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Kanpur: बोतल से दूध पीने वाले 70 फीसदी बच्चों को उल्टी-दस्त, पेट में पहुंच रहा संक्रमण, इन बातों का रखें ध्यान

Wed, 22 May 2024 08:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 22 May 2024 08:44 PM IST
सार

बोतल साफ न होने के कारण संक्रमण पेट में पहुंच रहा। गर्मी में पेट के रोग बढ़े हैं। वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।

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70 percent of children who drink milk from bottles suffer from vomiting and diarrhoea, stomach infection.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऊपर का दूध पीने वाले बच्चों की बोतलें ढंग से साफ नहीं की जा रही हैं। उल्टी-दस्त के 70 फीसदी रोगी बच्चों के मर्ज का यही कारण है। गर्मी में बोतलों में जल्दी संक्रमण हो जाता है। इससे दूध पीने पर उल्टी दस्त और डायरिया हो जा रहा है। पांच से कम उम्र के बच्चे ऐसे हैं जिन्हें डायरिया के बाद मिर्गी जैसे झटके आने लगते हैं। रोगियों का इलाज हैलट के बालरोग अस्पताल समेत अन्य विशेषज्ञों के यहां चल रहा है।
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विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी में वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के संक्रमण बढ़ गए हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग के विशेषज्ञ और भारतीय बालरोग अकादमी के सचिव डॉ. अमितेश यादव का कहना है कि उल्टी-दस्त और डायरिया दो-ढाई साल के उम्र के उन बच्चों में अधिक है जो बोतल से दूध पी रहे हैं। 70 फीसदी रोगी यही हैं। ओपीडी स्तर पर रोगियों का उपचार किया जा रहा है। शरीर में पानी की कमी डिहाइड्रेशन होने पर भर्ती कर लिया जाता है।
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हैलट के अलावा शहर के बालरोग विशेषज्ञों के यहां रोगियों की भरमार है। कुछ रोगियों को जुकाम-खांसी बुखार होने के बाद डायरिया हो रहा है। नवजात शिशु फोरम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जेके गुप्ता ने बताया कि हर दूसरा बच्चा उल्टी-दस्त या डायरिया की गिरफ्त में हैं। डॉ. गुप्ता का कहना है कि अब यह गाइडलाइन दे दी गई है कि एक साल की उम्र के बाद बच्चे को बोतल से दूध पिलाने के बजाए सीधे खाना खिलाना शुरू कर दें।
 

बोतल से संक्रमण बचेगा। 10-12 साल की उम्र के बच्चे बाहर संक्रमित खाद्य पदार्थों का सेवन कर ले रहे हैं। इससे वे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। हैलट ओपीडी में झटके वाले बच्चे आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डायरिया के बाद कुछ बच्चों को झटके आने लगते हैं। लेकिन बाद में इलाज से ठीक हो जाते हैं। इस समय वायरल और बैक्टीरिया दोनों तरह के संक्रमण हो रहे हैं। इससे उल्टी-दस्त और डायरिया बढ़ रहा है।
 
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यह करें
- बच्चे को जितनी बार दूध पिलाएं, खौलते पानी में बोतल उबालें।
- बोतल की निपल निकालकर ढंग से साफ कर लें।
- बोतल में उतना ही दूध डालें जितना बच्चा पी ले।
- एक बार का बचा दूध दुबारा बच्चे को मत पिलाएं।
- बच्चे को जुकाम-बुखार हो तो पंखा-कूलर बंद न करें।
- पंखा-कूलर बंद करने से बच्चो को हाइपरथर्मिया हो सकता है।
- बाहर खुले बिक रहे खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
- डिब्बा बंद बिक रहे खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
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