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बीमारियां फैला रहा गेस्ट हाउस का कचरा
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अमर उजाला ब्यूरो
झींझक। झींझक और मंगलपुर कंचौसी के गेस्ट हादसों के बाहर जमा कचरा बीमारियां फैला रहा है। कचरे के ढेर से उठने वाले बदबू से आसपास के रहवासियों के साथ राहगीर भी परेशान हैं। जूझने के साथ प्लास्टिक खाने से मवेशियों की जान को भी खतरा बन रहा है। लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
झींझक नगरपालिका क्षेत्र में छह और मंगलपुर में दो गेस्ट हाउस हैं। इन गेस्ट हाउस में विवाह, तिलक आदि कार्यक्रमों के बाद बचा खाना, प्लास्टिक ग्लास व कटोरी सहित तमाम कचरा बाहर ही फेंक दिया जाता है। कचरे के ढेर से बदबू आने से आसपास रहने वाले लोगों के साथ राहगीरों का निकलना मुश्किल हो रहा है। कचरे के ढेर के साथ प्लास्टिक खाने से मवेशियों के जीवन पर भी खतरा रहता है। झींझक के पिंकू यादव, मुंडेरा के कृपाशंकर, गौरी के राहुल, मंगलपुर के अशोक आदि ने बताया कि हवा के झोंके के साथ बदबू घरों तक पहुंच जाते हैं।
कई बार खाना खाते समय हवा के झोंक के साथ बदबू आने पर उल्टी तक हो जाती है। गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की भी आशंका बनी रहती है। एडीओ पंचायत रजनीश वर्मा ने बताया कि गेस्ट हाउस संचालकों को बचा खाना गड्ढा खोदकर जमीन में गड़वाने और प्लास्टिक ग्लास व कटोरी को नष्ट कराने के निर्देश हैं। गेस्ट हाउस संचालकों ने अगर कचरा नहीं उठवाया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बीमारियां फैला रहा गेस्ट हाउस का कचरा
झींझक और मंगलपुर गेस्ट हाउस के बाहर लगे कचरे के ढेर
दुर्गंध से आसपास के रहवासी और राहगीर हो रहे हैं परेशान
फोटो संख्या 15एकेबीपी07- सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर
फोटो संख्या 15एकेबीपी08- शालू मिश्रा
फोटो संख्या 15एकेबीपी09- राम शरण
फोटो संख्या 15एकेबीपी10- कल्लू यादव
फोटो संख्या 15एकेबीपी11- पिंकू यादव
झींझक। झींझक और मंगलपुर कंचौसी के गेस्ट हादसों के बाहर जमा कचरा बीमारियां फैला रहा है। कचरे के ढेर से उठने वाले बदबू से आसपास के रहवासियों के साथ राहगीर भी परेशान हैं। जूझने के साथ प्लास्टिक खाने से मवेशियों की जान को भी खतरा बन रहा है। लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
झींझक नगरपालिका क्षेत्र में छह और मंगलपुर में दो गेस्ट हाउस हैं। इन गेस्ट हाउस में विवाह, तिलक आदि कार्यक्रमों के बाद बचा खाना, प्लास्टिक ग्लास व कटोरी सहित तमाम कचरा बाहर ही फेंक दिया जाता है। कचरे के ढेर से बदबू आने से आसपास रहने वाले लोगों के साथ राहगीरों का निकलना मुश्किल हो रहा है। कचरे के ढेर के साथ प्लास्टिक खाने से मवेशियों के जीवन पर भी खतरा रहता है। झींझक के पिंकू यादव, मुंडेरा के कृपाशंकर, गौरी के राहुल, मंगलपुर के अशोक आदि ने बताया कि हवा के झोंके के साथ बदबू घरों तक पहुंच जाते हैं।
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कई बार खाना खाते समय हवा के झोंक के साथ बदबू आने पर उल्टी तक हो जाती है। गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की भी आशंका बनी रहती है। एडीओ पंचायत रजनीश वर्मा ने बताया कि गेस्ट हाउस संचालकों को बचा खाना गड्ढा खोदकर जमीन में गड़वाने और प्लास्टिक ग्लास व कटोरी को नष्ट कराने के निर्देश हैं। गेस्ट हाउस संचालकों ने अगर कचरा नहीं उठवाया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बीमारियां फैला रहा गेस्ट हाउस का कचरा
झींझक और मंगलपुर गेस्ट हाउस के बाहर लगे कचरे के ढेर
दुर्गंध से आसपास के रहवासी और राहगीर हो रहे हैं परेशान
फोटो संख्या 15एकेबीपी07- सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर
फोटो संख्या 15एकेबीपी08- शालू मिश्रा
फोटो संख्या 15एकेबीपी09- राम शरण
फोटो संख्या 15एकेबीपी10- कल्लू यादव
फोटो संख्या 15एकेबीपी11- पिंकू यादव