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‘घंटों खड़ा रख रैगिंग करते हैं सीनियर्स’

Tue, 14 Oct 2014 05:32 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Tue, 14 Oct 2014 05:32 AM IST
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कानपुर। ‘मेडिसिन विभाग में रैगिंग की जा रही है। सीनियर 20 - 20 घंटे खड़ा रखते हैं। काम भी जरूरत से ज्यादा कराते हैं। कभी - कभी सीनियर शराब पीकर भी वार्ड में चले आते हैं। जेआर-3 ज्यादा परेशान करते हैं।’ यह आरोप जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग से गैरहाजिर जूनियर डॉक्टर ज्योत्सना ने लगाए हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में मैंने एक सितंबर को और फिर सात सितंबर को मैम (विभागाध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी) से रैगिंग की मौखिक शिकायत की थी, पर उन्होंने रैगिंग करने वाले जेआर-3 के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। इसलिए मैं यह सीट छोड़ रही हूं। मुझे मालूम है कि मेडिसिन विभाग की सीट बड़ी मुश्किल से मिलती है। कोई छोड़ना नहीं चाहेगा, पर रैगिंग की वजह से मैं ड्यूटी नहीं करना चाहती हूं। उधर, कालेज प्रशासन रैगिंग से इनकार कर रहा है।
गोविंद नगर निवासी डॉ. ज्योत्सना की चालू शैक्षिक सत्र से पहले हुए यूपीपीजीएमई में बेहतर रैंक आई थी। उन्हें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में जूनियर डॉक्टर (जेआर-1) की सीट आवंटित हुई। उन्होंने जुलाई में ज्वाइन कर कामकाज शुरू किया। 51 हजार रुपये प्रति माह मानदेय भी मिलने लगा, पर सितंबर की शुरुआत में वह अचानक गायब हो गईं। इससे हड़कंप मच गया, पर छह सितंबर को वह स्वत: लौट आई थीं। सात सितंबर को उन्होंने आईसीयू में ड्यूटी की, पर उसके बाद से पुन: गैरहाजिर हो गईं। मेडिसिन विभाग की हेड डॉ. आरती लाल चंदानी ने बताया कि प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार को इसकी सूचना दे दी गई है।
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इस संबंध में डॉ. ज्योत्सना ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि डिपार्टमेंट में रैगिंग हो रही है। अक्सर सीनियर ड्रिंक करके वार्ड में चले आते हैं, यह बहुत गलत है। मुख्यतया जेआर-3 परेशान करते हैं। पांच - पांच मिनट में मरीजों का बीपी चेक करने के लिए कहते हैं। जेआर-2 से कोई खास दिक्कत नहीं है। एक सितंबर को मैम (डॉ. चंदानी) को बताया था, पर कड़ा एक्शन नहीं लिया गया। सात सितंबर को मैम के समझाने पर दोबारा ज्वाइन किया। आईसीयू में ड्यूटी की तो वहां पहुंचकर सीनियर्स कहने लगे कि तुमने बहुत गलत किया है। तुम्हें फेल किया जा सकता है। यदि फेल ही किया जाना है तो वह क्यों आए? इतनी मेहनत से मिली सीट कौन छोड़ना चाहेगा? पांच लाख का बांड भरा है, भुगताना पड़ेगा, पर मैं सीट छोड़ रही हूं। सात तारीख को भी जाते समय मैम से रैगिंग की शिकायत की थी।
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डॉ. ज्योत्सना झूठ बोल रही हैं। उसने मुझसे रैगिंग की शिकायत नहीं की। रैगिंग की बात गलत है। सीनियर के शराब पीकर ड्यूटी पर आने की बात गलत है। एक सितंबर को गैरहाजिर होने के बाद उसने सात सितंबर को आईसीयू में ड्यूटी की, उस समय मैं भी वहां खड़ी रही थी।

डॉ. आरती लाल चंदानी, हेड, मेडिसिन विभाग

डॉ. ज्योत्सना ने मुझसे रैगिंग की शिकायत नहीं की और न ही ऐसा कोई मामला है। वह बिना सूचना दिए डिपार्टमेंट से गायब हैं। वह न तो लैक्चर अटेंड कर रही हैं और न ही वार्ड में ड्यूटी कर रही हैं।
डॉ. बीपी प्रियदर्शी, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग

डॉ. ज्योत्सना झूठ बोल रही हैं। रैगिंग की बात गलत है। मैं डॉ. ज्योत्सना और उसके अभिभावकों से बात करूंगा।
डॉ. नवनीत कुमार, प्रिंसिपल, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

डॉ. ज्योत्सना ने कल भी हॉस्टल में हाजिरी लगाई है और आज भी। उनकी एक महीने की गतिविधियों की जांच कराई जा रही है।
डॉ. किरन पांडे, वार्डेन, पीजी गर्ल्स हास्टल
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