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ड्रीम प्रोजेक्ट की हैलट में ‘चीरफाड़’
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 13 Oct 2015 01:49 AM IST
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट कैंपस में सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट न्यूरो साइंस भवन का रोजाना ‘ऑपरेशन’ हो रहा है। कभी बनी दीवारें तोड़ी जा रही हैं तो कभी दरवाजे इधर-उधर किए जा रहे हैं।
दो तल बनने पर रैंप बनाने का ख्याल आया तो फिर तोड़फोड़ शुरू हो गई। दावा था कि जुलाई में न्यूरो साइंस भवन के भूतल में न्यूरोलॉजी की ओपीडी शुरू कर दी जाएगी लेकिन काम की स्पीड देखकर लग रहा है कि अभी महीनों लगेंगे।
प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार के प्रयासों से 15 जुलाई 2012 को सीएम अखिलेश यादव ने मेडिकल कॉलेज में न्यूरो साइंस भवन खोलने की घोषणा की थी। पहले भवन के लिए एक करोड़ रुपये मिले थे। बाद में शासन ने 8.71 करोड़ रुपये और दिए। निर्माण का काम कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस (सीएंडडीएस) को सौंपा गया।
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इस बीच जून 15 में शासन ने न्यूरो साइंस भवन में न्यूरोलॉजी विभाग और न्यूरो सर्जरी विभाग के गठन का आदेश दिया। साथ में चार रेजीडेंट के पद भी स्वीकृत किए। जुलाई में प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने दावा किया था कि एक महीने में न्यूरोलॉजी ओपीडी नए भवन में शिफ्ट हो जाएगी लेकिन निर्माण इकाई भूतल को ठीक नहीं कर सकी।
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दो तल बनने पर रैंप बनाने का ख्याल आया तो फिर तोड़फोड़ शुरू हो गई। दावा था कि जुलाई में न्यूरो साइंस भवन के भूतल में न्यूरोलॉजी की ओपीडी शुरू कर दी जाएगी लेकिन काम की स्पीड देखकर लग रहा है कि अभी महीनों लगेंगे।
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प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार के प्रयासों से 15 जुलाई 2012 को सीएम अखिलेश यादव ने मेडिकल कॉलेज में न्यूरो साइंस भवन खोलने की घोषणा की थी। पहले भवन के लिए एक करोड़ रुपये मिले थे। बाद में शासन ने 8.71 करोड़ रुपये और दिए। निर्माण का काम कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस (सीएंडडीएस) को सौंपा गया।
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इस बीच जून 15 में शासन ने न्यूरो साइंस भवन में न्यूरोलॉजी विभाग और न्यूरो सर्जरी विभाग के गठन का आदेश दिया। साथ में चार रेजीडेंट के पद भी स्वीकृत किए। जुलाई में प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने दावा किया था कि एक महीने में न्यूरोलॉजी ओपीडी नए भवन में शिफ्ट हो जाएगी लेकिन निर्माण इकाई भूतल को ठीक नहीं कर सकी।