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Kanpur News: आंधी में ठप हुए 30 उपकेंद्र, डेढ़ लाख घरों की बत्ती गुल

Wed, 10 Jun 2026 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 10 Jun 2026 01:13 AM IST
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30 substations were disrupted due to the storm, leaving 1.5 lakh homes without power.
कानपुर देहात/रूरा। गरज-चमक के साथ मंगलवार देर रात बूंदाबांदी होने और आंधी आने से जिले के 30 उपकेंद्र ठप हो गए। इस दौरान डेढ़ लाख घरों की बिजली गुल रही। करीब दो घंटे बाद उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति बहाल हुई। कई जगह पूरी रात आंख मिचौली होती रही तो लोगों की नींद में खलल पड़ा। इधर पोल टूटने से 50 से अधिक गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही। मंगलवार सुबह पेयजल किल्लत से लोगों को जूझना पड़ा।
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जिले में 47 उपकेंद्र हैं। मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे 40 किमी की रफ्तार से आंधी चली। गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी भी हुई। इस दौरान अकबरपुर, रूरा, बनीपारा, मिंडाकुआं, डेरापुर, कहिंजरी, सरवनखेड़ा, गजनेर, ग्रोथ सेंटर समेत तीस उपकेंद्र ठप हो गए। रूरा संवाद के अनुसार बनीपारा उपकेंद्र के सिठमरा फीडर में अड़रेपुरवा गांव के पास आंधी में आम का पेड़ टूटकर एचटी लाइन पर गिर गया। इससे बिजली के आठ पोल में टूट गए। तार उलझकर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे सिठमरा फीडर से जुड़े अड़रेपुरवा, जसू, भरथु, लक्ष्मणपुरवा,अमौली, कोकतापुर, बाजपेयी पुरवा, सीतापुर सहित 10 गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही। करीब पांच हजार आबादी को परेशान होना पड़ा।
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अड़रेपुरवा निवासी शिवमंगल सिंह व सिठमरा निवासी अनोखे शुक्ला, कपिल व राजा शर्मा ने बताया कि पूरी रात बिजली गुल रही तो करवट बदलते रात कटी। मंगलवार सुबह पेयजल किल्लत रही। बनीपारा उपकेंद्र के जेई राजकुमार ने बताया कि पोल बदलने व बिजली लाइन दुरुस्त करने का काम कराया जा रहा है। देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने की उम्मीद है। सरवनखेड़ा संवाद के अनुसार रात में आयी आंधी से पियासी फीडर में भिखनापुर गांव के पास एक पेड़ टूटकर बिजली लाइन पर गिर गया। इससे सैंथा, गंगागंज, हिलौठी, भैथाना, मुर्रा, भरतपुर पियासी, आलापुर, नंदपुर समेत दस गांवों की बिजली गुल रही। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। ग्रोथ सेंटर उपकेंद्र के तिलौची गांव के लिए बनी लाइन का एक पोल टूट गया। पिछले दिनों आंधी में क्षतिग्रस्त बिजली लाइन अभी पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हो सकी है। निजी नलकूप की बिजली लाइन से तिलौंची को बिजली दी जा रही है।
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बयान..
गर्मी में बिजली की मांग बढ़ गई है और फाल्ट हो रहे हैं। सप्ताह में कई बार आंधी आने से बिजली के करीब तीन सौ से अधिक पोल टूटे हैं। बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई है। अधिकांश पोल बदलकर बिजली लाइनों को ठीक कराया गया। सोमवार फिर से आंधी आने से बिजली लाइनों को नुकसान हुआ है। टूटे पोल बदलवाए जा रहे हैं। जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करना प्राथमिकता है।
- सुमित व्यास, अधीक्षण अभियंता ।

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फोटो- 12 अकबरपुर उपकेंद्र में रखी माती व बाढ़ापुर फीडर की खराब वीसीबी। संवाद
पहले वीसीबी फुंकने फिर आंधी आने से गुल रही बिजली
कानपुर देहात। अकबरपुर उपकेंद्र से सोमवार पूरी रात बिजली बेपटरी रही। उमस भरी गर्मी में लोग करवट बदलते रहे। मौसम खराब होने व गरज-चमक की वजह से लोग खुले में नहीं लेट सके। उपकेंद्र के बाढ़ापुर फीडर की वीसीबी (वैक्युम सर्किट ब्रेकर) रात करीब 11 बजे तेज धमाके के साथ जल गई। उपकेंद्र ब्रेक डाउन होने से छह हजार घरों की बिजली गुल हो गई। देर रात करीब दो बजे वैकल्पिक वीसीबी से बाढ़ापुर फीडर जोड़कर नगर की बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। इसके ठीक बाद आंधी आ गई। इससे उपकेंद्र ठप हो गया। आंधी थमने पर रात तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। इसके दस मिनट बाद ही माती फीडर में फाल्ट हो गया। इससे नगर की बिजली बंद रही। रात 3:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। बता दें कि माती फीडर की वीसीबी पहले ही दो दिन से फुंकी रखी है। वैकल्पिक वीसीबी से माती फीडर से जुड़े कनेक्शनों को बिजली आपूर्ति हो रही है। एसडीओ रवी प्रताप ने बताया कि वीसीबी फुंकने व आंधी की वजह से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। (संवाद)

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फोटो- 17 आंधी में उड़ी उड़द की फसल को समेटते किसान। संवाद
आंधी में उड़ी खेत में रखी उड़द-मूंग की फसल
सरवनखेड़ा। मंगलवार देर रात आयी आंधी में खेतों में कटी पड़ी उड़द व मूंग की फसल दूर-दूर तक फैल गई। मंगलवार सुबह किसान फसल समेटने में लगे रहे। सैंथा निवासी रत्नेश अवस्थी ने बताया कि तीन बीघे उड़द की फसल खेत में कटी पड़ी थी। आंधी में फसल उड़कर दूर-दूर तक फैल गई। अब पूरी फसल को समेटना मुश्किल हो रहा है। सेरुवा निवासी कमलेश पासवान ने बताया कि चार बीघे की मूंग की फसल काट कर खलिहान में जमा कर दी थी। आंधी में फसल दूसरे खेतों में फैल गई। अब बिखरी फसल को समेटने में मुश्किल आ रही है। (संवाद)
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