यूपी: आगरा फोर्ट-लखनऊ इंटरसिटी सहित नौ सितंबर से 42 ट्रेनें निरस्त 35 के बदलेंगे रूट, ये भी जानें
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इस काम से 42 ट्रेनें निरस्त रहेंगी और 35 ट्रेनें बदले रेलमार्ग से जाएंगी। निरस्त होने वाली ट्रेनों में पहले से रिजर्वेशन करा चुके यात्रियों को किराया रिफंड होगा। डायवर्जन की वजह से टिकट निरस्त कराने वालों को भी फुल किराया रिफंड होगा।
जल्द करने वाले हैं सफर तो ये ट्रेनें रहेंगी निरस्त
अजमेर-राजेंद्र नगर जियारत एक्सप्रेस (12396) 12 सितंबर से 17 अक्तूबर, मुजफ्फरपुर-अहमदाबाद जनसाधारण एक्सप्रेस (15269) पांच सितंबर से 17 अक्तूबर, अहमदाबाद-मुजफ्फरपुर जनसाधारण (15270) आठ सितंबर से 20 अक्तूबर, लखनऊ-र्नई दिल्ली गोमती एक्सप्रेस (अप-डाउन) नौ सितंबर से 20 अक्तूबर, चंडीगढ़-प्रयाग ऊंचाहार एक्सप्रेस 30 सितंबर से नौ अक्तूबर और प्रयाग से चंडीगढ़ ऊंचाहार एक्सप्रेस एक अक्तूबर से 10 अक्तूबर तक निरस्त रहेगी।
करा चुके हैं रिजेर्वेशन तो जान लें कौन सी ट्रेनें हैं निरस्त
कानपुर-आनंद विहार (14151/14152) 29 सितंबर से छह अक्तूबर, पुरी-आनंद विहार नंदनकानन एक्सप्रेस (12815)19 अक्तूबर, आनंद विहार-पुरी नंदन कानन (12816) 21 अक्तूबर, जयनगर-नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12561) 19 अक्तूबर, नई दिल्ली-जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12562) 20 अक्तूबर, गुवाहाटी-नई दिल्ली पूर्वोत्तर संपर्कक्रांति (12501) 19 अक्तूबर, नई दिल्ली-गुवाहाटी पूर्वोत्तर संपर्कक्रांति एक्सप्रेस (12502) 20 अक्तूबर तक निरस्त रहेगी।
इन ट्रेनों का होगा रूट डायवर्जन
निरस्तीकरण की इस अवधि के दौरान टूंडला से कानपुर के बीच की कई ट्रेनों को झांसी से होकर कानपुर, कासगंज-फर्रुखाबाद मार्ग होकर चलेंगी। इसमें गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस, पटना-कोटा, जोधपुर-बनारस मरुधर एक्सप्रेस, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस, सियालदह-अजमेर, आम्रपाली एक्सप्रेस, सियालदह-आनंद विहार एक्सप्रेस समेत 35 ट्रेनों के रूट डायवर्ट रहेंगे।
किराया पूरा रिफंड होगा, रेलवे बोर्ड की अनुमति से निरस्त होती हैं ट्रेनें
टूंडला में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और यार्ड रीमॉडलिंग का काम काफी समय पहले से प्रस्तावित था। इतने बड़े काम के लिए इलाहाबाद मंडल से लेकर उत्तर मध्य रेलवे और नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड की अनुमति के बाद ट्रेनें निरस्त की जाती हैं। दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रैफिक अधिक है, इसलिए किसी बड़े त्योहार के पहले या बाद में बड़े कामों की अनुमति दी जाती है।
‘सुधार कार्य जारी हैं। बड़े काम ब्लॉक लेकर या टेनों को निरस्त कराकर होते हैं। कोशिश होती है कि इस दौरान कम से कम यात्री प्रभावित हों। सुधार के काम के बाद यात्रियों को ही सहूलियत होती है।’
- अमित मालवीय, पीआरओ, एनसीआर