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सड़क और पुल बनाने के लिए बजट बढ़ाया
Kanpur
Updated Wed, 26 Jun 2013 05:30 AM IST
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कानपुर। जिला योजना की बैठक में 272.42 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर मुहर लगा दी गई। पहले से तैयार प्रस्ताव में एक-दो फेरबदल भी किए गए। सड़क और पुल बनाने के लिए बजट बढ़ा दिया गया है। यह काम कराने के लिए बजट को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। बिना बजट योजना कैसे साकार होगी के सवाल पर कानपुर के प्रभारी मंत्री और राज्यमंत्री लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री भगवत शरण गंगवार भी चुप्पी साधे रहे। बैठक में प्रभारी मंत्री ने पराग डेयरी के महाप्रबंधक से नाराजगी जताई। जिलाधिकारी से उप निदेशक कृषि से स्पष्टीकरण मांगने के लिए कहा।
ओईएफ गेस्ट हाउस में हुई बैठक में सड़क और पुल निर्माण के लिए 62.22 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित था। इस प्रस्ताव पर चर्चा में प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस मद में अधिक से अधिक धन होना चाहिए। 62 करोड़ में जिले भर की सड़क बनना लगभग नामुमकिन है। विधायक मुनींद्र शुक्ला और इंद्रजीत कोरी ने भी इस बात का समर्थन किया। मंत्री ने कहा इस मद में कम से कम 100 करोड़ होने चाहिए। सवाल उठा कि किन मद में कटौती कर 38 करोड़ बढ़ाए जाएं। बाद में 80 करोड़ के बजट पर सहमति बनी। पार्षद और जिला योजना समिति सदस्य राजेंद्र कटियार ने पराग डेयरी का काम पर अंगुली उठाई। विधायक रघुनंदन भदौरिया और सतीश निगम ने कहा कि एक निजी क्षेत्र की डेयरी तेजी से बढ़ रही है और पराग डेयरी का कारोबार कम हो रहा है। इस पर मंत्री ने महाप्रबंधक से नाराजगी जताते हुए कुल प्रस्तावित परिव्यय में 47 लाख के बजट पर कैंची चला दी। बीज वितरण को लेकर हुई चर्चा में विधायक इंद्रजीत कोरी और मुनींद्र शुक्ला ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी गोलमाल करते हैं। जनप्रतिनिधियों को बीज वितरण व अन्य योजनाओं की सूचना तक नहीं दी जाती। इस पर प्रभारी मंत्री ने उप निदेशक कृषि से कहा कि पिछले वर्ष की जिला योजना बैठक में बीज वितरण, प्रशिक्षण की जानकारी जनप्रतिनिधियों को देने के लिए कहा था। डीएम से उन्होंने कहा कि इस मामले पर उप निदेशक से स्पष्टीकरण मांग जाए। बैठक में डीएम समीर वर्मा और सीडीओ आरके पांडेय मौजूद थे।
बैठक में यह बातें भी उठीं
-जल संरक्षण के लिए मनरेगा के मद में ग्रामीण क्षेत्र में अधिक से अधिक तालाब खुदवाएं।
-रेशम विभाग 150 आवासों का आवंटन चयनित लाभार्थियों को 15 दिन में कराए।
-कटरी के गांवों में पशुओं का टीकाकरण जल्द कराया जाए। जरूरत पर इन गांवों को लेवी मुक्त किया जाए।
-लोधवाखेड़ा के मजरा रामानिहालपुर के बाढ़ पीड़ितों का जांच कराकर पात्रों को आवास दिलाए जाएं।
-विधायक रघुनंदन भदौरिया ने पीडब्लूडी के टेंडर में गोलमाल का मुद्दा उठाया तो मंत्री ने कहा लिखित शिकायत दें।
-पोस्टमार्टम हाउस के नवीनीकरण के लिए 40 में से शेष 14 लाख रुपये सीएमओ ने मांगे। मंत्री ने कहा नीवनीकरण के बाद पोस्टमार्टम हाउस के लिए हैलट का जनरेटर प्रयोग करें। 25 केवी जनरेटर की खरीद, रखरखाव और डीजल का खर्च बचेगा।
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-डीएम ने सीएमओ को बर्न यूनिट का प्रस्ताव केंद्र सरकार की मल्टी सेक्टरोल डेवलपमेंट स्कीम के तहत देने को कहा।
-नगरीय क्षेत्र में 2200 हैंडपंप रीबोर पर सहमति बनी। जिला पंचायत अध्यक्ष कोटे से भी लग सकेंगे सौ हैंडपंप।
-जो इंजीनियरिंग कॉलेज शुल्क प्रतिपूर्ति की एवज में पहले 30 हजार रुपये जमा करने का दबाब डाल रहे उनकी मान्यता खत्म करने की संस्तुति को कहा गया।
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बजट के लिए करूंगा कानपुर की पैरवी : मंत्री
प्रभारी मंत्री ने कहा कि वह बजट के लिए मुख्यमंत्री से कानपुर की पैरवी करेंगे। जिला योजना के बजट आवंटित करने के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह निर्णय तो मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगा। किस जिले को कितना धन मिलेगा। मैं सिर्फ कानपुर की बात वहां तक पहुंचा सकता हूं। यूपीएसआईडीसी में भ्रष्टाचार का मामला उठाए जाने की बात पर मंत्री ने कहा कि जो सच था, वह बताया था। 101 उद्यमियों को कानपुर में उद्योग लगाने के लिए तैयार किया था। उन्होंने ड्राफ्ट भी लगाए थे। लगातार प्रयास के बावजूद सिर्फ 21 को ही जमीन मिली। इसकी शिकायत ऊपर तक की है। पीडब्लूडी में कमीशनखोरी के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि शिवपाल जी अक्सर कानपुर आते हैं। उनका महकमा है, उनसे ही शिकायत कीजिएगा।
