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फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा फफूंद का अस्पताल
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:35 AM IST
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फफूंद/औरैया। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छह माह से फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। यहां किसी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से लोगों को प्राईवेट अस्पतालों में जाकर मंहगा इलाज कराना पड़ रहा है।
इसके साथ ही महिला अस्पताल में भी कोई डॉक्टर नहीं है। छह माह से दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। भीषण गर्मी के कारण बीमारियों का प्रकोप चल रहा है।
मगर पीएचसी में डॉक्टरों के न मिलने पर मरीजों को मजबूरी में प्राईवेट अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ता है।
गर्भवती महिलाओं को रात में दिक्कत होने पर दिबियापुर या औरैया की दौड़ लगानी पड़ती है। घायल होने पर 10 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
समय से इलाज न मिलने पर कई घायलों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग मौन बैठा है। कस्बे के लोगों ने डीएम से मांग की है कि फफूंद पीएचसी व महिला अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति कराई जाए जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सके।
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- छह माह से किसी डॉक्टर की नहीं हो सकी नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
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इसके साथ ही महिला अस्पताल में भी कोई डॉक्टर नहीं है। छह माह से दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। भीषण गर्मी के कारण बीमारियों का प्रकोप चल रहा है।
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मगर पीएचसी में डॉक्टरों के न मिलने पर मरीजों को मजबूरी में प्राईवेट अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ता है।
गर्भवती महिलाओं को रात में दिक्कत होने पर दिबियापुर या औरैया की दौड़ लगानी पड़ती है। घायल होने पर 10 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
समय से इलाज न मिलने पर कई घायलों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग मौन बैठा है। कस्बे के लोगों ने डीएम से मांग की है कि फफूंद पीएचसी व महिला अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति कराई जाए जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सके।
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- छह माह से किसी डॉक्टर की नहीं हो सकी नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो