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आज से नया सर्किल रेट लागू
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। तीन साल बाद नए डीएम सर्किल रेट एक अगस्त यानी मंगलवार से लागू हो जाएंगे। सर्किल रेट में वृद्धि से रजिस्ट्री महंगी हो गई। नए सर्किल रेट से गैर कृषक जमीनों की खरीद फरोख्त के निबंधन में स्टांप शुल्क को कई मदों में बढ़ाया गया है। सर्किल रेट के पुनरीक्षण के संबंध में आई 14 आपत्तियों का निस्तारण करके प्रशासन ने तहसीलों की नई मूल्यांकन सूची जारी कर दी।
1 अगस्त यानी आज से लागू होने जा रहे नए सर्किल रेट में बाहरी इलाकों की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। प्रशासन ने शहर के बाहरी क्षेत्रों की जमीनों व अन्य अचल संपत्तियों की कीमतों में 2 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। दस दिन पहले मांगी गई आपत्तियों के संबंध में प्रशासन के पास कुल 14 आपत्तियां पहुंची। इसके बाद प्रशासन द्वारा गठित की गई समिति ने आपत्तियों का निस्तारण किया। इसके बाद नया सर्किल रेट लागू कर दिया गया। अब शहरी और ग्रामीण इलाकों की आवासीय व औद्योगिक क्षेत्र की जमीनों की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। फिलहाल जिला प्रशासन ने इस बार कृषि भूमि का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया है। नए रेट की मूल्यांकन सूची में प्रशासन ने 2 से 15 फीसदी की वृद्धि कर दी है। नए सर्किल रेट में शहर की सीमा यानि अचलगंज, गंगाघाट, दोस्तीनगर, दही चौकी समेत अन्य बाहरी इलाकों की कीमतों में लगभग 15 फीसदी का इजाफा किया गया है। शहर के अंदर के इलाकों में जगह न बचने के कारण फिलहाल इनकी कीमतों में 2 से पांच प्रतिशत का ही उछाल आया है। सबसे कम बढ़ोत्तरी सफीपुर में की गई है। नए सर्किल रेट से गैर कृषक जमीनों की खरीद फरोख्त के निबंधन में स्टांप शुल्क कई मदों में बढ़ा गया है। डीएम सर्किल रेट में वृद्धि के साथ ही जमीन की खरीद फरोख्त की रजिस्ट्री भी महंगी हो गई है। उदाहरण के तौर पर 31 जुलाई तक जिस क्षेत्र की कीमत 5 हजार प्रति वर्ग मीटर थी अब उसमें लगभग 1 हजार रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। 1 अगस्त से 6 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर वसूले जाएंगे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीएन यादव ने बताया कि नया सर्किल रेट मंगलवार से लागू हो जाएगा।
इंसेट-1
तीन साल बाद बढ़े सर्किल रेट
जनपद में तीन साल बाद सर्किल रेट बढ़े हैं। इससे पहले वर्ष 2014 में नए सर्किल रेट में शहरी क्षेत्र में औसतन 20 और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई थी। उस समय जिस क्षेत्र की कीमत 5 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर थी तब उसमें 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। रजिस्ट्री विभाग के सूत्रों के मुताबिक, यदि हर साल सर्किल रेट में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती तो अब तक 30 से 40 प्रतिशत रेट बढ़ जाता है। ऐसे में रजिस्ट्री महंगी होने का लाभ विभाग को राजस्व के रूप में मिलता। सर्किल रेट न बढ़ने से स्टांप बढ़ोत्तरी नहीं हुई जिससे रजिस्ट्री विभाग को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा था। रही-सही कसर नोटबंदी ने पूरी कर दी थी।
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आज से नया सर्किल रेट लागू, महंगी हुई रजिस्ट्री
डीएम सर्किल रेट में 2 से 15 प्रतिशत तक की हुई वृद्धि
14 आपत्तियों का निस्तारण कर मूल्यांकन सूची लागू
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उन्नाव। तीन साल बाद नए डीएम सर्किल रेट एक अगस्त यानी मंगलवार से लागू हो जाएंगे। सर्किल रेट में वृद्धि से रजिस्ट्री महंगी हो गई। नए सर्किल रेट से गैर कृषक जमीनों की खरीद फरोख्त के निबंधन में स्टांप शुल्क को कई मदों में बढ़ाया गया है। सर्किल रेट के पुनरीक्षण के संबंध में आई 14 आपत्तियों का निस्तारण करके प्रशासन ने तहसीलों की नई मूल्यांकन सूची जारी कर दी।
1 अगस्त यानी आज से लागू होने जा रहे नए सर्किल रेट में बाहरी इलाकों की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। प्रशासन ने शहर के बाहरी क्षेत्रों की जमीनों व अन्य अचल संपत्तियों की कीमतों में 2 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। दस दिन पहले मांगी गई आपत्तियों के संबंध में प्रशासन के पास कुल 14 आपत्तियां पहुंची। इसके बाद प्रशासन द्वारा गठित की गई समिति ने आपत्तियों का निस्तारण किया। इसके बाद नया सर्किल रेट लागू कर दिया गया। अब शहरी और ग्रामीण इलाकों की आवासीय व औद्योगिक क्षेत्र की जमीनों की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। फिलहाल जिला प्रशासन ने इस बार कृषि भूमि का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया है। नए रेट की मूल्यांकन सूची में प्रशासन ने 2 से 15 फीसदी की वृद्धि कर दी है। नए सर्किल रेट में शहर की सीमा यानि अचलगंज, गंगाघाट, दोस्तीनगर, दही चौकी समेत अन्य बाहरी इलाकों की कीमतों में लगभग 15 फीसदी का इजाफा किया गया है। शहर के अंदर के इलाकों में जगह न बचने के कारण फिलहाल इनकी कीमतों में 2 से पांच प्रतिशत का ही उछाल आया है। सबसे कम बढ़ोत्तरी सफीपुर में की गई है। नए सर्किल रेट से गैर कृषक जमीनों की खरीद फरोख्त के निबंधन में स्टांप शुल्क कई मदों में बढ़ा गया है। डीएम सर्किल रेट में वृद्धि के साथ ही जमीन की खरीद फरोख्त की रजिस्ट्री भी महंगी हो गई है। उदाहरण के तौर पर 31 जुलाई तक जिस क्षेत्र की कीमत 5 हजार प्रति वर्ग मीटर थी अब उसमें लगभग 1 हजार रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। 1 अगस्त से 6 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर वसूले जाएंगे। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीएन यादव ने बताया कि नया सर्किल रेट मंगलवार से लागू हो जाएगा।
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इंसेट-1
तीन साल बाद बढ़े सर्किल रेट
जनपद में तीन साल बाद सर्किल रेट बढ़े हैं। इससे पहले वर्ष 2014 में नए सर्किल रेट में शहरी क्षेत्र में औसतन 20 और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई थी। उस समय जिस क्षेत्र की कीमत 5 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर थी तब उसमें 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। रजिस्ट्री विभाग के सूत्रों के मुताबिक, यदि हर साल सर्किल रेट में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती तो अब तक 30 से 40 प्रतिशत रेट बढ़ जाता है। ऐसे में रजिस्ट्री महंगी होने का लाभ विभाग को राजस्व के रूप में मिलता। सर्किल रेट न बढ़ने से स्टांप बढ़ोत्तरी नहीं हुई जिससे रजिस्ट्री विभाग को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा था। रही-सही कसर नोटबंदी ने पूरी कर दी थी।
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आज से नया सर्किल रेट लागू, महंगी हुई रजिस्ट्री
डीएम सर्किल रेट में 2 से 15 प्रतिशत तक की हुई वृद्धि
14 आपत्तियों का निस्तारण कर मूल्यांकन सूची लागू