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कांग्रेस नेता को फंसाने में दो सिपाहियों को जेल
Kanpur
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:33 AM IST
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कानपुर। नकली नोट बरामदगी दिखाकर बांदा के कांग्रेसी नेता को फंसाने के मामले में अभियुक्त दो सिपाहियों ने बुधवार को जिला जज की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया है। अब इस मामले की सुनवाई 13 अक्तूबर को होगी।
2 फरवरी 2011 में तत्कालीन कलक्टरगंज इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी और अन्य पुलिसकर्मियों ने कांग्रेस नेता संजीव अवस्थी और उनके ड्राइवर शंभू की गिरफ्तारी घंटाघर के पास राजा सेठ होटल के बाहर से दिखाई थी। दावा किया था कि उनके पास से साढ़े तीन लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए गए। इस मामले में आरोपी करीब तीन माह जेल में रहे थे। बाद में संजीव अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल कर कहा था कि वह ताज कॉरीडोर मामले में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती के खिलाफ और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दाखिल रिट में पैरोकार हैं। इसलिए फर्जी तरीके से उनकी गिरफ्तारी कराई गई। इस मामले की जांच कर रही ईओडब्लू ने संजीव अवस्थी और ड्राइवर के खिलाफ फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें वांछित सिपाही मो. हफीज और राम करन सिंह सेंगर ने जिला जज की कोर्ट में सरेंडर किया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया।
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2 फरवरी 2011 में तत्कालीन कलक्टरगंज इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी और अन्य पुलिसकर्मियों ने कांग्रेस नेता संजीव अवस्थी और उनके ड्राइवर शंभू की गिरफ्तारी घंटाघर के पास राजा सेठ होटल के बाहर से दिखाई थी। दावा किया था कि उनके पास से साढ़े तीन लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए गए। इस मामले में आरोपी करीब तीन माह जेल में रहे थे। बाद में संजीव अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल कर कहा था कि वह ताज कॉरीडोर मामले में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती के खिलाफ और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दाखिल रिट में पैरोकार हैं। इसलिए फर्जी तरीके से उनकी गिरफ्तारी कराई गई। इस मामले की जांच कर रही ईओडब्लू ने संजीव अवस्थी और ड्राइवर के खिलाफ फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें वांछित सिपाही मो. हफीज और राम करन सिंह सेंगर ने जिला जज की कोर्ट में सरेंडर किया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया।
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