{"_id":"58d0b1064f1c1b425c1a1d05","slug":"akhilesh-supporters-against-shivpal","type":"story","status":"publish","title_hn":"आने वाले ‘तूफान’ का संकेत तो नहीं सपा में ‘छाया ये सन्नाटा’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आने वाले ‘तूफान’ का संकेत तो नहीं सपा में ‘छाया ये सन्नाटा’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 21 Mar 2017 05:24 PM IST
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शिवपाल के खिलाफ एकजुट हुए अखिलेश समर्थक
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यूपी चुनाव में करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी में सन्नाटे का माहौल है। लेकिन अखिलेश यादव के करीबी कई बड़े नेता शिवपाल यादव के खिलाफ आवाज बुलंद करने की तैयारी में है। सपा के कई बड़े नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान अखिलेश के खिलाफ शिवपाल यादव ने खुलकर काम किया।
अखिलेश समर्थक नेताओं का कहना है कि शिवपाल ने विवादित बयान देने के अलावा अंदरखाने अखिलेश को हराने के लिए षड्यंत्र किया। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए हाईकमान से मांग हो सकती है। ऐसे में मुलायम सिंह यादव भी निशाने पर हो सकते हैं।
समाजवादी पार्टी की कार्यकारिणी 25 मार्च को प्रस्तावित है। इससे पहले अखिलेश समर्थकों को अंदेशा है कि शिवपाल यादव और उनके साथी अखिलेश पर सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ने का दबाव बना सकते हैं। लिहाजा, अखिलेश समर्थक शिवपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को हवा देने की तैयारी में हैं। चुनाव के दौरान शिवपाल यादव ने इटावा में कहा था कि वे चुनाव नतीजों के बाद नई पार्टी बनाएंगे।
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हालांकि इसके बाद उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया था। उन्होंने कांग्रेस और सपा के गठबंधन का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने कांग्रेस को 100 से ज्यादा सीटें देकर बड़ी गलती की है। शिवपाल के इन बयानों को आधार बनाकर अखिलेश समर्थक शिवपाल को निशाने पर लेने की तैयारी में है। चुनाव में पार्टी की करारी हार का ठीकरा भी शिवपाल यादव ने अखिलेश पर फोड़ा था।
परिणाम आने के बाद शिवपाल ने कहा था कि ये घमंडी लोगों की हार है। उन्होंने ट्विटर पर भी वीडियो जारी कर अखिलेश पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि वह अपने वजूद की लड़ाई खुद लड़ेंगे। समाजवादी पार्टी का स्तर पहले से काफी डाउन हुआ है। पार्टी और पारिवारिक घमासान के बीच वोट बैंक की चांदी भाजपा ने लूट ली है ऐसे में सपा में बड़े बदलाव के संकेत दिख रहे हैं।
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अखिलेश समर्थक नेताओं का कहना है कि शिवपाल ने विवादित बयान देने के अलावा अंदरखाने अखिलेश को हराने के लिए षड्यंत्र किया। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए हाईकमान से मांग हो सकती है। ऐसे में मुलायम सिंह यादव भी निशाने पर हो सकते हैं।
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समाजवादी पार्टी की कार्यकारिणी 25 मार्च को प्रस्तावित है। इससे पहले अखिलेश समर्थकों को अंदेशा है कि शिवपाल यादव और उनके साथी अखिलेश पर सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ने का दबाव बना सकते हैं। लिहाजा, अखिलेश समर्थक शिवपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को हवा देने की तैयारी में हैं। चुनाव के दौरान शिवपाल यादव ने इटावा में कहा था कि वे चुनाव नतीजों के बाद नई पार्टी बनाएंगे।
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हालांकि इसके बाद उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया था। उन्होंने कांग्रेस और सपा के गठबंधन का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने कांग्रेस को 100 से ज्यादा सीटें देकर बड़ी गलती की है। शिवपाल के इन बयानों को आधार बनाकर अखिलेश समर्थक शिवपाल को निशाने पर लेने की तैयारी में है। चुनाव में पार्टी की करारी हार का ठीकरा भी शिवपाल यादव ने अखिलेश पर फोड़ा था।
परिणाम आने के बाद शिवपाल ने कहा था कि ये घमंडी लोगों की हार है। उन्होंने ट्विटर पर भी वीडियो जारी कर अखिलेश पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि वह अपने वजूद की लड़ाई खुद लड़ेंगे। समाजवादी पार्टी का स्तर पहले से काफी डाउन हुआ है। पार्टी और पारिवारिक घमासान के बीच वोट बैंक की चांदी भाजपा ने लूट ली है ऐसे में सपा में बड़े बदलाव के संकेत दिख रहे हैं।