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Kanpur News: आईआईटी कानपुर की परीक्षा से आईआईटी मद्रास में मिलेगा दाखिला
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कानपुर। आईआईटी कानपुर के बैचलर इन साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम से आईआईटी मद्रास भी संयुक्त रूप से जुड़ गया है। रविवार को होने वाले हैकाथॉन व लिखित परीक्षा के सफल छात्रों को दोनों संस्थानों में से किसी एक में पढ़ाई का मौका मिलेगा। परीक्षा के लिए 122 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। अगले वर्ष आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास अलग अलग परीक्षाएं कराएंगे।
जुलाई 2026 से चार वर्षीय बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम शुरू हो रहा है। इसका संचालन वाधवानी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स की ओर से किया जाएगा। प्रवेश जेईई मेन की रैंक, लिखित परीक्षा और हैकाथॉन के माध्यम से होगा। रविवार को आईआईटी कानपुर में हैकाथॉन व लिखित परीक्षा हो रही है। बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कोर्स को आईआईटी कानपुर ने लांच किया था, लेकिन इसे आईआईटी मद्रास ने ज्वाइन कर लिया है।
नए कार्यक्रम के पहले बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी। चयनित छात्रों को यह विकल्प दिया जाएगा कि वह आईआईटी मद्रास या आईआईटी कानपुर में से किसी एक संस्थान को चुन सकें। दोनों संस्थानों में पढ़ाई अलग-अलग कैंपस में स्वतंत्र रूप से कराई जाएगी। इसकी डिग्री भी संबंधित संस्थान द्वारा अलग-अलग प्रदान होगी। साइबर सिक्योरिटी पर आधारित
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कोर्स की खासियत इसका प्रैक्टिकल है। कोर्स के प्रारूप में अंतिम चार सेमेस्टर में दो साल का ‘फील्ड डिप्लॉयमेंट प्रोफेशनल प्रोजेक्ट’ शामिल किया गया है, जिसमें छात्र वास्तविक साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। उन्हें विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।
पाठ्यक्रम में सिक्योरिटी ऑपरेशंस, वल्नरेबिलिटी असेसमेंट, पेनिट्रेशन टेस्टिंग, मैलवेयर एनालिसिस, हार्डवेयर सिक्योरिटी, क्लाउड सिक्योरिटी और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। कोर्स प्रो. सौमित्र सनाढ्य ने कहा कि आईआईटी मद्रास संयुक्त रूप से इस प्रोग्राम में शामिल हुआ है, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया अभी कॉमन होगी। परिणाम आने के बाद कितनी सीटों पर कानपुर या मद्रास में दाखिला मिलेगा इस पर एक दो दिन में फैसला हो जाएगा।
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जुलाई 2026 से चार वर्षीय बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम शुरू हो रहा है। इसका संचालन वाधवानी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स की ओर से किया जाएगा। प्रवेश जेईई मेन की रैंक, लिखित परीक्षा और हैकाथॉन के माध्यम से होगा। रविवार को आईआईटी कानपुर में हैकाथॉन व लिखित परीक्षा हो रही है। बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कोर्स को आईआईटी कानपुर ने लांच किया था, लेकिन इसे आईआईटी मद्रास ने ज्वाइन कर लिया है।
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नए कार्यक्रम के पहले बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी। चयनित छात्रों को यह विकल्प दिया जाएगा कि वह आईआईटी मद्रास या आईआईटी कानपुर में से किसी एक संस्थान को चुन सकें। दोनों संस्थानों में पढ़ाई अलग-अलग कैंपस में स्वतंत्र रूप से कराई जाएगी। इसकी डिग्री भी संबंधित संस्थान द्वारा अलग-अलग प्रदान होगी। साइबर सिक्योरिटी पर आधारित
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कोर्स की खासियत इसका प्रैक्टिकल है। कोर्स के प्रारूप में अंतिम चार सेमेस्टर में दो साल का ‘फील्ड डिप्लॉयमेंट प्रोफेशनल प्रोजेक्ट’ शामिल किया गया है, जिसमें छात्र वास्तविक साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। उन्हें विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।
पाठ्यक्रम में सिक्योरिटी ऑपरेशंस, वल्नरेबिलिटी असेसमेंट, पेनिट्रेशन टेस्टिंग, मैलवेयर एनालिसिस, हार्डवेयर सिक्योरिटी, क्लाउड सिक्योरिटी और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। कोर्स प्रो. सौमित्र सनाढ्य ने कहा कि आईआईटी मद्रास संयुक्त रूप से इस प्रोग्राम में शामिल हुआ है, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया अभी कॉमन होगी। परिणाम आने के बाद कितनी सीटों पर कानपुर या मद्रास में दाखिला मिलेगा इस पर एक दो दिन में फैसला हो जाएगा।