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शराब के हैं आदी तो कर रहे सेहत की बर्बादी, एक-एक बूंद मौत जैसी...
Wed, 20 Feb 2019 05:56 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 20 Feb 2019 05:56 PM IST
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कानपुर में हैलट अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में मंगलवार से ऑर्थोप्लास्टी और स्पोर्ट्स इंजरी की विशेष ओपीडी शुरू हुई। पहले दिन कूल्हा और घुटने के जोड़ों की जकड़न के रोगियों की भरमार रही। कानपुर देहात से आए 40 वर्षीय सुरेंद्र कुमार के कूल्हे का गोला (हेड ऑफ फीमर) घिस गया।
इसकी वजह चोट या कोई बीमारी नहीं बल्कि अधिक शराब पीना था। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजय कुमार ने बताया कि ज्यादा शराब पीने से खून की रवानगी बाधित होती है। इससे जोड़ों में घिसाव और जकड़न हो जाती है।
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इसकी वजह चोट या कोई बीमारी नहीं बल्कि अधिक शराब पीना था। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजय कुमार ने बताया कि ज्यादा शराब पीने से खून की रवानगी बाधित होती है। इससे जोड़ों में घिसाव और जकड़न हो जाती है।
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विशेष ओपीडी में 50 रोगी जांच के लिए आए। इनमें 22 कूल्हे की हड्डी घिस जाने के रहे। इनकी डायग्नोसिस में पाया गया कि उन्हें शराब की लत है। छह रोगी ऐसे थे जिनकी बहुत दिनों से चर्म रोग की दवा चल रही है। इसके अलावा लिवर, हाई ब्लड प्रेशर, वक्ष संक्रमण आदि रोगों के रोगी भी आए। घुटने की जकड़न के रोगियों में अधिकांश 50 साल से अधिक उम्र के थे।
इनमें अधिकांश ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और लिवर रोग के मरीज रहे। विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कूल्हे की सर्जरी के लिए दो रोगियों को भर्ती किया गया है, बाकी का ओपीडी स्तर पर इलाज होगा। कुछ रोगी ऐसे थे जिन्हें सर्जरी की जरूरत है लेकिन वह भर्ती होने के लिए तैयारी करके नहीं आए थे। उनकी सर्जरी बाद में होगी।
इनमें अधिकांश ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और लिवर रोग के मरीज रहे। विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कूल्हे की सर्जरी के लिए दो रोगियों को भर्ती किया गया है, बाकी का ओपीडी स्तर पर इलाज होगा। कुछ रोगी ऐसे थे जिन्हें सर्जरी की जरूरत है लेकिन वह भर्ती होने के लिए तैयारी करके नहीं आए थे। उनकी सर्जरी बाद में होगी।