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आईएमए चुनाव में रचा इतिहास
Kanpur
Updated Mon, 15 Sep 2014 05:31 AM IST
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कानपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) में अध्यक्ष, सचिव समेत पूरी कमेटी और कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित हो गई है। रविवार को कार्यकारिणी के लिए नामांकन कराने वाले 18 उम्मीदवारों ने एक साथ नाम वापस ले लिए। इस कारण 62 सदस्यीय कार्यकारिणी में कोई प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी ही नहीं बचा और सभी निर्विरोध तय हो गए। 102 साल पुरानी आईएमए के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब पूरी कार्यकारिणी का चुनाव आम सहमति से हुआ और मतदान की नौबत नहीं आई। अब 12 अक्तूबर को आमसभा में चुने गए नए पदाधिकारियों के नामों का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
हाईप्रोफाइल आईएमए चुनाव को लेकर एक महीने से विवाद चल रहा था। जिलाधिकारी और फर्म्स सोसाइटीज तथा चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार के हस्ताक्षेप के बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी। इस बीच आईएमए की वर्तमान अध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी के गुट ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया, जबकि दूसरे गुट की तरफ से अध्यक्ष समेत मेन कमेटी के सभी 12 पदों के लिए 12 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया। दूसरे गुट के बहिष्कार के चलते इन सभी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता दो दिन पहले ही साफ हो गया था। हालांकि कार्यकारिणी के 43 पदों के लिए 62 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से एक नाम 13 सितंबर को स्कूटनी में कम हो गया। फिर भी कार्यकारिणी के तय पदों से 18 प्रत्याशी ज्यादा थे। रविवार को शाम तक नाम वापसी होनी थी। इसी बीच चुनाव कमेटी ने सुबह सदस्यों को एक एसएमएस किया कि मेनबाडी (आफिस बियरर्स) चुने जा चुके हैं। यदि कार्यकारिणी के लिए चुनाव कराया जाता है, तब भी उतने ही इंतजाम और खर्च करने पड़ेंगे। एसोसिएशन की बिल्डिंग टूटने की वजह से अपनी चुनाव कराने लायक जगह भी नहीं बची है। आह्वान किया गया कि दो साल पदाधिकारी रह चुके वरिष्ठ सदस्य नए सदस्यों को मौका दें। इस एसएमएस का इतना जबरदस्त असर हुआ कि शाम तक कार्यकारिणी के 18 उम्मीदवारों ने अपने - अपने नाम वापस ले लिए। नाम वापस लेने वालों में वरिष्ठतम सदस्य डॉ. गुलाब अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. राजीव कक्कड़ शामिल हैं, जबकि तीन कपल में से एक - एक ने विड्रा कर लिया। इनमें डॉ. आरपीएस भदौरिया, डॉ. संगीता आर्या और डॉ. क्षमा शुक्ला शामिल हैं। डॉ. आरपीएस की पत्नी डॉ. अर्चना भदौरिया उपाध्यक्ष और डॉ. क्षमा के पति डॉ. बृजेद्र शुक्ला वित्त सचिव पद के लिए निर्विरोध हुए हैं, जबकि डॉ. संगीता आर्या के पति डॉ. अनिल कुमार वर्मा भी कार्यकारिणी के लिए चुनाव मैदान में थे।
