हरियाली का महत्व: एक दिन में 5,500 की ऑक्सीजन मुफ्त देता है एक पेड़, हर व्यक्ति पर दो पेड़ों का होना आवश्यक
Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और सांस रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर एसके कटियार का कहना है कि पेड़ से ही जिंदगी चलती है। इनसे मुफ्त मिलने वाली ऑक्सीजन प्राण वायु है। कृत्रिम ऑक्सीजन अगर बना भी ली जाए, तो उससे काम नहीं चलेगा।
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एक स्वस्थ पेड़ दिन में 230 लीटर मुफ्त ऑक्सीजन देता है। इसकी कीमत तकरीबन साढ़े पांच हजार रुपये पड़ती है और एक व्यक्ति दिन में औसत 550 लीटर ऑक्सीजन ग्रहण करता है। इस नजरिये से देखा जाए तो प्रति व्यक्ति ढाई पेड़ होने चाहिए, नहीं तो दो पेड़ तो जरूरी हैं ही। विशेषज्ञों का कहना है कि पेड़ प्राण वायु तो देते ही हैं। माहौल में हवा को शुद्ध भी बनाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेड़ों की संख्या जैसे-जैसे घटती जाएगी, जिंदगी उतनी मुश्किल होती जाएगी। छात्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के लाइफ साइंसेज विभाग के विशेषज्ञ डॉ. श्री हर्षा का कहना है कि पेड़ माहौल में कार्बन डाई आक्साइड के लेवल को नियंत्रित करते हैं। अगर पेड़ कम होते रहेंगे तो ग्रीन हाउस इफेक्ट बढ़ता जाएगा।
पेड़ों से ऑक्सीजन के अलावा टिंबर और दूसरे उत्पाद मुफ्त मिलते हैं, जिनसे जीवन आसान होता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और सांस रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर एसके कटियार का कहना है कि पेड़ से ही जिंदगी चलती है। इनसे मुफ्त मिलने वाली ऑक्सीजन प्राण वायु है। कृत्रिम ऑक्सीजन अगर बना भी ली जाए, तो उससे काम नहीं चलेगा।
प्रतिदिन 11 हजार लीटर हवा लेता है एक व्यक्ति
पेड़ माहौल में प्रदूषण को नियंत्रित करते हैं। ग्रीन हाउस इफेक्ट के कारण पूरे विश्व में तापमान बढ़ रहा है। पहले जहां पंखों की जरूरत नहीं होती थी, वहां अब एयर कंडीशन की जरूरत पड़ रही है। एक व्यक्ति प्रतिदिन 11 हजार लीटर हवा लेता है। इसमें 20 फीसदी ऑक्सीजन होती है। पेड़ प्राण वायु का प्रमुख स्रोत हैं।
ये नौ पेड़ 24 घंटे देते है ऑक्सीजन, ये सबसे अधिक देते हैं ऑक्सीजन
एरिका पाम, एलोवेरा, तुलसी, वाइल्ड जरबेरा, स्नेक प्लांट, आरकिड, क्रिसमस केक्टस, पीपल और नीम के पेड़ 24 घंटे ऑक्सीजन देते हैं। वहीं, नीम, पीपल, बरगद, सागौन, नीलगिरि, सिल्वर ओक, भारतीय लॉरेल, रबर ट्री, कैसिया, फिस्टुल और चंदन के पेड़ सबसे अधिक ऑक्सीजन देते हैं।