{"_id":"59f378094f1c1bda538b964e","slug":"161509128201-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गड्ढा खोदकर दिखला दिया तालाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गड्ढा खोदकर दिखला दिया तालाब
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। पूरे कुएं में भांग घुली है। मनरेगा योजना के तहत तालाब खुदाई व पक्का निर्माण कराने में खेल हो गया। दरअसल कहीं गड्ढा खोदकर तालाब दिखा दिया गया तो अन्य जगह कार्य का श्रीगणेश ही नहीं हुआ और रकम भी निकाल ली गई। दो सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट में गड़बड़ी का खुलासा होने पर एसडीएम ने पूर्व प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई को डीएम के पास फाइल भेजी है।
राजेपुर ब्लाक की ग्राम सभा बर्राखेड़ा में 2009-10 में मनरेगा योजना के तहत 58400 रुपये तालाब खुदाई के लिए स्वीकृत हुए थे। इसमें से 11400 रुपये से तालाब पर पक्का निर्माण कराया जाना था। पूर्व प्रधान और सचिव ने तालाब की खुदाई कराने के बाद पक्का काम नहीं कराया गया और इस मद में 11400 रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह 2012-13 में गांव में लालाराम कुशवाहा के घर के सामने पड़ी जमीन पर तालाब खुदाई व पक्का काम कराने को 14000 रुपये मनरेगा योजना के तहत खर्च किए गए। काम न होने पर गांव के अनिल कुमार ने आईजीआरएस पर 15 अक्तूबर 2017 को शिकायत की। इसकी जांच नायब तहसीलदार अमृतपुर, सहायक अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड से कराई गई। जांच टीम को 2009-10 में तालाब पर पक्का निर्माण नहीं मिला। इसी क्रम में 2012-13 में अभिलेखों में तालाब दर्ज नहीं मिला। वहां पर मिट्टी खुदाई होने के कारण गड्ढा हो गया था। इसको तालाब खुदाई और पक्का काम दिखाकर 14 हजार रुपये मनरेगा खाते से निकाल लिए गए। जांच कमेटी ने अपनी आख्या में घोटाले की पुष्टि कर एसडीएम अमृतपुर को रिपोर्ट दी। एसडीएम ने पूर्व प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति को डीएम मोनिका रानी को रिपोर्ट भेज दी है।
गड्ढा खोदकर दिखा दिया तालाब
मनरेगा योजना के तहत हुआ खेल, पूर्व प्रधान व सचिव पर होगी कार्रवाई
जांच टीम ने पकड़ी गड़बड़ी, डीएम को दी गई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
राजेपुर ब्लाक की ग्राम सभा बर्राखेड़ा में 2009-10 में मनरेगा योजना के तहत 58400 रुपये तालाब खुदाई के लिए स्वीकृत हुए थे। इसमें से 11400 रुपये से तालाब पर पक्का निर्माण कराया जाना था। पूर्व प्रधान और सचिव ने तालाब की खुदाई कराने के बाद पक्का काम नहीं कराया गया और इस मद में 11400 रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह 2012-13 में गांव में लालाराम कुशवाहा के घर के सामने पड़ी जमीन पर तालाब खुदाई व पक्का काम कराने को 14000 रुपये मनरेगा योजना के तहत खर्च किए गए। काम न होने पर गांव के अनिल कुमार ने आईजीआरएस पर 15 अक्तूबर 2017 को शिकायत की। इसकी जांच नायब तहसीलदार अमृतपुर, सहायक अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड से कराई गई। जांच टीम को 2009-10 में तालाब पर पक्का निर्माण नहीं मिला। इसी क्रम में 2012-13 में अभिलेखों में तालाब दर्ज नहीं मिला। वहां पर मिट्टी खुदाई होने के कारण गड्ढा हो गया था। इसको तालाब खुदाई और पक्का काम दिखाकर 14 हजार रुपये मनरेगा खाते से निकाल लिए गए। जांच कमेटी ने अपनी आख्या में घोटाले की पुष्टि कर एसडीएम अमृतपुर को रिपोर्ट दी। एसडीएम ने पूर्व प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति को डीएम मोनिका रानी को रिपोर्ट भेज दी है।
विज्ञापन
गड्ढा खोदकर दिखा दिया तालाब
मनरेगा योजना के तहत हुआ खेल, पूर्व प्रधान व सचिव पर होगी कार्रवाई
जांच टीम ने पकड़ी गड़बड़ी, डीएम को दी गई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो