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हमीरपुर में एंबुलेंस के इंतजार में तड़पते रहे झुलसे मां-बच्चे
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:21 AM IST
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हमीरपुर । राठ के अमगांव में चार बच्चों समेत खुद को मिट्टी का तेल लगाकर आग लगाने वाली महिला को अस्पताल ले जाने के लिए एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार किया जाता रहा। इसके बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पुलिस ने निजी वाहन से सभी को सीएचसी पहुंचाया। इसी प्रकार गांव में दमकल वाहन भी तब पहुंचा, जब आग बुझाई जा चुकी थी।
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे की सूचना पुलिस को देने के साथ ही फायर ब्रिगेड को दी गई। पुलिस पहुंची तो एंबुलेंस को बुलाया गया। इसके बाद करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने तत्काल एंबुलेंस को फोन पर सूचना दी। एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। मगर एंबुलेंस न आने पर आग से झुलसे मासूम बच्चों को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। मौके पर एंबुलेंस न आने पर एक बच्ची की अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि महिला को पुलिस जीप ने सीएचसी पहुंचाया गया। समय से झुलसे लोगों को इलाज मिल जाता तो शायद ज्यादा बेहतर होता। वहीं मकान को जलता देख ग्रामीणों ने फायर बिग्रेड को फोन पर सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि एक घंटा देरी से आने पर ग्रामीणों ने आग बुझा ली थी। फायर गाड़ी बिना आग बुझाए बैरंग लौट गई। ग्रामीणों का कहना था कि अगर फायर सर्विस पहले से आ जाती तो गृहस्थी का सामान न जलता।
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-एक घंटे तक होता रहा एंबुलेंस का इंतजार
- निजी व पुलिस के वाहन से सीएचसी ले जाए गए पीड़ित