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खौफ में कटती है रात: अफगानी छात्र को सता रही घर वालों और भविष्य की चिंता, सीएसए में पढ़ रहे सलीम ने बयां किया दर्द
Tue, 17 Aug 2021 05:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 17 Aug 2021 05:51 PM IST
सार
सलीम ने बताया घर में फिलहाल सब कुछ ठीकठाक है। धीरे-धीरे बाजार खुलने लगे हैं। समाचारों में वहां की तस्वीर देखकर डर लगता है, लेकिन घर में बात करके संतोष हो जाता है।
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अफगानी छात्र सलीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रोज घर वालों से बात करता हूं। हालचाल ठीक बताते हैं तो संतोष मिल जाता है। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद नियम-कानून में बदलाव तो होंगे ही, पता नहीं कौन कानून लागू हों, ऐसे में चिंता भविष्य की भी सता रही है।
जब यहां से कोर्स करके घर लौटूंगा, तब पता नहीं नौकरी मिले न मिले। यह कहना है चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के इंटरनेशनल हॉस्टल में रह रहे अफगानी छात्र सलीम का। सलीम इन दिनों दहशत में है।
एमएससी एग्रोनामी द्वितीय वर्ष के छात्र सलीम ने बताया कि उसका घर काबुल से 30 किमी दूर मेडनवर्डक में है। उसने बताया कि घर में फिलहाल सब कुछ ठीक है। धीरे-धीरे बाजार खुलने लगे हैं। समाचारों में वहां की तस्वीरें देखकर डर लगता है। संतोष इतना ही है कि घर वाले ठीक हैं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत अफगानिस्तान के तीन छात्र यहां आए थे।
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जब यहां से कोर्स करके घर लौटूंगा, तब पता नहीं नौकरी मिले न मिले। यह कहना है चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के इंटरनेशनल हॉस्टल में रह रहे अफगानी छात्र सलीम का। सलीम इन दिनों दहशत में है।
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एमएससी एग्रोनामी द्वितीय वर्ष के छात्र सलीम ने बताया कि उसका घर काबुल से 30 किमी दूर मेडनवर्डक में है। उसने बताया कि घर में फिलहाल सब कुछ ठीक है। धीरे-धीरे बाजार खुलने लगे हैं। समाचारों में वहां की तस्वीरें देखकर डर लगता है। संतोष इतना ही है कि घर वाले ठीक हैं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत अफगानिस्तान के तीन छात्र यहां आए थे।
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एमएससी वेजीटेबल साइंस दूसरे साल के हमदर्द और बीएससी (एजी) दूसरे साल के शम्स रहमान लॉकडाउन में अपने घर लौट गए थे। हमदर्द रूस बार्डर और शम्स काबुल में रहते हैं। हमदर्द की स्थिति ठीक है और शम्स से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
विवि प्रशासन ने भी हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। डीएसडब्ल्यू ने बताया कि छात्र से रोजाना मुलाकात की जा रही है। उसे किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। गेट बंद कराकर गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। किसी को भी हॉस्टल के आसपास खड़ा नहीं होने दिया जा रहा है।
वित्त नियंत्रक ने इंटरनेशनल हॉस्टल में जमाया डेरा
इंटरनेशनल हॉस्टल में 13 कमरे हैं, जिसमें वर्तमान में सिर्फ सलीम रहता है। यहां पर वित्त नियंत्रक आरएन सिंह ने कब्जा जमा रखा है। जबकि नियमत: हॉस्टल में छात्र के अलावा वार्डन रह सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि हॉस्टल के कर्मचारी भी उनकी आवाभगत में लगे रहते हैं।
हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
विवि प्रशासन ने भी हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। डीएसडब्ल्यू ने बताया कि छात्र से रोजाना मुलाकात की जा रही है। उसे किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। गेट बंद कराकर गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। किसी को भी हॉस्टल के आसपास खड़ा नहीं होने दिया जा रहा है।
वित्त नियंत्रक ने इंटरनेशनल हॉस्टल में जमाया डेरा
इंटरनेशनल हॉस्टल में 13 कमरे हैं, जिसमें वर्तमान में सिर्फ सलीम रहता है। यहां पर वित्त नियंत्रक आरएन सिंह ने कब्जा जमा रखा है। जबकि नियमत: हॉस्टल में छात्र के अलावा वार्डन रह सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि हॉस्टल के कर्मचारी भी उनकी आवाभगत में लगे रहते हैं।