{"_id":"38-196314","slug":"Kanpur-196314-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्योति को था हत्या का अहसास: पिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्योति को था हत्या का अहसास: पिता
Kanpur
Updated Sat, 06 Sep 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। ‘ज्योति श्यामदासानी को अपने साथ अनहोनी का अहसास हो गया था। हत्या के करीब 20 मिनट पहले ज्योति ने अपनी बुआ मोनिका से मोबाइल पर बातचीत में कहा था कि पीयूष आज बहुत ज्यादा प्यार से पेश आ रहा है। रेस्टोरेंट में खाना भी खिलाने लाया है। उसे अपनी जान का खतरा लग रहा है।’ इस बात का खुलासा गुरुवार को ज्योति के पिता शंकर लाल नागदेव ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में किया।
जबलपुर में रहने वाले शंकर लाल नागदेव ने कहा कि ज्योति अपनी मां और बुआ कोपीयूष की हरकते बताती थी। इसी वजह से उसे इस बार रक्षाबंधन पर मायके आने को कहा था। वह सीधे बेटी ज्योति से बात करना चाहते थे। पर इसकेपहले ही ज्योति की हत्या हो गई। उन्होंने कहा कि मनीषा माखीजा के चलते ही पीयूष ने भाड़े के हत्यारों से ज्योति की हत्या करवाई है। इसलिए पीयूष के साथ मनीषा को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पीयूष की मां पूनम और पिता ओम प्रकाश की संलिप्तता भी प्रतीत हो रही है। शंकर लाल ने आरोप लगाया कि कुछ राजनेता और बड़े कारोबारी मामले को दबाने का अभी भी प्रयास कर रहे हैं। पर, पुलिस की भूमिका अभी तक सही है। मनीषा का प्रेगनेंसी टेस्ट न कराने, पीयूष और मनीषा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ न करने, पीयूष और मनीषा के हथेली के निशान न लेने जैसी कई बातों को लेकर उन्हें पुलिस की विवेचना पर शक जरूर हुआ। इस सिलसिले में वह पुलिस अफसरों और अधिवक्ताओं से जानकारी लेने कानपुर आए हैं।
उन्होंने आईजी आशुतोष पांडेय, एसएसपी के. सुनील इमैनुएल और एसपी पूर्वी प्रभाकर चौधरी से बातचीत भी की और कहा कि निर्दोष को न फंसाया जाए और दोषी को बख्शा न जाए। वे हाईकोर्ट में भी अभियुक्तों की जमानत का विरोध करेंगे। मनीषा के मोबाइल की कॉल डिटेल और एसएमएस का ब्योरा पुलिस को नहीं मिला है। ब्लैक बैरी कंपनी अपने उपभोक्ताओं के मोबाइल का डिटेल नहीं देती है। इसलिए उन्होंने मध्य प्रदेश के सांसदों के जरिए केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई है।
विज्ञापन
मिली सुरक्षा
ज्योति हत्याकांड की पैरवी करने आए शंकर लाल नागदेव को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उन्हें एक गनर और शैडो के साथ पुलिस की एक गाड़ी भी मिली है। मालूम हो कि शंकर लाल ने इटावा के फत्तूराम पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए सीएम अखिलेश यादव और आईजी आशुतोष पांडेय से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
विज्ञापन
जबलपुर में रहने वाले शंकर लाल नागदेव ने कहा कि ज्योति अपनी मां और बुआ कोपीयूष की हरकते बताती थी। इसी वजह से उसे इस बार रक्षाबंधन पर मायके आने को कहा था। वह सीधे बेटी ज्योति से बात करना चाहते थे। पर इसकेपहले ही ज्योति की हत्या हो गई। उन्होंने कहा कि मनीषा माखीजा के चलते ही पीयूष ने भाड़े के हत्यारों से ज्योति की हत्या करवाई है। इसलिए पीयूष के साथ मनीषा को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पीयूष की मां पूनम और पिता ओम प्रकाश की संलिप्तता भी प्रतीत हो रही है। शंकर लाल ने आरोप लगाया कि कुछ राजनेता और बड़े कारोबारी मामले को दबाने का अभी भी प्रयास कर रहे हैं। पर, पुलिस की भूमिका अभी तक सही है। मनीषा का प्रेगनेंसी टेस्ट न कराने, पीयूष और मनीषा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ न करने, पीयूष और मनीषा के हथेली के निशान न लेने जैसी कई बातों को लेकर उन्हें पुलिस की विवेचना पर शक जरूर हुआ। इस सिलसिले में वह पुलिस अफसरों और अधिवक्ताओं से जानकारी लेने कानपुर आए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने आईजी आशुतोष पांडेय, एसएसपी के. सुनील इमैनुएल और एसपी पूर्वी प्रभाकर चौधरी से बातचीत भी की और कहा कि निर्दोष को न फंसाया जाए और दोषी को बख्शा न जाए। वे हाईकोर्ट में भी अभियुक्तों की जमानत का विरोध करेंगे। मनीषा के मोबाइल की कॉल डिटेल और एसएमएस का ब्योरा पुलिस को नहीं मिला है। ब्लैक बैरी कंपनी अपने उपभोक्ताओं के मोबाइल का डिटेल नहीं देती है। इसलिए उन्होंने मध्य प्रदेश के सांसदों के जरिए केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई है।
विज्ञापन
मिली सुरक्षा
ज्योति हत्याकांड की पैरवी करने आए शंकर लाल नागदेव को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उन्हें एक गनर और शैडो के साथ पुलिस की एक गाड़ी भी मिली है। मालूम हो कि शंकर लाल ने इटावा के फत्तूराम पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए सीएम अखिलेश यादव और आईजी आशुतोष पांडेय से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।