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यूरिया कारखाने में अमोनिया रिसाव, भगदड़, 15 बेहोश
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sun, 15 May 2016 01:21 AM IST
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फर्टिलाइजर फैक्ट्री में गैस रिसाव के बाद मुंह पर कपड़ा लगाकर पहुंचे लोग।
- फोटो : amarujala
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पनकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित कानपुर फर्टिलाइजर एंड सीमेंट लिमिटेड (चांद छाप यूरिया बनाने वाला कारखाना) में शनिवार रात अमोनिया गैस रिसाव से भारी अफरा-तफरी मच गई।
फैक्ट्री में मौजूद करीब डेढ़ हजार से अधिक श्रमिक और कर्मचारी गिरते-पड़ते बाहर भागे, 15 कर्मचारी बेहोश होकर गिर गए। फैक्ट्री के अंदर कई श्रमिक फंसे रहे। आंखों में जलन और गला चोक होने से लोगों का बुरा हाल हो गया। रिसाव इतना तेज था कि फैक्ट्री से 500 मीटर दूर तक खड़ा होना भी मुश्किल था।
फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची और गैस रिसाव का प्रभाव कम करने की कोशिश में जुट गईं। देर रात करीब 12.40 बजे पुलिस, फायर ब्रिगेड हालात पर काबू पा सकीं। प्रभावित लोगों को एंबुलेंसों से अस्पताल भेजा गया। कारखाने में रोज की तरह काम हो रहा था।
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रात लगभग 9.40 बजे स्टोरेज टैंक के वॉल्व से अचानक अमोनिया गैस रिसने लगी और देखते ही देखते तेजी से फैलने लगी। इस पर कारखाने का अलार्म बजा दिया गया और (विजयनगर), राधेश्याम, अवधेश, निप्पू, सहित करीब 15 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
कर्मचारियों ने बताया कि कारखाने में दो हजार टन अमोनिया स्टोर करने के लिए स्टोरेज टैंक बना है। उसके वॉल्व में या तो लीकेज हुआ है या फिर टूट गया और इसी कारण गैस का रिसाव तेजी से हुआ। कारखाने के मैनेजर और अन्य अधिकारी अभी इस बारे में कुछ स्पष्ट बताने की स्थिति में नहीं थे। गौरतलब है कि पहले यह खाद कारखाना डंकन इंडस्ट्रीज के नाम से था। सात साल पहले इसे जेपी समूह ने खरीद लिया और अब इसका प्रबंधन उसी के हाथ है।
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फैक्ट्री में मौजूद करीब डेढ़ हजार से अधिक श्रमिक और कर्मचारी गिरते-पड़ते बाहर भागे, 15 कर्मचारी बेहोश होकर गिर गए। फैक्ट्री के अंदर कई श्रमिक फंसे रहे। आंखों में जलन और गला चोक होने से लोगों का बुरा हाल हो गया। रिसाव इतना तेज था कि फैक्ट्री से 500 मीटर दूर तक खड़ा होना भी मुश्किल था।
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फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची और गैस रिसाव का प्रभाव कम करने की कोशिश में जुट गईं। देर रात करीब 12.40 बजे पुलिस, फायर ब्रिगेड हालात पर काबू पा सकीं। प्रभावित लोगों को एंबुलेंसों से अस्पताल भेजा गया। कारखाने में रोज की तरह काम हो रहा था।
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रात लगभग 9.40 बजे स्टोरेज टैंक के वॉल्व से अचानक अमोनिया गैस रिसने लगी और देखते ही देखते तेजी से फैलने लगी। इस पर कारखाने का अलार्म बजा दिया गया और (विजयनगर), राधेश्याम, अवधेश, निप्पू, सहित करीब 15 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
कर्मचारियों ने बताया कि कारखाने में दो हजार टन अमोनिया स्टोर करने के लिए स्टोरेज टैंक बना है। उसके वॉल्व में या तो लीकेज हुआ है या फिर टूट गया और इसी कारण गैस का रिसाव तेजी से हुआ। कारखाने के मैनेजर और अन्य अधिकारी अभी इस बारे में कुछ स्पष्ट बताने की स्थिति में नहीं थे। गौरतलब है कि पहले यह खाद कारखाना डंकन इंडस्ट्रीज के नाम से था। सात साल पहले इसे जेपी समूह ने खरीद लिया और अब इसका प्रबंधन उसी के हाथ है।