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ओईएफ गेस्ट हाउस में हुई बैठक में सड़क और पुल निर्माण के लिए 62.22 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित था। इस प्रस्ताव पर चर्चा में प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस मद में अधिक से अधिक धन होना चाहिए। 62 करोड़ में जिले भर की सड़क बनना लगभग नामुमकिन है। विधायक मुनींद्र शुक्ला और इंद्रजीत कोरी ने भी इस बात का समर्थन किया। मंत्री ने कहा इस मद में कम से कम 100 करोड़ होने चाहिए। सवाल उठा कि किन मद में कटौती कर 38 करोड़ बढ़ाए जाएं। बाद में 80 करोड़ के बजट पर सहमति बनी। पार्षद और जिला योजना समिति सदस्य राजेंद्र कटियार ने पराग डेयरी का काम पर अंगुली उठाई। विधायक रघुनंदन भदौरिया और सतीश निगम ने कहा कि एक निजी क्षेत्र की डेयरी तेजी से बढ़ रही है और पराग डेयरी का कारोबार कम हो रहा है। इस पर मंत्री ने महाप्रबंधक से नाराजगी जताते हुए कुल प्रस्तावित परिव्यय में 47 लाख के बजट पर कैंची चला दी। बीज वितरण को लेकर हुई चर्चा में विधायक इंद्रजीत कोरी और मुनींद्र शुक्ला ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी गोलमाल करते हैं। जनप्रतिनिधियों को बीज वितरण व अन्य योजनाओं की सूचना तक नहीं दी जाती। इस पर प्रभारी मंत्री ने उप निदेशक कृषि से कहा कि पिछले वर्ष की जिला योजना बैठक में बीज वितरण, प्रशिक्षण की जानकारी जनप्रतिनिधियों को देने के लिए कहा था। डीएम से उन्होंने कहा कि इस मामले पर उप निदेशक से स्पष्टीकरण मांग जाए। बैठक में डीएम समीर वर्मा और सीडीओ आरके पांडेय मौजूद थे।
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बैठक में यह बातें भी उठीं
-जल संरक्षण के लिए मनरेगा के मद में ग्रामीण क्षेत्र में अधिक से अधिक तालाब खुदवाएं।
-रेशम विभाग 150 आवासों का आवंटन चयनित लाभार्थियों को 15 दिन में कराए।
-कटरी के गांवों में पशुओं का टीकाकरण जल्द कराया जाए। जरूरत पर इन गांवों को लेवी मुक्त किया जाए।
-लोधवाखेड़ा के मजरा रामानिहालपुर के बाढ़ पीड़ितों का जांच कराकर पात्रों को आवास दिलाए जाएं।
-विधायक रघुनंदन भदौरिया ने पीडब्लूडी के टेंडर में गोलमाल का मुद्दा उठाया तो मंत्री ने कहा लिखित शिकायत दें।
-पोस्टमार्टम हाउस के नवीनीकरण के लिए 40 में से शेष 14 लाख रुपये सीएमओ ने मांगे। मंत्री ने कहा नीवनीकरण के बाद पोस्टमार्टम हाउस के लिए हैलट का जनरेटर प्रयोग करें। 25 केवी जनरेटर की खरीद, रखरखाव और डीजल का खर्च बचेगा।
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-डीएम ने सीएमओ को बर्न यूनिट का प्रस्ताव केंद्र सरकार की मल्टी सेक्टरोल डेवलपमेंट स्कीम के तहत देने को कहा।
-नगरीय क्षेत्र में 2200 हैंडपंप रीबोर पर सहमति बनी। जिला पंचायत अध्यक्ष कोटे से भी लग सकेंगे सौ हैंडपंप।
-जो इंजीनियरिंग कॉलेज शुल्क प्रतिपूर्ति की एवज में पहले 30 हजार रुपये जमा करने का दबाब डाल रहे उनकी मान्यता खत्म करने की संस्तुति को कहा गया।
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बजट के लिए करूंगा कानपुर की पैरवी : मंत्री
प्रभारी मंत्री ने कहा कि वह बजट के लिए मुख्यमंत्री से कानपुर की पैरवी करेंगे। जिला योजना के बजट आवंटित करने के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह निर्णय तो मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगा। किस जिले को कितना धन मिलेगा। मैं सिर्फ कानपुर की बात वहां तक पहुंचा सकता हूं। यूपीएसआईडीसी में भ्रष्टाचार का मामला उठाए जाने की बात पर मंत्री ने कहा कि जो सच था, वह बताया था। 101 उद्यमियों को कानपुर में उद्योग लगाने के लिए तैयार किया था। उन्होंने ड्राफ्ट भी लगाए थे। लगातार प्रयास के बावजूद सिर्फ 21 को ही जमीन मिली। इसकी शिकायत ऊपर तक की है। पीडब्लूडी में कमीशनखोरी के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि शिवपाल जी अक्सर कानपुर आते हैं। उनका महकमा है, उनसे ही शिकायत कीजिएगा।