Kanpur: शहर से महाकुंभ गया 25 करोड़ का दाल-चावल, 10 लाख किलो चाय और 50 करोड़ के कंबल दे रहे हैं राहत
Kanpur News: महाकुंभ ने कुछ ही दिन में शहर को 10 लाख किलो चाय का कारोबार दिया है। आगे के लिए भी अच्छे ऑर्डर कारोबारियों को मिल रहे हैं। ठंड ज्यादा पड़ने की संभावना के चलते कारोबारी भी ज्यादा से ज्यादा स्टाक कर रहे हैं।
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विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ प्रयागराज में शुरू हो चुका है। फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन से शहर के कारोबारियों की झोली में एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा आने की उम्मीद है। सौ करोड़ से ज्यादा की चाय, बल्ली, बांस, तिरपाल, दाल-चावल और पूजन सामग्री की बिक्री हो चुकी है। अभी तक 10 लाख किलो चाय भेजी जा चुकी है। 50 करोड़ के कंबल बिक चुके हैं। स्टाक खत्म हो गया है। मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होने से कंबल के दाम बढ़ गए हैं।
महाकुंभ में करोड़ों लोगों के आने से अलग-अलग क्षेत्रों में बंपर कारोबार मिल रहा है। शहर में किराना, दाल, चावल, चाय, बांस, बल्ली, तिरपाल, कपड़ों का बड़ा कारोबार है। प्रयागराज में बड़ी मंडी होने के बाद भी इनकी आपूर्ति कम पड़ रही है। इसका सीधा लाभ शहर के कारोबारियों को मिल रहा है। महाकुंभ ने कुछ ही दिन में शहर को 10 लाख किलो चाय का कारोबार दिया है। आगे के लिए भी अच्छे ऑर्डर कारोबारियों को मिल रहे हैं। ठंड ज्यादा पड़ने की संभावना के चलते कारोबारी भी ज्यादा से ज्यादा स्टाक कर रहे हैं। ठंड के चलते कंबलों की भी बंपर मांग है।
- कुंभ के लिए बांस, बल्ली, प्लाई और तिरपाल की बहुत अच्छी मांग रही है। करीब 10 करोड़ का कारोबार मिल चुका है। आगे के ऑर्डर भी मिल रहे हैं। कुंभ से शहर के अलग-अलग ट्रेड को भी अच्छा कारोबार मिला है।
-सरदार गुरुजिंदर सिंह, प्रदेश महामंत्री, टिंबर उद्योग व्यापार मंडल - शहर से अलग-अलग ब्रांडों की 10 लाख किलो चाय भेजी जा चुकी है। इस बार ठंड भी ज्यादा है। चाय की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। करीब 50 करोड़ का कारोबार मिल चुका है। आगे के ऑर्डर भी हैं। -श्याम अग्रहरि, अध्यक्ष, कानपुर चाय व्यापार मंडल
- दान करने वाले कंबलों की बंपर मांग है। 50 करोड़ के कंबल की बिक्री की जा चुकी है। कारोबारियों का स्टाक खत्म हो गया है। मांग ज्यादा होने से कंबलों के दाम में तेजी आ गई है। 100 वाला कंबल 115 रुपये प्रति पीस बिक रहा है। -रुमित सिंह सागरी, निदेशक, कानपुर कपड़ा कमेटी
- कुंभ के लिए अलग-अलग प्रकार की दाल, चावल के साथ ही किराना आइटमों की बहुत अच्छी मांग है। शहर से करीब 25 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। महाकुंभ ने कारोबारियों को बहुत अच्छा व्यापार दिया है। -सचिन त्रिवेदी, दाल-चावल कारोबारी
कैट ने जताई दो लाख करोड़ से अधिक के व्यापार की उम्मीद
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक अनुमान के तहत इस महाकुंभ में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने की उम्मीद जताई है। प्रयागराज और आसपास के शहरों में व्यापार को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। रेलवे, वायु सेवाओं और सड़क परिवहन को भी बड़ी आय होने की संभावना है। एक अनुमान के अनुसार, अगर धार्मिक यात्रा के दौरान प्रति व्यक्ति 5,000 रुपये खर्च होते हैं तो व्यापार का आंकड़ा दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। इसमें होटलों, धर्मशालाओं, अस्थायी ठहराव, भोजन, पूजा सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य वस्तुओं तथा सेवाओं पर खर्च भी शामिल है।