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Kanpur News: 128 करोड़ के बिल का भुगतान न होने से 301 पेयजल योजनाएं अटकीं

Wed, 08 Oct 2025 01:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 08 Oct 2025 01:12 AM IST
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301 drinking water schemes stalled due to non-payment of bills worth Rs 128 crore.
कानपुर देहात। जल जीवन मिशन में बजट की कमी से करीब डेढ़ लाख घरों में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। चार कार्यदायी संस्थाओं के 128 करोड़ रुपये के बिल फंसे हैं। इस वजह से अधिकांश पेयजल योजनाओं में काम रुका है। कुछ में काम सुस्त गति से हो रहा है।
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जल जीवन मिशन से जिले में 504 पेयजल योजनाएं बनाने का लक्ष्य हैं। करीब दो साल में केवल 203 पेयजल योजनाएं ही पूरी की जा सकी हैं। वहीं 301 योजनाओं में काम अधूरे हैं। इनमें से दो सौ से अधिक योजनाओं में काम रुका है। जबकि सौ योजनाओं में सुस्त गति से काम चल रहा है। ऐसे में इस साल दिसंबर में भी पेयजल योजना का काम पूरा होने में संशय बना है।
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बता दें कि पहले ही इन कार्यदायी संस्थाओं ने योजनाओं की समयावधि बढ़वाई है। बजट की कमी से काम में सुस्ती की वजह से घरों में जलापूर्ति का इंतजार बढ़ गया है। इन योजनाओं से करीब डेढ़ लाख घरों में जलापूर्ति की जानी हैं। विभागीय जानकारों का कहना है कि शासन स्तर पर करीब 58 करोड़ के बिल भुगतान के लिए लंबित हैं। वहीं जिला मुख्यालय स्तर पर भी 70 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इस प्रकार 128 करोड़ के बिल अटके हैं। भुगतान नहीं होने से काम गति नहीं पकड़ रहा है। इन सभी परियोजनाओं को इस साल दिसंबर तक पूरा करना है। यही स्थिति रही तो समय से परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकेंगी।
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कार्यदायी संस्थावार कहां कितनी पेयजल योजनाएं अधूरी
- आईएचपी : 39
- जीवीपीआर : 96
- एससीएल-वीएसए : 139
- वीटीएल गाजा : 27
कुल : 301
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बयान-
जल जीवन मिशन में जिले की 301 पेयजल योजनाओं में काम अधूरा है। सिखमापुर व श्यामपुर में जमीन न मिलने से प्रगति शून्य है। चारों कार्यदायी संस्थाओं के 58 करोड़ रुपये के बजट मंजूरी के लिए शासन में लंबित हैं। वहीं जिला स्तर पर करीब 70 करोड़ के बजट आगे की प्रक्रिया के लिए लंबित हैं। भुगतान अटका होने से पेयजल योजनाओं में अपेक्षित गति से काम नहीं हो पा रहा है। - टीआर कटारिया, एक्सईएन जल निगम

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पाइप लाइन डालने के दौरान खोदे रास्ते नहीं कराए दुरुस्त
कार्यदायी संस्थाओं ने पाइप लाइन बिछाने में पक्के रास्ते खोद दिए हैं। इधर बजट के अभाव में इन रास्तों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। डेरापुर के नोनारी, सिकंदरा के फिरोजपुर, भदेसा आदि के रास्ते ठीक नहीं कराए गए हैं। वहीं सैंथा में रास्तों को ठीक कराने में खानापूरी की गई है। इसकी वजह से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
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