फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   40 Cows Remains Found in jalaun

इलाज से भी न बच सकीं 40 गायें, गम में डूबी गोशाला, शहर में इस वजह से फैली थी सनसनी

Fri, 07 Dec 2018 10:16 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 07 Dec 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
40 Cows Remains Found in jalaun
घटना की जानकारी लेते एसडीएम और सीओ - फोटो : अमर उजाला
यूपी के जालौन-उरई जिले में शहर के बोहदपुरा के पास स्थित गोशाला के पीछे जंगलों में 40 मवेशियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। जब प्रशासनिक व अफसरों की टीम गोशाला में पहुंची तो पता चला कि यहां पर बीमार और घायल गायों का रखा जाता है। गोशाला संचालक ने अफसरों को बताया कि  ये सभी बीमार व घायल गायें थीं और इनकी मौत एक माह के अंदर में हुई है।
विज्ञापन


गायों की मौत के गोशाला में काम करने वाले सभी लोग गमजदा हैं। एसडीएम विकास कश्यप और अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी दोनों का ही कहना है कि गोशाला में बीमार और घायल मवेशियों को रखा जाता था। भूख से मौत की बात गलत है। फिलहाल गोशाला संचालक को खुले में शव न फेंकने की चेतावनी दी गई है। 
विज्ञापन


कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बोहदपुरा के पास जगत जननी गोशाला है। इस गोशाला को महाराष्ट्र के रहने वाले गोदास महाराज पिछले एक वर्ष से प्रशासन व आम लोगों के सहयोग से संचालित कर रहे है। शुक्रवार को बोहदपुरा के ग्रामीणों को जंगल में मवेशियों के दर्जनों शव दिखे। जिसकी सूचना आसपास के गांवों में पहुंची तो देखते ही देखते जंगल में लोगों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना फोन से जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर को दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोशाला में सिर्फ घायल और बीमार गाय ही रखी जाती थीं

40 Cows Remains Found in jalaun
मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी विकास कश्यप, सीओ संतोष कुमार व कोतवाल आरके सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने अफसरों से कहा कि गोशाला में अनदेखी व भूख के चलते रोजाना दर्जनों मवेशियों की मौत हो रही है। शवों को बाद में खुले में फेंक दिया जाता है। जिससे सड़ांध फैलती है और बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी रहती है।

इसके बाद प्रशासन ने तत्काल ही जेसीबी मंगाकर खुले में पड़े शवों को दफनाना शुरू करा दिया। सीओ सिटी संतोष कुमार का कहना है कि गोशाला में सिर्फ घायल और बीमार गाय ही रखी जाती थीं। संचालकों का कहना है कि इस मवेशियों की मौत करीब एक माह के भीतर हुई हैं। भूख से मरने जैसी कोई बात नहीं है। सीओ के मुताबिक भविष्य में मवेशियों की मौत पर पोस्टमार्टम कराकर उन्हें दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच पड़ताल भी की जा रही है, यदि अफवाह में जरा सी भी सच्चाई मिली तो कार्रवाई भी होना तय है। फिलहाल न कोई तहरीर मिली है और न ही अभी तक कोई लिखापढ़ी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed