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वोट पाने की लड़ाई, सभी पार्टियों ने रणनीति बनाई, रात भर हुई माथापच्ची, बूथ की मजबूती पर सभी का जोर
Sun, 05 May 2019 11:06 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 05 May 2019 11:06 PM IST
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मतदान केंद्र के लगी भीड़ (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव 2019 में पांचवें चरण का मतदान सुबह सात बजे शुरू हो जाएगा। लंबी लाइन लगेगी और एक-एक वोट को बूथ तक पहुंचाने के लिए माथापच्ची होगी। प्रशासन शत-प्रतिशत मतदान कराने का लक्ष्य लेकर मतदाता को बूथ तक पहुंचाना चाहता है। दूसरी ओर नेता अपने वोट के लिए मतदाता को बूथ तक पहुंचाने की जद्दोजहद में रात भर परेशान दिखे।
रुझान व परिणाम जो भी आए लेकिन हर पार्टी किसी भी तरह का कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। एक माह से अधिक दिनों के बाद अब नेता व मतदाता दोनों के लिए निर्णायक घड़ी आई है। सोमवार को मतदान के दौरान समर्थक तो वोट देंगे ही लेकिन स्विंग मतदाता(बदल जाने वाले) भी पाले में आ जाएं, इसके लिए नेताओं ने बूथ स्तर पर रणनीति बनाई है।
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रुझान व परिणाम जो भी आए लेकिन हर पार्टी किसी भी तरह का कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। एक माह से अधिक दिनों के बाद अब नेता व मतदाता दोनों के लिए निर्णायक घड़ी आई है। सोमवार को मतदान के दौरान समर्थक तो वोट देंगे ही लेकिन स्विंग मतदाता(बदल जाने वाले) भी पाले में आ जाएं, इसके लिए नेताओं ने बूथ स्तर पर रणनीति बनाई है।
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सभी पार्टियों ने अपना-अपना बूथ मैनेजमेंट बनाया है
मतदान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
रणनीति बनाने वालों में सभी प्रमुख दल शामिल हैं। यही नहीं प्रमुख दलों ने निर्दलीय लड़ रहे कुछ लोगों को भी अपने पाले में कर लेने का दावा किया है। सभी पार्टियों ने अपना-अपना बूथ मैनेजमेंट बनाया है। उसी के मुताबिक वोट पड़े इसके लिए रात भर माथापच्ची चली। शाम तक अपने लोगों को बस्ते पहुंचाने का काम पार्टी के सक्रिय लोगों ने किया।
सोमवार को यह बस्ते लोगों को मतदान की पर्ची बनवाने व वोट के लिए मनाने में कारगर होंगे। सभी पार्टियों ने अपने बड़े पदाधिकारियों को पर्यवेक्षण में लगाया है। भाजपा के अनुषांगिक संगठन आरएसएस ने वोटरों को घर से निकालने की अपनी रणनीति अलग से तैयार की है।
विधानसभावार नेताओं व पदाधिकारियों को दायित्व सौंपे गए हैं। कांग्रेस ने भी अपने सभी पदाधिकारियों व नेताओं को सक्रिय रूप से बूथ तक पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी है। गठबंधन बसपा ने तो बूथवार सेक्टर प्रभारी बनाए हैं जिनका काम एक-एक कैडर वोट की गिनती करना और उसे डलवाना है। बाद में इसी रिपोर्ट पर इन्हें सम्मान या तिरस्कार का सामना करना पड़ेगा।
सोमवार को यह बस्ते लोगों को मतदान की पर्ची बनवाने व वोट के लिए मनाने में कारगर होंगे। सभी पार्टियों ने अपने बड़े पदाधिकारियों को पर्यवेक्षण में लगाया है। भाजपा के अनुषांगिक संगठन आरएसएस ने वोटरों को घर से निकालने की अपनी रणनीति अलग से तैयार की है।
विधानसभावार नेताओं व पदाधिकारियों को दायित्व सौंपे गए हैं। कांग्रेस ने भी अपने सभी पदाधिकारियों व नेताओं को सक्रिय रूप से बूथ तक पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी है। गठबंधन बसपा ने तो बूथवार सेक्टर प्रभारी बनाए हैं जिनका काम एक-एक कैडर वोट की गिनती करना और उसे डलवाना है। बाद में इसी रिपोर्ट पर इन्हें सम्मान या तिरस्कार का सामना करना पड़ेगा।