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इलाज के बाद अब कफन में भी आड़े आई तंगहाली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 08 Oct 2016 07:29 PM IST
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बांदा में आग से झुलसे विकलांग वृद्ध की आर्थिक तंगहाली मौत के बाद भी बरकरार रही। अब अंतिम संस्कार के लिए लाले पड़े हैं। दो वृद्ध बहनें शव के पास दिनभर आंसू बहाती रहीं। पोस्टमार्टम के लिए डाक्टर और पुलिस भी नहीं पसीजी। नतीजे में पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शव को मर्च्युरी में रखा गया है। रविवार को पोस्टमार्टम होगा।
मरका थाना क्षेत्र के करहुली गांव का स्वामीदीन (70) पुत्र सुखदेव लगभग 20 दिन पहले घर में खौलती चाय गिरने से झुलस गया था। आर्थिक तंगी से उसका सही इलाज नहीं हो सका। परवरिश कर रही वृद्ध बहन रघुराई व छेद्दी उसे शुक्रवार शाम को सीएचसी से जिला अस्पताल ले आईं। शनिवार को सुबह उसकी मौत हो गई।
सिविल लाइन चौकी से आए पुलिस कर्मी अगले दिन पोस्टमार्टम कराने को कहकर चले गए। उधर, मृतक की दोनों वृद्ध बहनों के पास भाई के कफन के लिए धेला नहीं है। वह इसके लिए भी परेशान हैं कि रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव मिलेगा तो घर तक कैसे ले जाएंगे? किराए-भाड़े के लिए पैसा नहीं है। दोनों बहनें आसपास से गुजर रहे लोगों से मदद की फरियाद करती रहीं। लेकिन किसी ने तवज्जो नहीं दी।
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मरका थाना क्षेत्र के करहुली गांव का स्वामीदीन (70) पुत्र सुखदेव लगभग 20 दिन पहले घर में खौलती चाय गिरने से झुलस गया था। आर्थिक तंगी से उसका सही इलाज नहीं हो सका। परवरिश कर रही वृद्ध बहन रघुराई व छेद्दी उसे शुक्रवार शाम को सीएचसी से जिला अस्पताल ले आईं। शनिवार को सुबह उसकी मौत हो गई।
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सिविल लाइन चौकी से आए पुलिस कर्मी अगले दिन पोस्टमार्टम कराने को कहकर चले गए। उधर, मृतक की दोनों वृद्ध बहनों के पास भाई के कफन के लिए धेला नहीं है। वह इसके लिए भी परेशान हैं कि रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव मिलेगा तो घर तक कैसे ले जाएंगे? किराए-भाड़े के लिए पैसा नहीं है। दोनों बहनें आसपास से गुजर रहे लोगों से मदद की फरियाद करती रहीं। लेकिन किसी ने तवज्जो नहीं दी।
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