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Kanpur News: किचन गार्डन का कचरा साफ करेगा मल्टी क्रॉप वीडर

Sun, 18 Oct 2026 02:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:34 AM IST
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A multi-crop weeder will clear waste from the kitchen garden.
कानपुर। अपार्टमेंट, कालोनियों और घरों में छोटे किचन गार्डन के खरपतवार हटाने के लिए और छोटी-छोटी क्यारियों में बोआई अब आसान हो गई है। सीएसए के डॉ. भीमराव आंबेडकर कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय, इटावा ने मल्टी क्रॉप वीडर तैयार किया है। इसका इस्तेमाल छोटे किसान भी कर सकते हैं। यह वीडर पौधों के आसपास के खरपतवार को मिनटों में साफ कर देता है। बीजों की बोआई भी कर देगा।
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मल्टी क्रॉप वीडर महाविद्यालय के फार्म मशीनरी एंड पावर इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार माहेश्वरी की निगरानी में इसे तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मेहनत और समय बचाना है। शहरी इलाकों के किचन गार्डन और छोटे किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। खासतौर पर कतार में बोई जाने वाली फसलों के आसपास के खरपतवार आसानी से हटाता है।
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उन्होंने बताया कि बैटरी दो घंटे चलती है। इसे दोबारा रिचार्ज कर इस्तेमाल कर सकते हैं। सीएसए के किसान मेले में लगे स्टाल पर वीडर लोगों ने बहुत पसंद किया। मेले में आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि, अयोध्या के स्टाल पर बेल, आंवला, नीबू की नई प्रजातियां प्रस्तुत की गईं। सब्जी विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि बेल की नई प्रजाति ऊसर में भी उगेगी। इसके अलावा नींबू की नई प्रजाति ग्रेप फ्रूट में मिठास रहेगी। इसके साथ ही नरेंद्र हल्दी-1 को पेड़ के नीचे छांव में उगाया जा सकता है। आंवले की ऊसर में उगने वाली प्रजातियां भी विकसित की गईं। मुरब्बा, कैंडी, जूस के लिए अलग-अलग प्रजाति है। इनमें पौष्टिक तत्व भी अधिक रहेंगे।
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किसान मेले में 50 लाख के बीज एवं पौध सामग्री बिकी
शनिवार को तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय किसान मेले का समापन हो गया। तीन दिन में 50 लाख के बीज एवं पौध सामग्री बिकी है। विवि का दावा है कि तीन दिन के मेले में 25 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही। समापन समारोह के मुख्य अतिथि एचबीटीयू के कुलपति. डॉ शमशेर सिंह रहे। सीएसए के निदेशक प्रसार डॉ. वीके त्रिपाठी ने बताया कि किसान मेले में 175 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से कृषि तकनीक, उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। 25 हजार से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया है। एनएसआई निदेशक डॉ. सीमा परोहा ने किसानों को आधुनिक तकनीक, कृषि विविधीकरण, बेहतर विपणन तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआईपीआर के निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित, झांसी के डॉ. एसके चतुर्वेदी, बांदा के डॉ. एनके बाजपेई, डॉ. नंद किशोर, डॉ. सीमा सोनकर, बाबू सिंह आदि मौजूद रहे।
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