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उर्सला में आएगी नई ब्लड कंपोनेंट मशीन
Kanpur
Updated Sat, 19 Oct 2013 05:39 AM IST
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कानपुर। जिला अस्पताल उर्सला के ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी के मद्देनजर ब्लड बैंक में नई कंपोनेंट मशीन लाने की तैयारी चल रही है। नई मशीन आने के बाद प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, आरबीसी और डब्ल्यूबीसी बनाने में और आसानी हो जाएगी।
महानगर में खून की उपलब्धता कराने के लिए दो बड़े ब्लड बैंक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और उर्सला हॉर्समैन चिकित्सालय में बने हुए हैं। इन ब्लड बैंकों के अलावा पांच प्राइवेट ब्लड बैंक भी संचालित हैं। फीस सस्ती होने की वजह से मरीजों के तीमारदार सरकारी ब्लड बैंकों में सबसे ज्यादा जाते हैं। मेडिकल कॉलेज और उर्सला के ब्लड बैंक में ब्लड यूनिट और कंपोनेंट का यूजर चार्ज 300-1600 रुपए तक है। वहीं प्राइवेट ब्लड बैंक वाले ब्लड यूनिट देने के बदले 1000- 3000 रुपए तक लेते हैं। मेडिकल कॉलेज की प्लेटलेट्स सेल और ब्लड बैंक में अत्याधुनिक मशीने लगी हुई हैं। उर्सला की अपेक्षा खून की सबसे ज्यादा खपत मेडिकल कॉलेज से ही होती है। उर्सला में नई मशीन आ जाने के बाद मेडिकल कॉलेज का भार कुछ कम होगा। सीएमओ डॉ. आरपी यादव ने बताया कि नई मशीन नवंबर तक आने की उम्मीद है।
महानगर में खून की उपलब्धता कराने के लिए दो बड़े ब्लड बैंक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और उर्सला हॉर्समैन चिकित्सालय में बने हुए हैं। इन ब्लड बैंकों के अलावा पांच प्राइवेट ब्लड बैंक भी संचालित हैं। फीस सस्ती होने की वजह से मरीजों के तीमारदार सरकारी ब्लड बैंकों में सबसे ज्यादा जाते हैं। मेडिकल कॉलेज और उर्सला के ब्लड बैंक में ब्लड यूनिट और कंपोनेंट का यूजर चार्ज 300-1600 रुपए तक है। वहीं प्राइवेट ब्लड बैंक वाले ब्लड यूनिट देने के बदले 1000- 3000 रुपए तक लेते हैं। मेडिकल कॉलेज की प्लेटलेट्स सेल और ब्लड बैंक में अत्याधुनिक मशीने लगी हुई हैं। उर्सला की अपेक्षा खून की सबसे ज्यादा खपत मेडिकल कॉलेज से ही होती है। उर्सला में नई मशीन आ जाने के बाद मेडिकल कॉलेज का भार कुछ कम होगा। सीएमओ डॉ. आरपी यादव ने बताया कि नई मशीन नवंबर तक आने की उम्मीद है।
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