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बांदा: तहसील दफ्तर की तरफ हांकी अन्ना मवेशियों की फौज, हजार से ज्यादा पशु देख मचा हड़कंप
Wed, 02 Oct 2019 10:11 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 02 Oct 2019 10:11 AM IST
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तहसील दफ्तर की तरफ हांकी अन्ना मवेशियों की फौज
- फोटो : अमर उजाला
खेत-खलिहान से लेकर आबादी तक अन्ना पशुओं के उत्पात से गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को अचानक हजार से ज्यादा जानवरों को तहसील दफ्तर की ओर हांकना शुरू कर दिया। दस से अधिक गांवों के लोगों के ऐसे तेवर का पता चलते ही तहसील परिसर में समाधान दिवस आयोजित कर रहे अफसर मूल काम भूल मौके की ओर दौड़े।
रोकने की कोशिश में फोर्स की ग्रामीणों से नोकझोंक हुई। क्षेत्र के एक गांव में अन्ना मवेशियों का ठिकाना सुनिश्चित कराने का भरोसा मिलने पर ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद गोवंशीय पशुओं की फौज को तहसील परिसर तक लाने से रोका जा सका। वाकया मंगलवार दोपहर का है।
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रोकने की कोशिश में फोर्स की ग्रामीणों से नोकझोंक हुई। क्षेत्र के एक गांव में अन्ना मवेशियों का ठिकाना सुनिश्चित कराने का भरोसा मिलने पर ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद गोवंशीय पशुओं की फौज को तहसील परिसर तक लाने से रोका जा सका। वाकया मंगलवार दोपहर का है।
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जिलाधिकारी हीरालाल की मौजूदगी में बबेरू तहसील में समाधान दिवस का आयोजन चल रहा था। तभी जानकारी मिली कि ग्रामीणों का बड़ा समूह हजार से ज्यादा गोवंशीय पशओं को लेर तहसील की ओर बढ़ रहा है। ऐसा सुनते ही अफसरों व कर्मचारियों के हाथपांव फूल गए।
तत्काल अलग-अलग क्षेत्रों के लेखपालों को लेकर एस़डीएम महेंद्र प्रताप मवेशियों के साथ आ रहे ग्रामीणों को रोकने पहुंचे। तहसील मुख्यालय से काफी पहले कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पांडेय के साथ मौजूद पुलिस की मदद से ग्रामीणों को रोककर वार्ता शुरू की।
तत्काल अलग-अलग क्षेत्रों के लेखपालों को लेकर एस़डीएम महेंद्र प्रताप मवेशियों के साथ आ रहे ग्रामीणों को रोकने पहुंचे। तहसील मुख्यालय से काफी पहले कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पांडेय के साथ मौजूद पुलिस की मदद से ग्रामीणों को रोककर वार्ता शुरू की।
गुस्साए ग्रामीणों ने अन्ना मवेशियों की समस्या से स्थायी रूप से मुक्ति न मिलने का हवाला देकर सिस्टम पर सवाल उठाए। सरकारी टीम में शामिल एक कर्मचारी के तल्ख तेवर दिखाने पर ग्रामीणों के दल की अगुवाई कर रहे पीसी पटेल की नोकझोंक शुरू हो गई।
माहौल न संभलता देख एसडीएम महेंद्र प्रताप और सीओ कुलदीप सिंह ने बिसंडा थाना क्षेत्र के घूरी गांव में अन्ना मवेशियों का ठिकाना सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों को शांत किया जा सका। तहसील की ओर हांके जा रहे जानवरों का रुख बदलवाया जा सका।
माहौल न संभलता देख एसडीएम महेंद्र प्रताप और सीओ कुलदीप सिंह ने बिसंडा थाना क्षेत्र के घूरी गांव में अन्ना मवेशियों का ठिकाना सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों को शांत किया जा सका। तहसील की ओर हांके जा रहे जानवरों का रुख बदलवाया जा सका।