीत के दौरान कमीशन मांगा था। 25 अप्रैल 2022 को मामले में शिकायत पर तत्कालीन डीएम नेहा जैन के आदेश पर सीएमओ डॉ. एके सिंह ने एएनएम को निलंबित कर दिया था।

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मेरे एएनएम सेंटर में गर्भवती सुषमा को लेकर परिवार के लोग आए थे। प्रसव मेरे स्तर का न होने की वजह से जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया था।
-राजरानी, एएनएम, भोगनीपुर उपस्वास्थ्य केंद्र
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प्रसूता की मौत होने की जानकारी मिली है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।--डॉ. अमित निरंजन, प्रभारी चिकित्साधिकारी, अमरौधा पीएचसी
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