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आयुष्मान योजना के तहत बचायी जा रही मरीजों की जान, 9763 पात्रों को मिला लाभ
Sat, 21 Sep 2019 03:40 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 21 Sep 2019 03:40 PM IST
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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
- फोटो : गूगल
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केस-1
कानपुर सजेती के ग्राम कुटरा मकरंदपुर निवासी पारूल देवी कश्यप (18) को हृदय के वाल्व में खराबी की वजह से खांसी आती थी। सांस फूलती थी। पिता रामकरन ने बताया कि बेटी को जून में कार्डियोलॉजी में लाकर दिखाया गया। यहां डॉ. राकेश वर्मा ने आयुष्मान योजना के तहत बेटी को भर्ती कर बिना कोई शुल्क लिए आपरेशन किया। बेटी अब स्वस्थ है।
केस-2
नरवल निवासी किसान रामसजीवन (62) के हृदय में ब्लड ले जाने वाली नसें ब्लाक थीं। बेटे राजकुमार ने बताया कि पिता को आयुष्मान योजना के तहत जून में कार्डियोलॉजी में आपरेशन हुआ। न तो आपरेशन में रुपये खर्च हुए और न ही अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ीं।
केस-3
गोविंद नगर कच्ची बस्ती निवासी सफाई कर्मी शिवचरन की पत्नी ममता (50) भी यही कार्य करती थी। सीने में दर्द, खांसी, सांस फूलने की वजह से ममता का कामकाज छूट गया। कार्डियोलॉजी में आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने पर पता चला कि हृदय का वाल्व सिकुड़ा है। 7 मई को आपरेशन होने से जिंदगी बच गई।
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ये कुछ मामले बानगी के तौर पर प्रस्तुत किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान योजना) से कानपुर में अब तक 9763 बीमार लोगों का इलाज हुआ। इनकी जिंदगी बची। ऐसे सर्वाधिक मरीजों का इलाज हृदय रोग संस्थान में हुआ। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने इस योजना के ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभ लेते हुए इलाज कराने पर जोर दिया है।
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कानपुर सजेती के ग्राम कुटरा मकरंदपुर निवासी पारूल देवी कश्यप (18) को हृदय के वाल्व में खराबी की वजह से खांसी आती थी। सांस फूलती थी। पिता रामकरन ने बताया कि बेटी को जून में कार्डियोलॉजी में लाकर दिखाया गया। यहां डॉ. राकेश वर्मा ने आयुष्मान योजना के तहत बेटी को भर्ती कर बिना कोई शुल्क लिए आपरेशन किया। बेटी अब स्वस्थ है।
केस-2
नरवल निवासी किसान रामसजीवन (62) के हृदय में ब्लड ले जाने वाली नसें ब्लाक थीं। बेटे राजकुमार ने बताया कि पिता को आयुष्मान योजना के तहत जून में कार्डियोलॉजी में आपरेशन हुआ। न तो आपरेशन में रुपये खर्च हुए और न ही अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ीं।
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केस-3
गोविंद नगर कच्ची बस्ती निवासी सफाई कर्मी शिवचरन की पत्नी ममता (50) भी यही कार्य करती थी। सीने में दर्द, खांसी, सांस फूलने की वजह से ममता का कामकाज छूट गया। कार्डियोलॉजी में आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने पर पता चला कि हृदय का वाल्व सिकुड़ा है। 7 मई को आपरेशन होने से जिंदगी बच गई।
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ये कुछ मामले बानगी के तौर पर प्रस्तुत किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान योजना) से कानपुर में अब तक 9763 बीमार लोगों का इलाज हुआ। इनकी जिंदगी बची। ऐसे सर्वाधिक मरीजों का इलाज हृदय रोग संस्थान में हुआ। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने इस योजना के ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभ लेते हुए इलाज कराने पर जोर दिया है।