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जानलेवा हमले में सात साल का कारावास
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:54 PM IST
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फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश परवेज अहमद ने जान लेवा हमले के मुकदमे के एक आरोपी को दोषी पाकर सात साल की सजा सुनाई है। पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुर निवासी मनोज कुमार 30 अक्तूबर 1999 को शाम सात बजे तालाब के पास जा रहा था। पुरानी रंजिश में गांव के महावीर, उसके भाई उदयवीर ने गांव के धर्मवीर के साथ मनोज कुमार को घेर लिया। मारपीट कर घसीट कर बाग में ले जा रहे थे। विरोध करने पर महावीर ने गोली मार दी। गोली हाथ में
लगने से मनोज कुमार घायल हो गया। शोर शराबा पर गांव के लोगों आए तो आरोपी धमकी देकर भाग गए थे। घायल मनोज कुमार ने महावीर, उदयवीर और धर्मवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वरी कुमारी शाक्या ने दलीले पेश की। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी महावीर को जान लेवा हमला और धमकी देने के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी धर्मवीर और उदयवीर को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
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जानलेवा हमले में सात साल की कैद
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
साक्ष्य के अभाव में मामले में दो आरोपी दोषमुक्त करार
अमर उजाला ब्यूरो
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुर निवासी मनोज कुमार 30 अक्तूबर 1999 को शाम सात बजे तालाब के पास जा रहा था। पुरानी रंजिश में गांव के महावीर, उसके भाई उदयवीर ने गांव के धर्मवीर के साथ मनोज कुमार को घेर लिया। मारपीट कर घसीट कर बाग में ले जा रहे थे। विरोध करने पर महावीर ने गोली मार दी। गोली हाथ में
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लगने से मनोज कुमार घायल हो गया। शोर शराबा पर गांव के लोगों आए तो आरोपी धमकी देकर भाग गए थे। घायल मनोज कुमार ने महावीर, उदयवीर और धर्मवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वरी कुमारी शाक्या ने दलीले पेश की। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी महावीर को जान लेवा हमला और धमकी देने के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी धर्मवीर और उदयवीर को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
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जानलेवा हमले में सात साल की कैद
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
साक्ष्य के अभाव में मामले में दो आरोपी दोषमुक्त करार
अमर उजाला ब्यूरो