कार्यकारिणी के लिए नामांकन कराने वाले 18 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं। इसलिए अब मुख्य कमेटी के 12 पदों के लिए 12 और कार्यकारिणी के 43 पदों के लिए 43 प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में है। इसलिए मतदान कराने की जरूरत नहीं है। सभी पदाधिकारियों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा 12 अक्तूबर को जेएल रोहतगी हास्पिटल सभागार में आयोजित आमसभा में की जाएगी।
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डॉ. संतोष कुमार, चेयरमैन, चुनाव कमेटी
इंसेट
आईएमए में लगातार तीसरी बार महिला अध्यक्ष
आईएमए के इतिहास में लगातार तीसरे साल महिला अध्यक्ष बनी हैं। पिछले साल डॉ. आरती लाल चंदानी और उससे ठीक पहले डॉ. अल्का शर्मा अध्यक्ष पद का चुनाव जीती थीं। जबकि 102 साल पुरानी इस एसोसिएशन में पहली बार 1961 में डॉ. चंद्रकांता रोहतगी अध्यक्ष बनी थीं। फिर 1999 में डॉ. वीके सिंह अध्यक्ष चुनी गई थीं।
11 साल बाद निर्विरोध अध्यक्ष का चयन
आईएमए में 11 साल बाद अध्यक्ष पद का चुनाव निर्विरोध हुआ है। इससे पहले 2003 में डॉ. संतोष कुमार अध्यक्ष बने थे। उसके बाद हर साल इस पद के लिए चुनाव होते रहे हैं। दरअसल, आईएमए गठन से लेकर 1966 तक दो - दो साल के लिए अध्यक्ष चुने जाते थे। फिर जीएसवीएम मेडिकल कालेज खुलने से हर साल चुनाव होने लगा, तब भी आपसी सहमति से एक साल मेडिकल कालेज के डॉक्टर और दूसरे साल प्राइवेट प्रैक्टिसनर्स आईएमए अध्यक्ष बनते थे। यह परंपरा 2003 तक चली थी। 2004 में पहली बार इस पद के लिए हुए नामांकन में डॉ. एके आहूजा जीते थे।
डॉ. प्रवीण बने युवा उपाध्यक्ष
इस कमेटी के लिए निर्वाचित उपाध्यक्षों में से डॉ. प्रवीण कटियार (36) सबसे युवा उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले वह और डॉ. आरएन चौरसिया आईएमए के सबसे युवा सचिव रह चुके हैं।
पद ये हुए निर्विरोध
अध्यक्ष डॉ. किरन पाण्डेय
सचिव डॉ. आरसी गुप्ता
उपाध्यक्ष (चार पद) डॉ. प्रवीण कटियार, डॉ. मलय चतुवेदी, डॉ. एके गुप्ता और डॉ. अर्चना भदौरिया
वित्त सचिव डॉ. बृजेंद्र शुक्ला
वैज्ञानिक सचिव डॉ. मनीष निगम
प्रापर्टी सचिव डॉ. राम सिंह वर्मा
सांस्कृतिक सचिव डॉ. गौरव दुबे
खेल सचिव डॉ. राहुल मिश्रा
पुस्तकालय सचिव डॉ. हरीश चौधरी
कार्यकारिणी (43 पद) डॉ. सुधीर कांत, डॉ. स्वदेश गुप्ता, डॉ. कमल धवन, डॉ. परवेज खान, डॉ. जलज सक्सेना, डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. विनय मिश्रा, डॉ. चरनजीत सिंह, डॉ. अशोक कुमार जाटव, डॉ. किरन अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र गुप्ता, डॉ. सुनित मिश्र, डॉ. अभिषेक शुक्ला, डॉ. दीपक अवस्थी, डॉ. एसबी मिश्रा, डॉ. रोहित मेहरोत्रा, डॉ. मनीष वर्मा, डॉ. योगेंद्र सिंह यादव, डॉ. अनिल कुमार वर्मा, डॉ. आशीष विश्वास, डॉ. वीके सचान, डॉ. यशवंत राव, डॉ. शिवाजी चतुर्वेदी, डॉ. अर्चना कुमार, डॉ. सुशील चतुर्वेदी, डॉ. एसके सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ.एएन शुक्ला, डॉ. एसके निगम, डॉ. अशोक कुमार निगम, डॉ. शरद वाजपेयी, डॉ. शरद दमेले, डॉ. आरके राजपाल, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. साकेत निगम, डॉ. रीता मित्तल, डॉ. आरए साहू, डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. विश्वामित्र आर्या, डॉ. सीमा द्विवेदी और डॉ. दीप्ती निगम।
इन्होंने नाम वापस लिए
डॉ. विकास मिश्रा, डॉ. गुलाब अग्रवाल, डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. राजीव कक्कड़, डॉ. आरपीएस भदौरिया, डॉ. निखिल गुप्ता, डॉ. देवाज्योति देवराय, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. मधुकर कटियार, डॉ. संगीता आर्या, डॉ. प्रदीप टंडन, डॉ. शालिनी मोहन, डॉ. नीलम मिश्रा, डॉ. कंचन माला, डॉ. शिवम तिवारी, डॉ. निशांत सक्सेना, डॉ. क्षमा शुक्ला और डॉ. सपना गुप्ता।
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हाईप्रोफाइल आईएमए चुनाव को लेकर एक महीने से विवाद चल रहा था। जिलाधिकारी और फर्म्स सोसाइटीज तथा चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार के हस्ताक्षेप के बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी। इस बीच आईएमए की वर्तमान अध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी के गुट ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया, जबकि दूसरे गुट की तरफ से अध्यक्ष समेत मेन कमेटी के सभी 12 पदों के लिए 12 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया। दूसरे गुट के बहिष्कार के चलते इन सभी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता दो दिन पहले ही साफ हो गया था। हालांकि कार्यकारिणी के 43 पदों के लिए 62 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से एक नाम 13 सितंबर को स्कूटनी में कम हो गया। फिर भी कार्यकारिणी के तय पदों से 18 प्रत्याशी ज्यादा थे। रविवार को शाम तक नाम वापसी होनी थी। इसी बीच चुनाव कमेटी ने सुबह सदस्यों को एक एसएमएस किया कि मेनबाडी (आफिस बियरर्स) चुने जा चुके हैं। यदि कार्यकारिणी के लिए चुनाव कराया जाता है, तब भी उतने ही इंतजाम और खर्च करने पड़ेंगे। एसोसिएशन की बिल्डिंग टूटने की वजह से अपनी चुनाव कराने लायक जगह भी नहीं बची है। आह्वान किया गया कि दो साल पदाधिकारी रह चुके वरिष्ठ सदस्य नए सदस्यों को मौका दें। इस एसएमएस का इतना जबरदस्त असर हुआ कि शाम तक कार्यकारिणी के 18 उम्मीदवारों ने अपने - अपने नाम वापस ले लिए। नाम वापस लेने वालों में वरिष्ठतम सदस्य डॉ. गुलाब अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. राजीव कक्कड़ शामिल हैं, जबकि तीन कपल में से एक - एक ने विड्रा कर लिया। इनमें डॉ. आरपीएस भदौरिया, डॉ. संगीता आर्या और डॉ. क्षमा शुक्ला शामिल हैं। डॉ. आरपीएस की पत्नी डॉ. अर्चना भदौरिया उपाध्यक्ष और डॉ. क्षमा के पति डॉ. बृजेद्र शुक्ला वित्त सचिव पद के लिए निर्विरोध हुए हैं, जबकि डॉ. संगीता आर्या के पति डॉ. अनिल कुमार वर्मा भी कार्यकारिणी के लिए चुनाव मैदान में थे।
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कार्यकारिणी के लिए नामांकन कराने वाले 18 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं। इसलिए अब मुख्य कमेटी के 12 पदों के लिए 12 और कार्यकारिणी के 43 पदों के लिए 43 प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में है। इसलिए मतदान कराने की जरूरत नहीं है। सभी पदाधिकारियों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा 12 अक्तूबर को जेएल रोहतगी हास्पिटल सभागार में आयोजित आमसभा में की जाएगी।
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डॉ. संतोष कुमार, चेयरमैन, चुनाव कमेटी
इंसेट
आईएमए में लगातार तीसरी बार महिला अध्यक्ष
आईएमए के इतिहास में लगातार तीसरे साल महिला अध्यक्ष बनी हैं। पिछले साल डॉ. आरती लाल चंदानी और उससे ठीक पहले डॉ. अल्का शर्मा अध्यक्ष पद का चुनाव जीती थीं। जबकि 102 साल पुरानी इस एसोसिएशन में पहली बार 1961 में डॉ. चंद्रकांता रोहतगी अध्यक्ष बनी थीं। फिर 1999 में डॉ. वीके सिंह अध्यक्ष चुनी गई थीं।
11 साल बाद निर्विरोध अध्यक्ष का चयन
आईएमए में 11 साल बाद अध्यक्ष पद का चुनाव निर्विरोध हुआ है। इससे पहले 2003 में डॉ. संतोष कुमार अध्यक्ष बने थे। उसके बाद हर साल इस पद के लिए चुनाव होते रहे हैं। दरअसल, आईएमए गठन से लेकर 1966 तक दो - दो साल के लिए अध्यक्ष चुने जाते थे। फिर जीएसवीएम मेडिकल कालेज खुलने से हर साल चुनाव होने लगा, तब भी आपसी सहमति से एक साल मेडिकल कालेज के डॉक्टर और दूसरे साल प्राइवेट प्रैक्टिसनर्स आईएमए अध्यक्ष बनते थे। यह परंपरा 2003 तक चली थी। 2004 में पहली बार इस पद के लिए हुए नामांकन में डॉ. एके आहूजा जीते थे।
डॉ. प्रवीण बने युवा उपाध्यक्ष
इस कमेटी के लिए निर्वाचित उपाध्यक्षों में से डॉ. प्रवीण कटियार (36) सबसे युवा उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले वह और डॉ. आरएन चौरसिया आईएमए के सबसे युवा सचिव रह चुके हैं।
पद ये हुए निर्विरोध
अध्यक्ष डॉ. किरन पाण्डेय
सचिव डॉ. आरसी गुप्ता
उपाध्यक्ष (चार पद) डॉ. प्रवीण कटियार, डॉ. मलय चतुवेदी, डॉ. एके गुप्ता और डॉ. अर्चना भदौरिया
वित्त सचिव डॉ. बृजेंद्र शुक्ला
वैज्ञानिक सचिव डॉ. मनीष निगम
प्रापर्टी सचिव डॉ. राम सिंह वर्मा
सांस्कृतिक सचिव डॉ. गौरव दुबे
खेल सचिव डॉ. राहुल मिश्रा
पुस्तकालय सचिव डॉ. हरीश चौधरी
कार्यकारिणी (43 पद) डॉ. सुधीर कांत, डॉ. स्वदेश गुप्ता, डॉ. कमल धवन, डॉ. परवेज खान, डॉ. जलज सक्सेना, डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. विनय मिश्रा, डॉ. चरनजीत सिंह, डॉ. अशोक कुमार जाटव, डॉ. किरन अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र गुप्ता, डॉ. सुनित मिश्र, डॉ. अभिषेक शुक्ला, डॉ. दीपक अवस्थी, डॉ. एसबी मिश्रा, डॉ. रोहित मेहरोत्रा, डॉ. मनीष वर्मा, डॉ. योगेंद्र सिंह यादव, डॉ. अनिल कुमार वर्मा, डॉ. आशीष विश्वास, डॉ. वीके सचान, डॉ. यशवंत राव, डॉ. शिवाजी चतुर्वेदी, डॉ. अर्चना कुमार, डॉ. सुशील चतुर्वेदी, डॉ. एसके सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ.एएन शुक्ला, डॉ. एसके निगम, डॉ. अशोक कुमार निगम, डॉ. शरद वाजपेयी, डॉ. शरद दमेले, डॉ. आरके राजपाल, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. साकेत निगम, डॉ. रीता मित्तल, डॉ. आरए साहू, डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. विश्वामित्र आर्या, डॉ. सीमा द्विवेदी और डॉ. दीप्ती निगम।
इन्होंने नाम वापस लिए
डॉ. विकास मिश्रा, डॉ. गुलाब अग्रवाल, डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. राजीव कक्कड़, डॉ. आरपीएस भदौरिया, डॉ. निखिल गुप्ता, डॉ. देवाज्योति देवराय, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. मधुकर कटियार, डॉ. संगीता आर्या, डॉ. प्रदीप टंडन, डॉ. शालिनी मोहन, डॉ. नीलम मिश्रा, डॉ. कंचन माला, डॉ. शिवम तिवारी, डॉ. निशांत सक्सेना, डॉ. क्षमा शुक्ला और डॉ. सपना गुप्ता।