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धनीरामपुर व अमर सिंह का पुरवा में मिले बुखार पीड़ित 65 मरीज
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कानपुर देहात/रूरा। जिले में डेंगू व बुखार का प्रकोप जारी है। धनीरामपुर व अमर सिंह का पुरवा गांव में बुखार से दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर जागे। बुधवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम को बुखार व डायरिया से पीड़ित 65 मरीज मिले। जिनका परीक्षण कर दवा दी गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य टीम ने 35 मरीजों के खून का सैंपल लिया। जिले में अब तक डेंगू व बुखार से 28 लोग जान गंवा चुके हैं।
अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र के धनीरामपुर गांव निवासी मजदूर उमाशंकर के तीन वर्षीय पुत्र नंदलाल व इसी गांव के मजरा अमर सिंह का पुरवा में गंगाराम की बेटी राधिका उर्फ संध्या रानी (3) की मगलवार को बुखार और दस्त से मौत हो गई थी। गांव में दर्जनों लोग बुखार की चपेट में रहे। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी।
बुधवार को दो मासूमों की मौत की खबर प्रकाशित होने पर रूरा सीएचसी से डॉ. सतीश गुप्ता, धीरेंद्र शुक्ला, मधुकर पाल व आकाश यादव की टीम गांव पहुंची। इस दौरान मरीजों का परीक्षण किया गया तो 65 लोग बुखार व डायरिया से पीड़ित मिले। जिस पर उनका उपचार कर दवा दी गई।
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वहीं 35 मरीजों के खून का सैंपल लेकर जांच को लैब भेजा गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को घर व बाहर साफ-सफाई रखने के प्रति जागरूक किया। डॉ. सतीश गुप्ता ने बताया कि गांव में मरीजों की जांच कर दवा वितरित की गई है। मरीजों पर नजर रखी जा रही है।
अब तक घर के जलपात्रों में लार्वा मिलने पर 44 लोगों को नोटिस दिया गया है। 51 गांवों के 19684 घरों में पायराथ्रम का छिड़काव कराया गया है। लोगों से अपील है कि वह अपने घर व आसपास पानी का ठहराव न होने दें। पानी के बर्तन, ड्रम आदि ढककर रखें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी लगाकर ही सोएं। -डॉ. एके सिंह (सीएमओ)
जिला अस्पताल में चली सिर्फ तीन ओपीडी
कानपुर देहात। जिले में डेंगू व बुखार पीड़ित मरीजों के बढ़ने पर भी जिला अस्पताल अकबरपुर में डॉक्टरों की मनमानी जारी है। बुधवार को यहां सिर्फ बाल रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन व नाक, कान, गला रोग की ओपीडी मेें ही डॉक्टर मौजूद रहे, जबकि अस्थि रोग, सर्जन व चेस्ट रोग चिकित्सक कक्ष बंद रहा। वहीं नेत्र व त्वचा रोग कक्ष खुलने के बाद भी डॉक्टर नदारद रहे।
जिससे मरीज घंटों इंतजार करते रहे। रुरवाहार से आए शिवविलास, अकबरपुर झब्बैया की सरोजनी, किशरवल के रामचंद्र, कैरानी शिवली की रुबी, बचीतपुरवा के हरनाम सिंह, बलभद्रापुर के ओमप्रकाश आदि मरीजों ने बताया कि आंख, चेस्ट व अस्थि रोग से पीड़ित होने पर वह सुबह अस्पताल आ गए, लेकिन दोपहर तक डॉक्टर नहीं आए। जिससे परेशान होना पड़ा।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी मेें 635 पहुंचे। जिसमें करीब ढाई सौ मरीज बुखार के रहे। इसी तरह जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में बुखार मरीजों की भीड़ रही।
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अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र के धनीरामपुर गांव निवासी मजदूर उमाशंकर के तीन वर्षीय पुत्र नंदलाल व इसी गांव के मजरा अमर सिंह का पुरवा में गंगाराम की बेटी राधिका उर्फ संध्या रानी (3) की मगलवार को बुखार और दस्त से मौत हो गई थी। गांव में दर्जनों लोग बुखार की चपेट में रहे। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी।
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बुधवार को दो मासूमों की मौत की खबर प्रकाशित होने पर रूरा सीएचसी से डॉ. सतीश गुप्ता, धीरेंद्र शुक्ला, मधुकर पाल व आकाश यादव की टीम गांव पहुंची। इस दौरान मरीजों का परीक्षण किया गया तो 65 लोग बुखार व डायरिया से पीड़ित मिले। जिस पर उनका उपचार कर दवा दी गई।
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वहीं 35 मरीजों के खून का सैंपल लेकर जांच को लैब भेजा गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को घर व बाहर साफ-सफाई रखने के प्रति जागरूक किया। डॉ. सतीश गुप्ता ने बताया कि गांव में मरीजों की जांच कर दवा वितरित की गई है। मरीजों पर नजर रखी जा रही है।
अब तक घर के जलपात्रों में लार्वा मिलने पर 44 लोगों को नोटिस दिया गया है। 51 गांवों के 19684 घरों में पायराथ्रम का छिड़काव कराया गया है। लोगों से अपील है कि वह अपने घर व आसपास पानी का ठहराव न होने दें। पानी के बर्तन, ड्रम आदि ढककर रखें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी लगाकर ही सोएं। -डॉ. एके सिंह (सीएमओ)
जिला अस्पताल में चली सिर्फ तीन ओपीडी
कानपुर देहात। जिले में डेंगू व बुखार पीड़ित मरीजों के बढ़ने पर भी जिला अस्पताल अकबरपुर में डॉक्टरों की मनमानी जारी है। बुधवार को यहां सिर्फ बाल रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन व नाक, कान, गला रोग की ओपीडी मेें ही डॉक्टर मौजूद रहे, जबकि अस्थि रोग, सर्जन व चेस्ट रोग चिकित्सक कक्ष बंद रहा। वहीं नेत्र व त्वचा रोग कक्ष खुलने के बाद भी डॉक्टर नदारद रहे।
जिससे मरीज घंटों इंतजार करते रहे। रुरवाहार से आए शिवविलास, अकबरपुर झब्बैया की सरोजनी, किशरवल के रामचंद्र, कैरानी शिवली की रुबी, बचीतपुरवा के हरनाम सिंह, बलभद्रापुर के ओमप्रकाश आदि मरीजों ने बताया कि आंख, चेस्ट व अस्थि रोग से पीड़ित होने पर वह सुबह अस्पताल आ गए, लेकिन दोपहर तक डॉक्टर नहीं आए। जिससे परेशान होना पड़ा।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी मेें 635 पहुंचे। जिसमें करीब ढाई सौ मरीज बुखार के रहे। इसी तरह जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में बुखार मरीजों की भीड़ रही।