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फतेहपुर: महिला ने दो बच्चों संग खाया जहर
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फतेहपुर। मलवां थाने के सहिबापुर गांव में बुधवार रात एक महिला ने देवर व दो बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर जब सास ने देखा तो शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। सभी को आननफानन में जिला अस्पताल लाया गया। यहां से कानपुर हैलट के लिए रेफर कर दिया गया है।
सहिबापुर गांव में किसान परिवार की सत्तो देवी का घर है। इनका बेटा रामशरन मुंबई में शटरिंग ठेकेदार था। करीब ढाई साल पहले फतेहपुर में सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। रामशरन की पत्नी रीता(27), देवर शेखर(20), रीता के बच्चे जान्हवी(6), गोलू(2) साथ रहकर जीविकोपार्जन कर रहे थे। सत्तो देवी ने बताया कि बुधवार रात वह बाहर लेटी थीं। अचानक किसी काम से घर के भीतर गईं तो देखा रीता, शेखर, जान्हवी और
गोलू तड़प रहे हैं। परेशान होकर शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। शेखर बंगलौर में शटरिंग का कार्य करता है। पर, 11 जून को सहिबापुर आया था, तभी से यहीं रह रहा था। पहले यह पुराने घर जमरावां में रहा करता था। इधर, हैलट में रीता और शेखर की बोलने की स्थिति नहीं थी। बच्चों ने बताया कि जहर खाया है लेकिन कौन सा जहर वह नहीं बता सके। सभी को हैलट रेफर कर दिया गया है। डॉक्टर किसी तगड़े जहर का अंदेशा जता रहे हैं। थानेदार नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि परिवार की ओर से उन्हें कोई सूूचना नहीं मिली है। यदि जानकारी मिलती है तो वजह जानने के लिए छानबीन कराई जाएगी।
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सहिबापुर गांव में किसान परिवार की सत्तो देवी का घर है। इनका बेटा रामशरन मुंबई में शटरिंग ठेकेदार था। करीब ढाई साल पहले फतेहपुर में सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। रामशरन की पत्नी रीता(27), देवर शेखर(20), रीता के बच्चे जान्हवी(6), गोलू(2) साथ रहकर जीविकोपार्जन कर रहे थे। सत्तो देवी ने बताया कि बुधवार रात वह बाहर लेटी थीं। अचानक किसी काम से घर के भीतर गईं तो देखा रीता, शेखर, जान्हवी और
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गोलू तड़प रहे हैं। परेशान होकर शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। शेखर बंगलौर में शटरिंग का कार्य करता है। पर, 11 जून को सहिबापुर आया था, तभी से यहीं रह रहा था। पहले यह पुराने घर जमरावां में रहा करता था। इधर, हैलट में रीता और शेखर की बोलने की स्थिति नहीं थी। बच्चों ने बताया कि जहर खाया है लेकिन कौन सा जहर वह नहीं बता सके। सभी को हैलट रेफर कर दिया गया है। डॉक्टर किसी तगड़े जहर का अंदेशा जता रहे हैं। थानेदार नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि परिवार की ओर से उन्हें कोई सूूचना नहीं मिली है। यदि जानकारी मिलती है तो वजह जानने के लिए छानबीन कराई जाएगी।
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