फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Amar Ujala Health Campaign, It is necessary to be alert for war with Corona

अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : कोरोना से जंग के लिए जोश चाहिए, खुद बचें और अपनों को भी बचाएं

Sat, 26 Mar 2022 11:38 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 26 Mar 2022 11:38 AM IST
सार

कोरोना तो चला गया, पर बहुत से लोग मानसिक रोगों की चपेट में आ गए। कुछ को कोरोना ने हृदयरोगी बना दिया तो कई के गुर्दे खराब हो गए। उनकी जिंदगी ही डायलिसिस पर आ गई। कुछ पोस्ट कोविड रोगियों के लिवर खराब हैं, किसी की आंतों ने जवाब दे दिया और कुछ ब्रेन अटैक की चपेट में हैं। ऐसी भयावह हकीकत है कोरोना काल की।

विज्ञापन
Amar Ujala Health Campaign, It is necessary to be alert for war with Corona
वैक्सीन लगवाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना की तीन लहरों ने जिंदगी को खतरे में डाला तो पूरे सिस्टम को झिंझोड़कर रख दिया। महामारी की दूसरी लहर में डेल्टा प्लस ने ऐसा कहर बरपाया कि न जाने कितनों ने अपने मां-बाप खो दिए और कितने मां-बाप से उनकी औलादें छिन गईं। कोरोना के दिए घाव अभी भी रिस रहे हैं। जो लोग कोरोना से जंग जीतकर निकले भी हैं, वे न जाने कितनी जटिलताओं के कारण बेसुध पड़े हैं।
विज्ञापन


कोरोना तो चला गया, पर बहुत से लोग मानसिक रोगों की चपेट में आ गए। कुछ को कोरोना ने हृदयरोगी बना दिया तो कई के गुर्दे खराब हो गए। उनकी जिंदगी ही डायलिसिस पर आ गई। कुछ पोस्ट कोविड रोगियों के लिवर खराब हैं, किसी की आंतों ने जवाब दे दिया और कुछ ब्रेन अटैक की चपेट में हैं। ऐसी भयावह हकीकत है कोरोना काल की।
विज्ञापन


बचाव के लिए जरूरी है कि हर शख्स टीकाकरण करा ले। टीका लगने के बाद भी संक्रमण हो सकता है, लेकिन जटिलताएं कम होंगी और जान जाने का खतरा नहीं रहेगा। टीका लगवाने के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडीज संक्रमण से दो-दो हाथ कर लेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
इसकी जरूरत इसलिए भी है, क्योंकि अभी भी लोग टीकाकरण के लिए सजग नहीं हैं। लोग खतरे को भांपें और टीका लगवाकर खुद के साथ अपने बच्चों और बड़ों को सुरक्षित कर लें। प्रस्तुत है टीकाकरण केंद्रों की लाइव रिपोर्ट...

कानपुर में चमनगंज का हुमायूंबाग नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। दोपहर के  12 बजे हैं। सामने टेबल पर वैक्सीन रखे एएनएम मैसी बैठी हुई हैं। बगल के कमरे तीन-चार महिलाएं खड़ी हैं। वैक्सीन लगवाने के लिए डाटा एंट्री करा रही हैं। यहां 12 से 14 साल के बच्चों को भी वैक्सीन लगनी है। लेकिन, इस वक्त यहां कोई बच्चा नहीं है। केंद्र प्रभारी डॉ. अशफिया हाशमी भी नहीं हैं।

एएनएम से यह पूछने पर कि यहां कोई बच्चा टीका लगवाने आया है? बोलीं कि सिर्फ दो आए थे। किस क्षेत्र के थे? इस सवाल पर उन्हें डाटा एंट्री वाले कमरे की तरफ इशारा कर दिया। ऑपरेटर ने फिर उन्हीं के पास भेजा, तब मैसी ने रजिस्टर खोला और बताया कि नई सड़क के प्रांजल अग्रवाल (14) और अनवरगंज के श्रेनिक जैन (13) ने वैक्सीन लगवाई। इस जवाब ने वैक्सीनेशन अभियान की जैसे पोल खोल दी।

