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6 कांट्रैक्ट फार्मर और 56 बंटाईदारों ने कराया पंजीकरण
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कानपुर देहात। धान खरीद की बदली व्यवस्था के बाद 6 कांट्रैक्ट फार्मर और 56 बंटाईदारों ने पंजीकरण कराया है। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पंजीकृत 1907 किसानों का सत्यापन हो चुका है।
धान की सरकारी खरीद में केवल किसानों का पंजीकरण शुरू किया गया था। सरकार का मानना था कि इससे बिचौलियों पर रोक लगेगी। इधर जिले में तीन लाख किसान होने के बाद भी पंजीकरण की सुस्ती को लेकर चिंता जाहिर की गई। इसके बाद बंटाईदार व कांट्रैक्ट फार्मर को सरकारी खरीद में शामिल कर लिया गया। रसूलाबाद में 10, डेरापुर में 31, अकबरपुर में 7, भोगनीपुर में 5, सिकंदरा में 1 और मैथा में 2 बंटाईदारों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, डेरापुर के 5 व मैथा के 1 कांट्रैक्ट फार्मर ने पंजीकरण कराया है। कुल 3130 किसानों को पंजीकरण हुआ है। इसमें से 1907 किसानों का सत्यापन हो गया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक नवंबर से खरीद शुरू होनी थी। दीपावली व धान की फसल की कटाई का काम बाकी होने से अभी किसान बेचने के लिए धान लेकर क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं। इसकी वजह से धान खरीद की बोहनी दूसरे दिन मंगलवार को भी नहीं हो सकी। मैथा व झींझक के धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था जांची गई। इन क्रय केंद्रों पर पहुंचे किसानों को जरूरी जानकारी दी गई।
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धान की सरकारी खरीद में केवल किसानों का पंजीकरण शुरू किया गया था। सरकार का मानना था कि इससे बिचौलियों पर रोक लगेगी। इधर जिले में तीन लाख किसान होने के बाद भी पंजीकरण की सुस्ती को लेकर चिंता जाहिर की गई। इसके बाद बंटाईदार व कांट्रैक्ट फार्मर को सरकारी खरीद में शामिल कर लिया गया। रसूलाबाद में 10, डेरापुर में 31, अकबरपुर में 7, भोगनीपुर में 5, सिकंदरा में 1 और मैथा में 2 बंटाईदारों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, डेरापुर के 5 व मैथा के 1 कांट्रैक्ट फार्मर ने पंजीकरण कराया है। कुल 3130 किसानों को पंजीकरण हुआ है। इसमें से 1907 किसानों का सत्यापन हो गया है।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एक नवंबर से खरीद शुरू होनी थी। दीपावली व धान की फसल की कटाई का काम बाकी होने से अभी किसान बेचने के लिए धान लेकर क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं। इसकी वजह से धान खरीद की बोहनी दूसरे दिन मंगलवार को भी नहीं हो सकी। मैथा व झींझक के धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था जांची गई। इन क्रय केंद्रों पर पहुंचे किसानों को जरूरी जानकारी दी गई।
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