Akhilesh Dubey: शिकंजा और कसा…54 मामलों में 10 की जांच करेगी SIT, घर और कार्यालय पर दबिश, ये सामान ले गई टीम
Kanpur News: जबरन वसूली और साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार वकील अखिलेश दुबे का नाम एसआईटी जांच में 10 और मामलों में सामने आया है, जिनमें उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर झूठे केसों में लोगों को फंसाया था।
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भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा की वसूली, धमकी देने, साजिश रचने की रिपोर्ट पर गिरफ्तार अधिवक्ता अखिलेश दुबे या उनके साथियों का हाथ ऐसे कई और मामलों में हो सकता है। अब तक एसआईटी के सामने 10 शिकायती पत्र आ चुके हैं, जिनकी प्रारंभिक जांच में अखिलेश दुबे और उनके कुछ साथियों का नाम आया है। हालांकि पुलिस ने अब तक उसे सार्वजनिक नहीं किया है।
वादियों को दस्तावेजों के साथ एसआईटी कार्यालय बुलाया गया है। रवि सतीजा ने बुधवार की दोपहर बर्रा थाने में अखिलेश दुबे, विमल यादव, अभिषेक बाजपेई, शैलेंद्र यादव, लवी मिश्रा और दो युवतियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें जबरन वसूली, साजिश रचने, धमकी देने समेत अन्य धाराएं लगीं। पुलिस ने अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एसआईटी की जांच के बाद हुई।
तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन
पुलिस अधिकारियों के पास संगठित गैंग के साजिशन वसूली करने के लिए झूठे दुष्कर्म, छेड़छाड़ समेत अन्य महिला संबंधित अपराधों में एफआईआर कराकर रुपये एंठने की शिकायतें आ रही थीं। मिश्रिख सांसद अशोक कुमार रावत के पत्र और अधिवक्ता विकास अवस्थी के शिकायती पत्र के आधार पर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया, जिसमें डीसीपी क्राइम, एडीसीपी क्राइम समेत एक अन्य अधिकारी शामिल हैं।
10 मामले ही एसआईटी की परिधि में मिले
एसआईटी का गगठन तीन मार्च 2025 को हुआ, जिसके बाद 54 लोगों की शिकायतें आ गईं। इन लोगों ने संगठित गिरोह के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही गई। एसआईटी की टीम ने जांच, जिसमें केवल 10 मामले ही एसआईटी की परिधि में मिले। एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि अन्य मामले कोर्ट में चल रहे हैं या फिर उनकी डीसीपी स्तर पर जांच जारी है। केवल 10 मामलों में साजिश रचकर लोगों को फंसाने के तथ्य मिले हैं। इसमें अखिलेश दुबे और उनके साथियों का नाम हो सकता है।