{"_id":"5ed53f658ebc3e90b33b0b55","slug":"adhar-card-kanpur-news-knp5632354173","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं बन रहे आधार कार्ड, जनता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं बन रहे आधार कार्ड, जनता परेशान
विज्ञापन
फोटो संख्या 03- रोहित बघेल
- फोटो : ETAWHA
इटावा। जिले में अभी तक नये आधार पंजीकरण एवं आधार संशोधन के कार्य को आम जनमानस के लिए चालू नहीं किया गया है। आधार पंजीकरण की नोडल एजेंसी यूआईडीएआई ने लॉकडाउन से पहले सभी कार्यों को बंद कर दिया था, अबआदेश जारी किया है कि आधार का कार्य पुन: चालू करने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
इस समय जिले में मनरेगा का काम चल रहा है। बड़ी संख्या में आए प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में काम दिया जाना है। उनमें कई के पास आधार कार्ड नहीं होने की दिक्कत है। इसके अलावा आधार कार्ड का संशोधन भी होना है। जिला प्रशासन ने अभी तक आधार के कार्य को चालू करने के लिए किसी भी प्रकार की रणनीति नहीं बनाई है।
इस कार्य से जुड़े हुए जनपद के समस्त आधार ऑपरेटर के लिए अपने अपने परिवार का भरण पोषण की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों के जनधन खातों में 500 रुपये तीन माह तक सरकार भेज रही है। जनधन खाते में लोगों के आधार लिंक न होने के कारण अभी भी दूर दराज रहनी वाली महिलाओं को अभी तक इस योजना के किस्त नहीं पा रही है। ऑनलाइन पीएफ में आधार कार्ड से मोबाइल लिंक होना भी बड़ी समस्या है।
विज्ञापन
स्टेट बैंक आफ इंडिया में आधार सेंटर के आपरेटर शिव कुमार ले बताया कि वे तीन महीने से बेरोजगार हैं। उनके परिवार के सामने इस समय विषम परिस्थितियां आ रहीं है। मुन्नी का अड्डा निवासी रोहित बघेल ने बताया कि आधार कार्ड का काम बंद होने से वे परेशान हैं। उन्हें अपने पीएफ का फार्म करना है परंतु आधार कार्ड में मोबाइल लिंक नहीं है।
विज्ञापन
इस समय जिले में मनरेगा का काम चल रहा है। बड़ी संख्या में आए प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में काम दिया जाना है। उनमें कई के पास आधार कार्ड नहीं होने की दिक्कत है। इसके अलावा आधार कार्ड का संशोधन भी होना है। जिला प्रशासन ने अभी तक आधार के कार्य को चालू करने के लिए किसी भी प्रकार की रणनीति नहीं बनाई है।
विज्ञापन
इस कार्य से जुड़े हुए जनपद के समस्त आधार ऑपरेटर के लिए अपने अपने परिवार का भरण पोषण की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों के जनधन खातों में 500 रुपये तीन माह तक सरकार भेज रही है। जनधन खाते में लोगों के आधार लिंक न होने के कारण अभी भी दूर दराज रहनी वाली महिलाओं को अभी तक इस योजना के किस्त नहीं पा रही है। ऑनलाइन पीएफ में आधार कार्ड से मोबाइल लिंक होना भी बड़ी समस्या है।
विज्ञापन
स्टेट बैंक आफ इंडिया में आधार सेंटर के आपरेटर शिव कुमार ले बताया कि वे तीन महीने से बेरोजगार हैं। उनके परिवार के सामने इस समय विषम परिस्थितियां आ रहीं है। मुन्नी का अड्डा निवासी रोहित बघेल ने बताया कि आधार कार्ड का काम बंद होने से वे परेशान हैं। उन्हें अपने पीएफ का फार्म करना है परंतु आधार कार्ड में मोबाइल लिंक नहीं है।