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Kanpur News: ईडीएलआई स्कीम में संशोधन, 50 हजार न्यूनतम राशि का होगा भुगतान
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कानपुर। ईपीएफ के ई-नामांकन और केवाईसी वाले पीएफ खाताधारकों के परिवार को अधिक वित्तीय सुरक्षा देने के लिए कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा (ईडीएलआई) स्कीम में संशोधन किया गया है। यदि सेवा में ईपीएफ सदस्य के साथ दुर्घटना हो जाती है तो ऐसे मामलों में बीमा राशि का भुगतान ई-नामांकन विवरण में दर्ज परिवार के पात्र दावेदारों को किया जाएगा।
नए संशोधन के तहत मृतक सदस्य के पीएफ खाते में 12 महीने की औसत राशि 50 हजार से कम होने की स्थिति में भी न्यूनतम 50 हजार की राशि दावेदारों को दी जाएगी। साथ ही यदि मृत्यु से पूर्व के 12 महीने में एक से अधिक नियोजन हैं। उनके बीच का अंतर भले ही 60 दिन या उससे कम है तो इस अंतराल को अनदेखा कर दिया जाएगा। उन सेवाओं को जोड़कर निरंतर माना जाएगा। न्यूनतम 2.5 लाख रुपये से लेकर अधिकतम सात लाख रुपये का लाभ परिवारीजनों को दिया जाएगा।
यदि किसी कर्मचारी के अंतिम योगदान जमा होने के छह महीने के भीतर उसकी मृत्यु हो जाती है लेकिन नाम नियोजक की उपस्थिति पंजिका में दर्ज है तो दावेदारों को बीमा राशि का लाभ मिलेगा। सभी संशोधन 18 जुलाई 2025 से प्रभावी हो गए हैं। क्षेत्रीय आयुक्त ने बताया कि सभी पीएफ खाताधारक केवाईसी (बैंक, पैन व आधार) की प्रक्रिया पूरी करवा लें और ई-नामांकन भी दर्ज करवाएं ताकि योजना का लाभ मिल सके।
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नए संशोधन के तहत मृतक सदस्य के पीएफ खाते में 12 महीने की औसत राशि 50 हजार से कम होने की स्थिति में भी न्यूनतम 50 हजार की राशि दावेदारों को दी जाएगी। साथ ही यदि मृत्यु से पूर्व के 12 महीने में एक से अधिक नियोजन हैं। उनके बीच का अंतर भले ही 60 दिन या उससे कम है तो इस अंतराल को अनदेखा कर दिया जाएगा। उन सेवाओं को जोड़कर निरंतर माना जाएगा। न्यूनतम 2.5 लाख रुपये से लेकर अधिकतम सात लाख रुपये का लाभ परिवारीजनों को दिया जाएगा।
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यदि किसी कर्मचारी के अंतिम योगदान जमा होने के छह महीने के भीतर उसकी मृत्यु हो जाती है लेकिन नाम नियोजक की उपस्थिति पंजिका में दर्ज है तो दावेदारों को बीमा राशि का लाभ मिलेगा। सभी संशोधन 18 जुलाई 2025 से प्रभावी हो गए हैं। क्षेत्रीय आयुक्त ने बताया कि सभी पीएफ खाताधारक केवाईसी (बैंक, पैन व आधार) की प्रक्रिया पूरी करवा लें और ई-नामांकन भी दर्ज करवाएं ताकि योजना का लाभ मिल सके।
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