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Kanpur News: आनंद छह दिन बाद जिंदगी से जंग हार गया
Sat, 02 Dec 2023 12:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 02 Dec 2023 12:57 AM IST
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सिकंदरा। शादी समारोह में हर्ष फायरिंग में घायल हुआ आनंद छह दिन बाद जिंदगी से जंग हार गया। उसकी मौत की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। सिकंदरा पुलिस ने भी कानपुर पहुंच जानकारी ली। शुक्रवार देर शाम शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख पुकार मच गई।
सिकंदरा के विमला गार्डन में खुर्जा बुलंदशहर के सनी की 25 नवंबर को बरात आई थी। वहां मानपुर डेरा गांव निवासी भगत सिंह का बेटा आनंद (14) बर्तन साफ करने गया था। समारोह के दौरान सनी के चाचा केशव और जीजा भरत ने कई राउंड हवाई फायर की। इस दौरान आनंद के पेट में गोली घुसकर कमर से निकल गई थी। परिवार के लोगों ने आनंद को कानपुर पनकी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां जांच के दौरान आंतों में छह जगह सुराग मिला तो डॉक्टरों की टीम ने उसका ऑपरेशन किया। पिता भगत सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से आनंद को होश नहीं आया था। उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। आनंद की मौत की जानकारी मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। यहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुक्रवार देर शाम शव गांव आया तो मां सावित्री देवी, छोटे भाई आदेश, अंकुश बहन अंजली और रजनी बिलखती रही। पड़ोस के लोग व ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते रहे। पिता ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष सिकंदरा निरीक्षक अमरेंद्र सिंह ने बताया कि हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। दोनों आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
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पिता बोला बेटे को पढ़ा लिखाकर बनाना चाहता था काबिल
आनंद अपने घर में सबसे तेज और परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाला बेटा था। वह साखिन बुजुर्ग के मां संतोषी टेक्निकल इंटर कॉलेज में कक्षा सात का छात्र था। बेटे की मौत से बदहवाश पिता रोते बिलखते हुए बताया कि वह बेटे को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाया था। पता नहीं किस मनहूस घड़ी में वह बरात में गांव के लड़कों के साथ चला गया।
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सिकंदरा के विमला गार्डन में खुर्जा बुलंदशहर के सनी की 25 नवंबर को बरात आई थी। वहां मानपुर डेरा गांव निवासी भगत सिंह का बेटा आनंद (14) बर्तन साफ करने गया था। समारोह के दौरान सनी के चाचा केशव और जीजा भरत ने कई राउंड हवाई फायर की। इस दौरान आनंद के पेट में गोली घुसकर कमर से निकल गई थी। परिवार के लोगों ने आनंद को कानपुर पनकी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां जांच के दौरान आंतों में छह जगह सुराग मिला तो डॉक्टरों की टीम ने उसका ऑपरेशन किया। पिता भगत सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से आनंद को होश नहीं आया था। उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। आनंद की मौत की जानकारी मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। यहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुक्रवार देर शाम शव गांव आया तो मां सावित्री देवी, छोटे भाई आदेश, अंकुश बहन अंजली और रजनी बिलखती रही। पड़ोस के लोग व ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते रहे। पिता ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष सिकंदरा निरीक्षक अमरेंद्र सिंह ने बताया कि हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। दोनों आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
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पिता बोला बेटे को पढ़ा लिखाकर बनाना चाहता था काबिल
आनंद अपने घर में सबसे तेज और परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाला बेटा था। वह साखिन बुजुर्ग के मां संतोषी टेक्निकल इंटर कॉलेज में कक्षा सात का छात्र था। बेटे की मौत से बदहवाश पिता रोते बिलखते हुए बताया कि वह बेटे को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाया था। पता नहीं किस मनहूस घड़ी में वह बरात में गांव के लड़कों के साथ चला गया।
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