चमनगंज की घनी आबादी वाला यह इलाका मुस्लिम बहुल है। खलवा में हुमायूंबाग नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। यहां 12 से 14 साल के बच्चों की संख्या अन्य मोहल्लों से अधिक है। यहां का एक भी लाभार्थी वैक्सीन लगवाने नहीं आया। केंद्र के बाहर उस वक्त 12 बच्चे खेल रहे थे, जिनकी उम्र 12 से 14 साल के बीच होगी। बच्चों को किसी ने टीका लगवाने के लिए प्रेरित नहीं किया। पूछने पर बोले कि उनके घरवालों ने भी टीके के लिए नहीं कहा।

जुड़वां भाई-बहन बोले, मां ने टीके के लिए प्रेरित किया
ग्रीनपार्क स्टेडियम का वैक्सीनेशन कैंप। दोपहर के डेढ़ बजे हैं। 12 से 14 साल आयु वर्ग के वैक्सीनेशन टेबल पर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णु प्रजापति बैठे हैं। पूछने पर बोले कि सुबह से अभी तक छोटे आयु वर्ग के 11 बच्चों ने वैक्सीन लगवाई है। रजिस्टर देखा तो इनमें छह लड़के थे और पांच बेटियां।

डॉ. प्रजापति से अभी बात हो ही रही थी कि सामने से नीता अग्रवाल अपने बेटे-बेटी के साथ आ गईं। बोलीं कि बच्चों को वैक्सीन लगवानी है। बेटे का नाम आर्यन उम्र 14 साल और बेटी का नाम आन्या उम्र 14 साल। यह सुनकर डॉ. प्रजापति ने उनकी तरफ देखा तो बताने लगीं कि दोनों जुड़वां हैं।

नीता ने बताया कि पूरे परिवार ने टीका लगवा लिया है। बच्चे बचे थे। अब छोटी आयु वर्ग के लिए भी टीकाकरण शुरू हो गया है तो इनका भी स्लॉट बुक करा दिया था। आर्यन और आन्या ने बताया कि मां ने वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। इससे लगा कि कोरोना से सुरक्षा मिलेगी। सारे लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है। आन्या वैक्सीन लगवाने में हिचक रही थी तो मां ने हौसला बढ़ाया।

दिनभर में सात बच्चों ने लगवाई वैक्सीन
नगरीय स्वास्थ्य केंद्र ग्वालटोली। दोपहर के सवा दो बजे हैं। केंद्र पर स्टाफ है। वैक्सीनेशन कक्ष में स्टाफ नर्स सरिता वाजपेयी और दूसरा स्टाफ बैठा है। वह कंप्यूटर काम कर रही हैं। ग्वालटोली भी घनी आबादी वाला मिश्रित इलाका है। मुस्लिम समुदाय की आबादी यहां अधिक है। यहां वैक्सीनेशन के लिए क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों से कहा गया था, फिर भी एक दिन में सिर्फ सात बच्चे आए हैं। स्टाफ नर्स बताने लगीं कि 12 से 14 साल आयु वर्ग की तीन बच्चियों और चार बच्चों ने वैक्सीन लगवाई है। अब धीरे-धीरे लोग आएंगे।

धीरे-धीरे बढ़ाएंगे बच्चों के वैक्सीनेशन सेशन
सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि टीकाकरण अभी धीमा चल रहा है। इसके साथ रुटीन टीकाकरण अभियान भी चला रहे हैं। अब 12 से 14 साल आयु वर्ग के लिए सेशन बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों में भी वैक्सीनेशन कराया जाएगा। इससे अभियान तेज होगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी बात करेंगे। स्कूलों की सूची बनवा ली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed