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1700 साल पुराने इस मंदिर में 12 देवियां करती है इच्छा पूरी

Wed, 29 Mar 2017 06:00 PM IST
राजेश सैनी/ अमर उजाला, कानपुर
राजेश सैनी/ अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 29 Mar 2017 06:00 PM IST
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1700 years old temple of bara devi in kanpur
बारा देवी मंदिर, कानपुर
कानपुर का बारा देवी मंदिर प्राचीनतम मंदिरो में से एक है। इस मंदिर का सटीक इतिहास तो किसी को नहीं मालूम लेकिन कानपुर और आस-पास के जिलों में रहने वालो लोगों में इस मंदिर की देवी के प्रति गहरी आस्था है। तभी साल के बारह महीनों और खासतौर पर नवरात्रि में लाखों भक्तों की अटूट आस्था बारा देवी मंदिर में भीड़ के रूप में उमड़ती है। 
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कानपुर के दक्षिण में स्थित बारा देवी मंदिर का इलाका, बारा देवी के असली नाम से जाना जाता है। बता दें कानपुर दक्षिण के ज्यादातर इलाकों के नाम बारा देवी मंदिर के नाम पर ही रखे गए हैं। इन इलाकों में बर्रा 01 से लेकर बर्रा 09 तक, बिन्गवा, बारासिरोही आदि। बर्रा विश्व बैंक का नाम भी देवी के नाम पर ही रखा गया है।

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मां को रिझाने के लिए श्रद्धालु करते हैं खतरनाक करतब

1700 years old temple of bara devi in kanpur
बारा देवी मंदिर के बाहर जुटे श्रद्धालु करतब दिखाते हुए - फोटो : अमर उजाला

बारा देवी मंदिर में आने वाला हर भक्त अपनी मनोकामना मांग कर चुनरी बांधता है, तो कहीं पर श्रद्धालु मां को रिझाने के लिए खतरनाक करतब भी कर दिखाते हैं। कोई आग से खेलता है तो कोई अपने गाल के आरपार नुकीली धातु पार कर दिखाता है।  
 

एएसआइ की टीम कर चुकी है मंदिर का सर्वेक्षण

1700 years old temple of bara devi in kanpur
सुईयों से अपना बदन गुदवाए मां का एक भक्त - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
यूं तो मंदिर के इतिहास के बारे में सही-सही ज्ञात नहीं होता लेकिन मंदिर में रहने वालों का कहना है कि कुछ समय पहले एएसआइ की टीम ने इस मंदिर का सर्वेक्षण किया था जिसमें पता चला था कि मंदिर की मूर्ति लगभग 15  से 17 सौ वर्ष पुरानी है।

मंदिर के पुजारी दीपक का कहना है मंदिर से जुड़ी एक कथा बेहद प्रसिद्ध है, एक बार पिता से हुई अनबन पर उनके कोप से बचने के लिए घर से एक साथ 12 बहनें भाग गई। सारी बहनें किदवई नगर में मूर्ति बनकर स्थापित हो गई। पत्थर बनी यही 12 बहनें कई सालों बाद बारादेवी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुई। कहा जाता है कि बहनों के श्राप से उनके पिता भी पत्थर हो गए थे।
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