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...तो पुलिस लाइन से गायब हुई एके-47?

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Kanpur
Kanpur Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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आशुतोष मिश्र
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कानपुर। कांग्रेस विधायक विलायतीराम कत्याल हत्याकांड में बरामद एके-47, चाइनीज एसाल्ट और अमेरिकन कमांडो गन पुलिस लाइन के मालखाने में सुरक्षित रखे होने चाहिए थे। पुलिस के दस्तावेजों में इनकी यही अंतिम लोकेशन दर्ज है, लेकिन ये असलहे यहां भी नहीं मिले हैं। ‘अमर उजाला’ में यह मसला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद हरकत में आए पुलिस अफसरों ने बुधवार को टीम बनाकर इन असलहों की तलाश कराई, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ है।
शासन से आर्म्स एक्ट के तहत चल रहे मुकदमों की जानकारी मांगने पर अभियोजन को ध्यान कत्याल कांड में बरामद असलहों पर गया। तलाश कराई गई तो ये असलहे पुलिस के किसी भी मालखाने में नहीं मिले। इतने हाईप्रोफाइल मामले में इतने अहम सबूत गायब होने के बावजूद पुलिस अफसर चुप्पी साधे रहे तो ‘अमर उजाला’ ने अपने स्तर से पड़ताल शुरू की। बुधवार को ‘अमर उजाला’ के हाथ लगी जानकारी के मुताबिक कल्याणपुर थाने के मालखाने से 1988 में यह असलहे छावनी थाने भेजे गए थे। छावनी थाने के रिकार्ड में यह असलहे उसी साल पुलिस लाइन भेजने की बात दर्ज है। लेकिन पुलिस लाइन में इसके दस्तावेज ही नहीं मिले। आरई (प्रतिसार निरीक्षक) अवधेश पांडेय का कहना है कि 1988 के दस्तावेज ढूंढ़ना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि शाम को कोतवाली पुलिस की टीम असलहों की जानकारी करने आई थी। टीम को बताया गया कि ये असलहे सदर मालखाने में हो सकते हैं। अब टीम को गुरुवार को बुलाया गया है। दुबारा से फिर दस्तावेज और मालखाना चेक किया जाएगा।
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उधर, बुधवार को पुलिस अफसरों ने इस मामले की गंभीरता से छानबीन कराई। एसपी क्राइम एमपी वर्मा ने अभियोजन अधिकारी प्रदीप सक्सेना से इसकी पूरी जानकारी ली। इसके बाद कोतवाली की एक टीम इन असलहों की खोज में लगाई गई। लेकिन अब तक कोई ठोस बात सामने नहीं आई है।
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इनसेट-
जीडी तो पहले ही नष्ट कर चुकी पुलिस
कत्याल कांड की जीडी तो पुलिस पहले ही नष्ट कर चुकी है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अहमद अली खान ने बताया कि जीडी पेश न किए जाने पर अदालत ने 13 फरवरी, 1996 को एसएसपी दफ्तर के रिकार्ड कीपर श्याम लाल कुशवाहा को तलब किया था। उसने गवाही में कहा था कि इस मामले की जीडी 20 जून, 1994 को एसएसपी के आदेश पर नष्ट कर दी गई थी। थाने से सूची देने पर कोर्ट में लंबित मामलों की जीडी सुरक्षित रखी जाती है। इस मामले की जानकारी गोविंद नगर थाने से नहीं दी गई थी। इसलिए जीडी नष्ट की जा चुकी है।

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1 ही अभियुक्त आता, अब 5 को सुनवाई
पुलिस की लापरवाही के कारण कत्याल कांड की सुनवाई कोर्ट ने बंद कर दी थी। बाद में कत्याल की बेटी की गुहार पर कोर्ट ने फिर से मुकदमे की सुनवाई शुरू की थी। अब इस मुकदमे में 1 अभियुक्त गुरुबख्श सिंह आता है। बाकी के सभी अभियुक्तों के लगातार गैरहाजिर होने से गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश चल रहा है। अभियुक्तों के जमानतगीरों के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। यह मुकदमा इस समय एडीजे 1 की कोर्ट में चल रहा है। अभियोजन अधिकारी प्रदीप सक्सेना ने बताया कि मामले की सुनवाई 5 दिसंबर को होगी।
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