{"_id":"57c709b54f1c1bb80d2cb10b","slug":"acid-attack-victim-can-not-treat-well-by-doctors-in-halilet-hospital-kanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसिड अटैक पीड़िता का इलाज भी नहीं कर पा रहे हैलेट के डाक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसिड अटैक पीड़िता का इलाज भी नहीं कर पा रहे हैलेट के डाक्टर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 31 Aug 2016 10:15 PM IST
विज्ञापन
एसिड अटैक पीडि़ता से मिलने पहुंची महिला आयाेग की सदस्या
एसिड अटैक पीड़िता मीरा उर्फ रीता यादव के बुधवार को हैलट के जनरल वार्ड में भर्ती होने पर महिला कल्याण निगम की चेयरमैन गीता सिंह ने नाराजगी जताई। शाम को उसे एसी रूम में शिफ्ट किया गया। मीरा को देखने पहुंचे डीएम ने उसके पति मनोज और इलाज कर रहे डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली। पलकों के इलाज के लिए एम्स रिफर करने को भी कहा।
नारामऊ निवासी मनोज यादव ने दोपहर में मीरा को हैलट में नेत्र रोग विभाग की डॉ. शालिनी मोहन की यूनिट में भर्ती कराया। वार्ड-9 के बेड-4 पर इलाज के दौरान डीएम कौशलराज शर्मा प्रिंसिपल डॉ.नवनीत कुमार, नेत्र रोग विभाग के हेड डॉ. आरसी गुप्ता के साथ मीरा के पास पहुंचे। पति ने इलाज के प्रति संतोष जताया। डॉ. शालिनी ने बताया कि मीरा को एक हफ्ते पहले हुए हमले के दौरान दिखाई नहीं दे रहा था, पर अब उसे दिखने लगा है। पलकों के घाव भी सूख रहे हैं, घाव सूखने के साथ ही पलकें भी सिकुड़ेंगी। ऐसा भी हो सकता है कि तब उसकी आंखें बंद न हों। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए उसे एम्स या एसजीपीजीआई में इलाज कराने की सलाह दी। डीएम ने पुन: मे़़िडकल कराकर 1 सितंबर को एम्स रिफर करने के निर्देश दिए।
उसी समय महिला कल्याण निगम की चेयरमैन गीता सिंह, सपा ग्रामीण महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष आशा सिंह, विभा दुबे सहित कई महिला पदाधिकारी मीरा के पास पहुंची। उसे मच्छर लगते देख नाराजगी जताई। संक्रमण की आशंका जताते हुए उसे एसी रूम में शिफ्ट करने को कहा। बाद में डॉ. शालिनी ने बताया कि मीरा को सर्जरी विभाग के एसी रूम में शिफ्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नारामऊ निवासी मनोज यादव ने दोपहर में मीरा को हैलट में नेत्र रोग विभाग की डॉ. शालिनी मोहन की यूनिट में भर्ती कराया। वार्ड-9 के बेड-4 पर इलाज के दौरान डीएम कौशलराज शर्मा प्रिंसिपल डॉ.नवनीत कुमार, नेत्र रोग विभाग के हेड डॉ. आरसी गुप्ता के साथ मीरा के पास पहुंचे। पति ने इलाज के प्रति संतोष जताया। डॉ. शालिनी ने बताया कि मीरा को एक हफ्ते पहले हुए हमले के दौरान दिखाई नहीं दे रहा था, पर अब उसे दिखने लगा है। पलकों के घाव भी सूख रहे हैं, घाव सूखने के साथ ही पलकें भी सिकुड़ेंगी। ऐसा भी हो सकता है कि तब उसकी आंखें बंद न हों। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए उसे एम्स या एसजीपीजीआई में इलाज कराने की सलाह दी। डीएम ने पुन: मे़़िडकल कराकर 1 सितंबर को एम्स रिफर करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उसी समय महिला कल्याण निगम की चेयरमैन गीता सिंह, सपा ग्रामीण महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष आशा सिंह, विभा दुबे सहित कई महिला पदाधिकारी मीरा के पास पहुंची। उसे मच्छर लगते देख नाराजगी जताई। संक्रमण की आशंका जताते हुए उसे एसी रूम में शिफ्ट करने को कहा। बाद में डॉ. शालिनी ने बताया कि मीरा को सर्जरी विभाग के एसी रूम में शिफ्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन