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Kanpur News: अस्पताल में शव छोड़ जाने पर भड़का गुस्सा, 8 घंटे चला हंगामा

Thu, 25 Jul 2024 05:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Thu, 25 Jul 2024 05:02 AM IST
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Anger erupted over dead body being left in the hospital, ruckus lasted for 8 hours
कानपुर देहात। जैनपुर की लेदर फैक्टरी में एक ही गांव के दो श्रमिकों की मौत की जानकारी पर भिखनापुर गांव के लोग व फैक्टरी में काम करने वाले आस-पास के श्रमिक जिला अस्पताल जा पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें शव नहीं दिखाए गए। इधर परिवार को पता चला कि फैक्टरी से आए लोग शव मोर्चरी में रखवाने के बाद चले गए। इसके बाद लोग फैक्टरी पहुंचे और वहां तोड़फोड़ कर 8 घंटे तक हंगामा करते रहे।
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सुबह 11 बजे के करीब काफी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंचे। मृतक पंकज की मां नीलम, बहन खुशबू समेत अन्य परिजनों ने मोर्चरी में रखे शव को दिखाने की बात कही। मगर अस्पताल कर्मियों ने शव नहीं दिखाए। इधर जानकारी मिली की फैक्टरी के सुपरवाइजर शत्रुघन सिंह व कौशल सिंह दोनों को लेकर आए थे। इसके बाद बिना बताए चले गए। यहीं से लोगों में गुस्सा भड़क गया। अस्पताल में कुछ देर रुकने के बाद परिवार व गांव के लोग फैक्टरी जा पहुंचे।
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यहां पर कुछ कर्मचारियों ने परिवार के लोगों को बताया कि पंकज व शिवम टैंक के पास सफाई कर रहे थे। सुबह दोनों टैंक में पड़े मिले। यहां पर महिलाओं के साथ गांव के लोगों ने फैक्टरी प्रबंधन पर लापरवाही व काम के दौरान सुरक्षा मानको का ध्यान रखे जाने का आरोप लगा जमकर हंगमा कर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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कुछ लोगों ने एक सुरक्षा कर्मी व एक सिपाही से हाथापाई कर दी। पुलिस ने शांत कराने का प्रयास किया तो महिलाएं भी हंगामा करने लगी। किसी तरह बल प्रयोग कर पुलिस ने हंगमा कर रहे लोगों को खदेड़ा। शाम पांच बजे के करीब दोनों मृतकों के परिवार को 16-16 लाख रुपये दिए जाने पर सहमति बनी। जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि समझौते के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
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शिवम पर थी घर की जिम्मेदारी
ईटीपी प्लांट में गिरने से श्रमिक शिवम की मौत के बाद भाई नीरज उर्फ कल्लू, निखिल, बहन प्रभा व मानसी के साथ परिवार के अन्य सदस्य बिलखते रहे। चचेरे भाई विशाल ने बताया कि शिवम के पिता सरमन कुमार व मां की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। छोटे भाई, बहनों की परवरिश व घर की जिम्मेदारी शिवम पर ही थी। बड़ी बहन प्रभा की शादी हो चुकी है।
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पंकज की मौत पर बदहवाश रहे माता-पिता
पंकज की टैंक में गिरने से मौत होने की जानकारी पर पिता राकेश व मां नीलम का बुरा हाल रहा। वहीं भाई रोहित, मोहित, बहन खुशबू बिलखती रही। पिता ने बताया कि बेटे की शादी तय हो चुकी है। नवंबर में शादी की तैयारी चल रही थी। वहीं चर्चा रही कि पंकज की सामूहिक विवाह समारोह में शादी हो चुकी है। हालांकि इस पर परिवार के लोग चुप्पी साधे रहे।

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गांव में पसरा रहा सन्नाटा, राज्यमंत्री ने बंधाया ढांढ़स
पंकज व शिवम एक ही गांव भिखनापुर के रहने वाले हैं। दोनों के घर भी पड़ोस में है। एक ही गांव के दो युवकों की मौत की खबर से काफी संख्या में लोग पीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाने अस्पताल पहुंचे। देर शाम तक पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया की गई। मगर पोस्टमार्टम नहीं हो सके। इधर गांव में मातम छाया रहा। जानकारी पर पूर्व सासंद अनिल शुक्ला वारसी व राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला भी पहुंची। दोनों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वान देकर फैक्टरी प्रबंधन से बात की। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन की ओर से सहमति बहने के बाद पंकज के पिता राकेश के नाम 813450 व मां नीलम के नाम 813450 की चेक दी गई है। वहीं शिवम के माता पिता न होने पर बहन मानसी को 542300, भाई धीरज कुमार को 542300 व निखिल को 542300 रुपये बरामबर की चेक दी गई है।
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