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बुंदेलखंड के हर घर में नल से पानी को 8000 करोड़ : सूर्यप्रताप शाही
Fri, 10 Jan 2020 07:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 10 Jan 2020 07:35 PM IST
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प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही (बीच में)
- फोटो : अमर उजाला
बुंदेलखंड में विकास की संभावनाओं और मुद्दे पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हुआ। उद्घाटन सत्र सहित पहले दिन ज्यादातर केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं का बखान हुआ।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सेमिनार का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार की बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, ऋण मोचन योजना, खेत-तालाब योजना आदि के आंकड़े प्रस्तुत किए। विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों और विशेषज्ञों ने बुंदेलखंड में संभावित विकास पर मंथन कर प्रस्तुतियां दीं।
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प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सेमिनार का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार की बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, ऋण मोचन योजना, खेत-तालाब योजना आदि के आंकड़े प्रस्तुत किए। विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों और विशेषज्ञों ने बुंदेलखंड में संभावित विकास पर मंथन कर प्रस्तुतियां दीं।
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सेमिनार का समापन शनिवार को होगा। हाल ही में बुंदेलखंड विकास बोर्ड का गठन हुआ है। गठन के बाद यह पहला सेमिनार है। ‘बुंदेलखंड का विकास, इश्यूज (मुद्दे), रणनीति एवं भावी दिशा’ विषय पर आयोजित सेमिनार में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि बुंदेलखंड में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा हर वर्ष 5000 खेत-तालाब बनवाए जा रहे हैं।
बुंदेलखंड में हर घर को नल से पानी उपलब्ध कराने के लिए 8000 करोड़ की योजना शुरू की गई है। झांसी मेडिकल कालेज को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। कहा कि यहां प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है। अलबत्ता जल संरक्षण, वन संरक्षण और जल प्रबंधन आदि करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलहन फसल की 49 फीसदी पैदावार बुंदेलखंड में हो रही है। दलहन और तिलहन उत्पादन को और बढ़ाने की जरूरत है। जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सेमिनार में बुंदेलखंड के सभी सातों जिलों से करीब 200 प्रगतिशील किसान भी भाग ले रहे हैं।
बुंदेलखंड में हर घर को नल से पानी उपलब्ध कराने के लिए 8000 करोड़ की योजना शुरू की गई है। झांसी मेडिकल कालेज को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। कहा कि यहां प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है। अलबत्ता जल संरक्षण, वन संरक्षण और जल प्रबंधन आदि करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलहन फसल की 49 फीसदी पैदावार बुंदेलखंड में हो रही है। दलहन और तिलहन उत्पादन को और बढ़ाने की जरूरत है। जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सेमिनार में बुंदेलखंड के सभी सातों जिलों से करीब 200 प्रगतिशील किसान भी भाग ले रहे हैं।