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किसान की सदमे में मौत
Updated Mon, 26 Feb 2018 10:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। अन्ना जानवरों द्वारा रात में चर डाली गई फसल देखकर सुबह कर्जदार किसान को दिल का दौरा पड़ा और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दौरा पडने की वजह फसल का सदमा और कर्ज की चिंता बताई है।
मरका थाना क्षेत्र के पौंडरा गांव निवासी ननकवा (45) पुत्र शीतल प्रसाद केवट ने अपनी छह बीघा जमीन में गेहूं बोया था। रविवार की रात अन्ना जानवर उसकी पूरी फसल चट कर गए। सोमवार की सुबह उजड़ी फसल देखकर उसकी हालत बिगड़ गई और घर आते ही वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
जिला अस्पताल लाते समय उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस में भाई गोरेलाल ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व पिता ने ट्रैक्टर इत्यादि खरीदने के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से 6 लाख रुपये का कर्ज लिया था। जो बढ़कर अब 11 लाख हो गया है।
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पिता की मौत के बाद कर्ज अदायगी को लेकर ननकवा तनाव में रहता था। मृतक अपने पीछे पत्नी राजकुमारी और चार बच्चे छोड़ गया है। बबेरू एसडीएम एके श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद संभव मदद की जाएगी।
रात में पशुओं ने फसल खाई, सुबह किसान की सदमे में मौत
खेत देखकर पड़ा दौरा, घर के दरवाजे हुआ बेहोश
पिता का लिया 11 लाख कर्ज चुकाने की भी थी चिंता
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बांदा। अन्ना जानवरों द्वारा रात में चर डाली गई फसल देखकर सुबह कर्जदार किसान को दिल का दौरा पड़ा और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दौरा पडने की वजह फसल का सदमा और कर्ज की चिंता बताई है।
मरका थाना क्षेत्र के पौंडरा गांव निवासी ननकवा (45) पुत्र शीतल प्रसाद केवट ने अपनी छह बीघा जमीन में गेहूं बोया था। रविवार की रात अन्ना जानवर उसकी पूरी फसल चट कर गए। सोमवार की सुबह उजड़ी फसल देखकर उसकी हालत बिगड़ गई और घर आते ही वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
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जिला अस्पताल लाते समय उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस में भाई गोरेलाल ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व पिता ने ट्रैक्टर इत्यादि खरीदने के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से 6 लाख रुपये का कर्ज लिया था। जो बढ़कर अब 11 लाख हो गया है।
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पिता की मौत के बाद कर्ज अदायगी को लेकर ननकवा तनाव में रहता था। मृतक अपने पीछे पत्नी राजकुमारी और चार बच्चे छोड़ गया है। बबेरू एसडीएम एके श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के बाद संभव मदद की जाएगी।
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