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कॉपी नहीं, नोट छाप रही यूनिवर्सिटी
Kanpur
Updated Mon, 24 Nov 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम 2013-14 की कॉपी छपवाने और कागज खरीदने में 1.98 करोड़ 80 हजार रुपये का गोलमाल किया गया है। 2013-14 में जो कागज 5.35 करोड़ रुपये में खरीदा गया था वही इस बार (2014-15) में 3.61 करोड़ रुपये में मिला है। यानी 2013 में कागज के ज्यादा दाम चुकाए गए थे। इसी तरह कॉपी छपवाने पर 2013 में 57 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस बार 52.20 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इस मामले का संज्ञान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लिया है और अनियमितता मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
यूनिवर्सिटी के रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम 2014-15 मार्च, अप्रैल 2015 से प्रस्तावित हैं। इसके लिए एक करोड़ कॉपियां छपवाई जानी हैं। 90 लाख कॉपी 32 पेज (मुख्य एग्जाम के लिए) की होगी और 10 लाख कॉपी 8-8 पेज (प्रैक्टिकल के लिए) की। एक करोड़ कॉपी छपवाने के लिए शहर की जगदीश राय फर्म से 645 मीट्रिक टन कागज यूनिवर्सिटी ने खरीदा है। यह वही फर्म है, जिसने पिछली बार कागज की आपूर्ति की थी। सूत्रों ने बताया कि फर्म से खरीदा गया 520 मीट्रिक टन कागज 60 जीएसएम का है, जिसकी 28 पेज की कॉपी बनवाई जाएगी। 125 मीट्रिक टन कागज 100 जीएसएम का है, जिसका इस्तेमाल चार पेज के ओएमआर शीट के लिए होगा। सारा कागज 3.61 करोड़ रुपये में मिला है। यही गुणवत्ता, यही मात्रा और यही कागज 2013 में 5.35 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। यानी पिछली बार के रेट से इस बार 1.94 करोड़ रुपये कम का कागज मिला है। पिछली बार कागज खरीदने के बाद जो कॉपी छपवाई गई, उसमें भी बड़ा खेल हुआ है। पिछली बार 57 लाख रुपये खर्च आया था और इस बार उतनी ही संख्या, वैसी ही क्वालिटी और मात्रा क ी कापी 52.20 लाख रुपये में छपवाई जा रही हैं। यानी इस बार कॉपी छपवाने में 4.80 लाख रुपये कम लग रहे हैं।
टेंडर खुला, फर्म भी फाइनल
कॉपी छपाई का टेंडर खुल चुका है। परचेज कमेटी के बाद 32 पेज की कॉपी पीतांबर प्रिंटिंग प्रेस को दिए जाने पर सहमति बन गई है। पीतांबर प्रिंटिंग प्रेस झांसी में 32 पेज की एक हजार कॉपी छापने का रेट 548 रुपये हैं, जो कि सबसे लोएस्ट हैं। अमित प्रिंटिंग प्रेस ने 560 रुपये के रेट दिए हैं। अमित प्रिंटिंग प्रेस ने एक हजार कॉपी (8 पेज की) 320 रुपये में छापने का रेट दिया है। पीतांबरा प्रिंटिंग प्रेस ने 333 रुपये का रेट दिया , जो कि लोएस्ट रेट से 13 रुपये ज्यादा है।
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कागज खरीदने, कॉपी छपवाने के रेट और उसके अंतर
2013-14 (पिछलीबार)
79 रुपये प्रति किलो खरीदा था 60 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 520 मीट्रिक टन)
82 रुपये 40 पैसे प्रति किलो खरीदा था 100 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 125 मीट्रिक टन)
585 रुपये छापी गई थी 32 पेज की एक हजार कॉपी (अमित प्रिंटिंग प्रेस मथुरा ने किया था काम)
360 रुपये रुपये में छापी गई थी 32 पेज की एक हजार कॉपी (अमित प्रिंटिंग प्रेस मथुरा ने किया था काम)
2014-15 (इस बार)
56 रुपये 50 पैसे प्रति किलो में खरीदा 60 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 520 मीट्रिक टन)
57 रुपये 80 पैसे प्रति किलो में खरीदा 100 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 125 मीट्रिक टन)
548 रुपये छपेगी 32 पेज की एक हजार कॉपी
320 रुपये में छपेगी 8 पेज की एक हजार कॉपी
मोटा कागज सस्ता, फिर भी ज्यादा रेट
कॉपी का कागज बिजनौर की मोहित पेपर मिल से आता है, जिसकी आपूर्ति जनरलगंज की जगदीश राय फर्म करती है। यह कागज ब्रांडेड नहीं माना जाता है। कागज जितना मोटा (100 जीएसएम) होता है, वह उतना ही सस्ता मिलता है, फिर भी कानपुर यूनिवर्सिटी ने 82.40 रुपये प्रति किलो ग्राम का मोटा कागज खरीदा है। मोटा कागज की प्रति किलो ग्राम कीमत 52-57 रुपये रहती है। 60 जीएसएम की कॉपी के प्रति किलोग्राम कागज का रेट भी 58 रुपये से ऊपर नहीं गया है। 2013, 2014 और 2015 में कागज के रेट समान रहे हैं। आईटीसी, जेके, सेंचुरी और बिल्ट का कागज ब्रांडेड माना जाता है, जिसका प्रति किलो ग्राम रेट 60-65 रुपये होता है। अन्य कंपनियों के 60 और 100 जीएसएम के प्रति किलो ग्राम कागज 52-58 रुपये में मिल जाते हैं।
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यूनिवर्सिटी के रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम 2014-15 मार्च, अप्रैल 2015 से प्रस्तावित हैं। इसके लिए एक करोड़ कॉपियां छपवाई जानी हैं। 90 लाख कॉपी 32 पेज (मुख्य एग्जाम के लिए) की होगी और 10 लाख कॉपी 8-8 पेज (प्रैक्टिकल के लिए) की। एक करोड़ कॉपी छपवाने के लिए शहर की जगदीश राय फर्म से 645 मीट्रिक टन कागज यूनिवर्सिटी ने खरीदा है। यह वही फर्म है, जिसने पिछली बार कागज की आपूर्ति की थी। सूत्रों ने बताया कि फर्म से खरीदा गया 520 मीट्रिक टन कागज 60 जीएसएम का है, जिसकी 28 पेज की कॉपी बनवाई जाएगी। 125 मीट्रिक टन कागज 100 जीएसएम का है, जिसका इस्तेमाल चार पेज के ओएमआर शीट के लिए होगा। सारा कागज 3.61 करोड़ रुपये में मिला है। यही गुणवत्ता, यही मात्रा और यही कागज 2013 में 5.35 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। यानी पिछली बार के रेट से इस बार 1.94 करोड़ रुपये कम का कागज मिला है। पिछली बार कागज खरीदने के बाद जो कॉपी छपवाई गई, उसमें भी बड़ा खेल हुआ है। पिछली बार 57 लाख रुपये खर्च आया था और इस बार उतनी ही संख्या, वैसी ही क्वालिटी और मात्रा क ी कापी 52.20 लाख रुपये में छपवाई जा रही हैं। यानी इस बार कॉपी छपवाने में 4.80 लाख रुपये कम लग रहे हैं।
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टेंडर खुला, फर्म भी फाइनल
कॉपी छपाई का टेंडर खुल चुका है। परचेज कमेटी के बाद 32 पेज की कॉपी पीतांबर प्रिंटिंग प्रेस को दिए जाने पर सहमति बन गई है। पीतांबर प्रिंटिंग प्रेस झांसी में 32 पेज की एक हजार कॉपी छापने का रेट 548 रुपये हैं, जो कि सबसे लोएस्ट हैं। अमित प्रिंटिंग प्रेस ने 560 रुपये के रेट दिए हैं। अमित प्रिंटिंग प्रेस ने एक हजार कॉपी (8 पेज की) 320 रुपये में छापने का रेट दिया है। पीतांबरा प्रिंटिंग प्रेस ने 333 रुपये का रेट दिया , जो कि लोएस्ट रेट से 13 रुपये ज्यादा है।
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कागज खरीदने, कॉपी छपवाने के रेट और उसके अंतर
2013-14 (पिछलीबार)
79 रुपये प्रति किलो खरीदा था 60 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 520 मीट्रिक टन)
82 रुपये 40 पैसे प्रति किलो खरीदा था 100 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 125 मीट्रिक टन)
585 रुपये छापी गई थी 32 पेज की एक हजार कॉपी (अमित प्रिंटिंग प्रेस मथुरा ने किया था काम)
360 रुपये रुपये में छापी गई थी 32 पेज की एक हजार कॉपी (अमित प्रिंटिंग प्रेस मथुरा ने किया था काम)
2014-15 (इस बार)
56 रुपये 50 पैसे प्रति किलो में खरीदा 60 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 520 मीट्रिक टन)
57 रुपये 80 पैसे प्रति किलो में खरीदा 100 जीएसएम का कागज (कुल खरीद 125 मीट्रिक टन)
548 रुपये छपेगी 32 पेज की एक हजार कॉपी
320 रुपये में छपेगी 8 पेज की एक हजार कॉपी
मोटा कागज सस्ता, फिर भी ज्यादा रेट
कॉपी का कागज बिजनौर की मोहित पेपर मिल से आता है, जिसकी आपूर्ति जनरलगंज की जगदीश राय फर्म करती है। यह कागज ब्रांडेड नहीं माना जाता है। कागज जितना मोटा (100 जीएसएम) होता है, वह उतना ही सस्ता मिलता है, फिर भी कानपुर यूनिवर्सिटी ने 82.40 रुपये प्रति किलो ग्राम का मोटा कागज खरीदा है। मोटा कागज की प्रति किलो ग्राम कीमत 52-57 रुपये रहती है। 60 जीएसएम की कॉपी के प्रति किलोग्राम कागज का रेट भी 58 रुपये से ऊपर नहीं गया है। 2013, 2014 और 2015 में कागज के रेट समान रहे हैं। आईटीसी, जेके, सेंचुरी और बिल्ट का कागज ब्रांडेड माना जाता है, जिसका प्रति किलो ग्राम रेट 60-65 रुपये होता है। अन्य कंपनियों के 60 और 100 जीएसएम के प्रति किलो ग्राम कागज 52-58 रुपये में मिल जाते हैं।